मिलिंद सोमन, आलिया भट्ट का ब्रांड Ed-a-Mamma और सनी लियोन का ब्रांड I Am Animal PETA इंडिया के वीगन फैशन अवार्ड्स 2021 के विजेताओं की सूची में शामिल

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देशभर के डिज़ाइनरों और रिटेलरों के पास क्रूरता-मुक्त वीगन कपड़ों एवं आभूषओं की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी बीच विश्व वीगन माह (नवंबर) के उपलक्ष्य में पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ़ एनिमल्स (PETA) इंडिया ने वीगन फैशन अवार्ड्स 2021 का आयोजन कर सर्वश्रेष्ठ वीगन हस्तियों एवं ब्रांडों को पुरस्कृत किया है।

सभी विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

 

 

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milind soman website banner image for vegan fashion lookbook (1)

 

  • दयालु बिजनेस अवॉर्ड: Empyrean Luxury नामक लग्जरी फुटवियर ब्रांड ने पशु चमड़े का प्रयोग बंद करके वीगन विकल्प अपनाने का बिल्कुल सही निर्णय लिया।

  • सर्वश्रेष्ठ वीगन ट्रैनर्स: रीसाइकल की गई प्लास्टिक बोतलों और प्लास्टिक बैगों से बनाए गए Thaely के ट्राइनर्स इस पृथ्वी और पशुओं हेतु पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं।

  • सर्वश्रेष्ठ वीगन बैग: Qisa by Lavie द्वारा भारत में निर्मित, 100% वीगन चमड़ा हैन्डबैग्स  आजकल के युवा पर्यावरण-हितैषी ग्राहकों के लिए बिल्कुल सही विकल्प हैं।

 

  • सर्वश्रेष्ठ वीगन पर्स: Zouk द्वारा हाथ से बनाए गए पारंपरिक भारतीय शैली के पर्स पूर्ण रूप से आधुनिक पशु-मुक्त वीगन सामग्री का प्रयोग करके बनाए जाते हैं।

 

  • सर्वश्रेष्ठ वीगन सौन्दर्य प्रसाधन: Plum के त्वचा की देखभाल करने वाले, मेकअप, बालों की देखभाल करने वाले, और अन्य उत्पाद जानवरों से प्राप्त सामग्री से मुक्त होते हैं और जानवरों पर कभी भी परीक्षण नहीं किए जाते हैं।

PETA इंडिया और इसके सहयोगियों ने कई वीडियो प्रकाशित करके फ़ैशन उद्योग में जानवरों पर होने वाले अत्याचार का पर्दाफाश किया है जिसमें ऊन के लिए भेड़ों को पीटना व उनके शरीरिक अंगों को छिन्न-भिन्न करना; मोहेयर और कश्मीरी (ऊन) निकालने के दौरान भेड़ों के शरीर पर गहरे व खूनी घाव बना देना, चमड़े के लिए गायों को बिजली के करंट लगाना, मारना व जलाना; बतख और कलहंसों के पंखों को हाथ से नोंच कर उखाड़ना; विदेशी चमड़ा उद्योग द्वारा जिंदा मगरमच्छों के सिर में लोहे की रोड डालना; फर फार्मों में जानवरों को पीट कर, करंट देकर व दम घोंट कर उन्हें मौत के घाट उतार देना; और सिल्क के निर्माण के लिए जिंदा रेशम के कीड़ों को उबलते पानी में डाल देना शामिल हैं।

जानवरों के चमड़े से कपड़े बनाने के लिए बड़ी मात्रा में ऊर्जा व हानिकारक रसायनों का प्रयोग किया जाता है, जिससे पर्यावरण को गहरी क्षति पहुंचती है। साल 2017 में प्रकाशित रिपोर्ट “Pulse of the Fashion Industry” के अनुसार चमड़ा और सिल्क उद्योग सबसे ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाले फ़ैशन उद्योग हैं।