“‘क्या आप मेरी माँ की खाल पहन रहे हैं?’ PETA इंडिया का नया AI-पावर्ड रोबोट बछड़ा ‘जीव’ भारत फैशन फोरम 2026 में लोगों से बातचीत करता नजर आया।
28-29 जनवरी को, PETA इंडिया ने भारत के प्रमुख फैशन शो ‘इंडिया फैशन फोरम 2026’ में अपना AI-पावर्ड रोबोट बछड़ा ‘जीव’ पेश किया। इसका उद्देश्य चमड़े से बने फैशन उत्पादों का उपयोग करने वाले उद्योग के लोगों से सवाल करना था: “क्या आप मेरी माँ को पहन रहे हैं?” इस रोबोट में अत्याधुनिक 3D-प्रिंटेड सिर है और यह बताता है कि कैसे गायें चमड़ा उद्योग में क्रूर परिवहन और हिंसक हत्या झेलती हैं। साथ ही, जब कोई बताता कि वे चमड़ा नहीं बल्कि वीगन जूते, कपड़े या एक्सेसरीज पहनते हैं तो ‘जीव’ (रोबोट बछड़ा) जश्न मनाते हुए नाचता है।
PETA इंडिया ने लगातार चौथे साल इंडिया फैशन फोरम में भाग लिया, जहाँ उसने एक प्रमुख स्टॉल पर इनोवेटिव प्लांट-बेस्ड और अन्य वीगन मटेरियल और फैशन को प्रदर्शित किया। साथ ही, इस मौके पर PETA इंडिया ने एक स्पीच दी और “वीगन फैशन का भविष्य” विषय पर एक विशिष्ट पैनल चर्चा का आयोजन भी किया।
वैभवी अय्यर, हेड ऑफ ग्रोथ, बैनोफी लेदर; C. अंबुमलार, वाइस चेयरमैन, पीए फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड (वीगन वीर्य); ज्योतिप्रकाश मोहापात्रा, जॉइंट प्रेसिडेंट, बीडी ग्रासिम इंडस्ट्रीज; आशिमा कुक्रेजा, डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफेयर्स, PETA इंडिया; और अभिषेक जानी, सीईओ, फेयरट्रेड इंडिया।
आशिमा कुक्रेजा, डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफेयर्स, PETA इंडिया, इंडिया फैशन फोरम 2026 में आए मेहमानों को संबोधित करती हुई
भारत फैशन फोरम 2026 में PETA इंडिया का स्टॉल, जहाँ वीगन कपड़ों के ब्रांड्स और सामग्री प्रदर्शित की गईं
भारत फैशन फोरम 2026 में PETA इंडिया का स्टॉल, जहाँ वीगन कपड़ों के ब्रांड्स और सामग्री प्रदर्शित की गईं
भारत फैशन फोरम 2026 में PETA इंडिया का स्टॉल, जहाँ वीगन कपड़ों के ब्रांड्स और सामग्री प्रदर्शित की गईं
भारत फैशन फोरम 2026 में PETA इंडिया का स्टॉल, जहाँ वीगन कपड़ों के ब्रांड्स और सामग्री प्रदर्शित की गईं
भारत फैशन फोरम 2026 में PETA इंडिया का स्टॉल, जहाँ वीगन कपड़ों के ब्रांड्स और सामग्री प्रदर्शित की गईं
भारत फैशन फोरम 2026 में PETA इंडिया का स्टॉल, जहाँ वीगन कपड़ों के ब्रांड्स और सामग्री प्रदर्शित की गईं
गायों के दोस्त होते हैं, वे जिन्हें चोट पहुँचाई जाती है उनके प्रति नाराजगी रखते हैं, और जब वे अपने साथियों से अलग हो जाती हैं तो शोक मनाती हैं। फिर भी, चमड़ा उद्योग में इस्तेमाल होने वाली गायों और भैंसों को इतनी बड़ी संख्या में वाहनों में ठूंस दिया जाता है कि उनकी हड्डियाँ टूट जाती हैं। जो जीवित बचती हैं, उन्हें बूचड़खानों तक पहुँचने की कठिन यात्रा झेलनी पड़ती है, और वहाँ उनकी मौत दर्दनाक होती है: अन्य पशुओं के सामने खुले में उनकी गर्दनें काट दी जाती हैं, और कई को जीवित अवस्था में होते हु ही उनके शरीर के अंग काट दिए जाते हैं।
चमड़ा उत्पादन पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। पशुओं की खाल को चमड़ा बनाने के लिए क्रोमियम जैसे कठोर रसायनों का इस्तेमाल होता है, जिन्हें नदियों और जल स्रोतों में बहा दिया जाता है जिससे वे इन स्रोतों को दूषित करते हैं और यह रसायन श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यधिक हानिकारक हैं।
लेकिन चमड़े के विकल्प मौजूद हैं। देशभर के कई बड़े कपड़े और जूते के ब्रांड अब वीगन चमड़ा और अन्य पशु अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराते हैं। “PETA-Approved Vegan” प्रमाणपत्र उन कपड़ों, जूतों, एक्सेसरीज, फर्नीचर और घर सजावट की वस्तुओं को पहचानने में मदद करता है जिनके निर्माण में पशुओं का इस्तेमाल नहीं किया गया है। दुनिया भर की 1,000 से अधिक कंपनियाँ इस लोगो का उपयोग कर रही हैं, ताकि लोग आसानी से वीगन और पशु-मित्र विकल्प चुन सकें।
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