PETA इंडिया की शिकायत पर कांकरे वन मंडल ने अजगर के साथ दुर्व्यवहार करने वाले आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया

Posted on by Surjeet Singh

एक चौंकाने वाले वीडियो और खबरों में एक व्यक्ति को अजगर को पकड़कर उसके साथ क्रूरता करते हुए दिखाया गया जो कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में संरक्षित प्रजाति है। इस पर PETA इंडिया की शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ वन विभाग के कांकेर वन मंडल ने आरोपी के खिलाफ प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट (POR) दर्ज की है।

PETA इंडिया को कई वीडियो और समाचार रिपोर्टें मिलीं, जिनमें एक व्यक्ति को अपने मोटरसाइकिल से रस्सी के सहारे अजगर को घसीटते हुए देखा गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 और 51 के तहत POR दर्ज की गई है। अजगर की जांच की गई और उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया। अनुसूची-1 में सूचीबद्ध किसी भी प्रजाति के खिलाफ अपराध एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसकी सजा कम से कम 3 साल की जेल, जो 7 साल तक बढ़ सकती है, और ₹25,000 या उससे अधिक का जुर्माना है।

PETA इंडिया कांकेर वन मंडल के वनमंडल अधिकारी श्री रौनक गोयल, IFS के प्रति आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने तत्काल POR दर्ज कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि वन्यजीवों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम आम नागरिकों से अपील करते हैं कि वन्यजीवों से निपटने में कभी भी हिंसा न करें और ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग की मदद लें।

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