हैलोवीन पर पिशाच की तरह सजना चाहते हैं ? PETA इंडिया की ‘क्रूर प्रयोगकर्ता” वाली हैलोवीन पोशाक पशु-परीक्षण की दर्दनाक सच्चाई को उजागर करती है
पालामूर बायोसाइंसेज़ जैसी प्रयोगशालाओं में पशुओं के साथ किए जा रहे दर्दनाक अत्याचारों के खिलाफ विरोध प्रकट करते हुए PETA इंडिया ने हैलोवीन दिवस से पहले एक “क्रूर प्रयोगकर्ता” वाली पोशाक लॉन्च की है। यह किट, जिसे PETAIndia.com से ऑर्डर कर मंगवाया जा सकता है, में एक पेपर मास्क शामिल है जो एक पशु प्रयोगकर्ता के डरावने चेहरे को दर्शाता है, जिसने खून से सना लैब कोट पहना है जिस पर “Cruel Vivisector” लिखा हुआ है, एक बीगल (कुत्ता) खिलौना है जिसके कॉलर टैग पर “Rescue Me” लिखा है, और एक नकली सिरिंज है। इस पोशाक का उद्देश्य उन कुत्तों और अन्य पशुओं की पीड़ा और दुख को उजागर करना है जिन्हें निर्दयी प्रयोगों के लिए पिंजरों में बंद किया जाता है और ज़हर दिया जाता है। इस क्रूरतापूर्ण किट के माध्यम से हम नीति निर्माताओं और आम जनता से आग्रह करते हैं कि वे पशु परीक्षण को मान्यता ना दें और इसके स्थान पर आधुनिक, पशु-मुक्त और मानव-संबंधी परीक्षण विधियों का समर्थन करें।
यह अनोखी पोशाक PETAIndia.com की वेब साइट से ऑर्डर करके मंगाई जा सकती है, और इसकी बिक्री से प्राप्त राशि को PETA इंडिया, सरकारी संस्था Committee for Control and Supervision of Experiments on Animals (CCSEA) से पालामूर बायोसाइंसेज़ में मौजूद 1200 से अधिक बीगल कुत्तों, बंदरों, गायों, सूअरों और अन्य पशुओं को बचाने के अभियान में इस्तेमाल करेगा। इससे पहले CCSEA द्वारा नियुक्त निरीक्षकों ने दिनांक 17 जून को एजेंसी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपकर इन पशुओं को बचाने की सिफारिश की थी। पालामूर बायोसाइंसेज़ में कैद पशुओं में 73 बीगल कुत्ते भी शामिल हैं, जिन्हें अब न तो प्रजनन के लिए और न ही प्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रयोगशाला ने स्वयं इन कुत्तों को “पुनर्वास” के लिए चिह्नित किया है, लेकिन अब तक CCSEA ने उनके बचाव का आदेश नहीं दिया है, और पालामूर बायोसाइंसेज़ ने उन कुत्तों को छोड़ने से इनकार कर दिया है जबकि स्वयं सेवी संस्थाओं ने इन कुत्तों की देखभाल, पुनर्वास और उनके गोद लिए जाने में मदद करने की भी पेशकश की है।
CCSEA द्वारा नियुक्त निरीक्षकों की रिपोर्ट, जो 17 जून को एजेंसी को सौंपी गई थी, में यह साफ लिखा था कि पालामूर बायोसाइंसेज़ में CCSEA की स्वीकृति से कहीं अधिक संख्या में कुत्ते कैद हैं और संस्थान किसी भी पशु की सूची (इन्वेंट्री) प्रस्तुत नहीं कर सका। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पशुओं का बार–बार दर्दनाक प्रयोगों में इस्तेमाल किया गया, जो CCSEA के दिशा–निर्देशों का उल्लंघन है। कुत्ते, मिनीपिग और गायें बेहद दयनीय हालत में पाए गए, फिर भी पालामूर बायोसाइंसेज़ कोई उचित चिकित्सकीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सका। पशुओं को पर्याप्त दर्द निवारक दिए बिना ही उन पर प्रयोग किए गए और उन्हें बिना बेहोश किए ही मार दिया गया। रिपोर्ट में क्रूरता और कुप्रबंधन के कई अन्य उदाहरण भी शामिल हैं। रिपोर्ट का निष्कर्ष कहता है: “PBPL (पालमूर बायोसाइंसेज़) में पाई गई कमियाँ केवल कुछ मामलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे सिस्टम में फैली हुई संरचनात्मक, प्रक्रियागत और नैतिक कमजोरियों को दिखाती हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं की मात्रा और गंभीरता यह दर्शाती है कि यह संस्था पशु कल्याण और नियामक जवाबदेही के तय मानकों का सही पालन नहीं कर रही है।”
यह किट अब ₹1500 (डिलीवरी सहित) में ऑर्डर करने के लिए उपलब्ध है। अपनी किट यहाँ ऑर्डर करें।
