अभिनेत्री दिशा पटानी और PETA इंडिया ने केरल के थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम मंदिर को असली हाथी के आकार का मैकेनिकल हाथी भेंट किया
प्रसिद्ध अभिनेत्री दिशा पटानी और PETA इंडिया ने केरल के त्रिशूर ज़िले स्थित थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम मंदिर को असली हाथी के आकार का “थोडाथरा कलापट्टू देवी दासन” नामक मैकेनिकल हाथी भेंट किया है। आज, कायपमंगलम के विधायक श्री ई.टी. टाइसन मास्टर द्वारा समर्थित एवं वार्ड सदस्य श्रीमती फ़सीला अशरफ़, मंदिर के तंत्री श्री बाबू शांति, रक्षकधारी योगेश्वरन थोडथरा, अध्यक्ष श्री मधु थोडथरा, सचिव संध्या देवदास कलापट्टू, कोषाध्यक्ष श्री गिरीश थोडथरा और मंदिर भक्तों की उपस्थिति में ‘थोडथरा कलापट्टू देवी दासन’ का अनावरण किया। यह मैकेनिकल हाथी मंदिर में सुरक्षित एवं क्रूरता-मुक्त तरीके से अनुष्ठान करने के लिए उपयोग किया जाएगा, जिससे असली हाथी जंगल में अपने परिवारों के साथ रह सकेंगे।
PETA इंडिया की यह पहल मंदिर के उस फैसले का सम्मान है जिसमे उन्होंने कभी जीवित हाथियों को मंदिर में ना रखने और न ही किराये पर लेकर का निर्णय लिया है। यह नया मैकेनिकल हाथी थोडाथरा कलापट्टू देवी दासन, दक्षिण भारत के मंदिरों को PETA इंडिया द्वारा दान किया गया बीसवाँ और केरल का ग्यारहवाँ मैकेनिकल हाथी है। इस मैकेनिकल हाथी का स्वागत उद्घाटन समारोह और पंचवाद्यम प्रस्तुति के माध्यम से किया गया।
अभिनेत्री दिशा पटानी ने कहा- “हर दयालु कार्य हमें एक अधिक करुणामय दुनिया के करीब लाता है। मुझे बहुत खुशी है कि अब मैकेनिकल हाथी ‘थोडथरा कलापट्टू देवी दासन’ का उपयोग, थोडथरा कलपट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम मंदिर के अनुष्ठानों और उत्सवों के लिए किया जाएगा, ताकि मंदिर के सारे धार्मिक क्रियाकलाप एवं परंपराएँ गरिमा और करुणा के साथ पूरी की जा सकें।“
कैपमंगलम के विधायक श्री ई.टी. टाइसन मास्टर ने कहा- “मैकेनिकल हाथी का चयन पशुओं और जनता दोनों की रक्षा करने वाला एक प्रगतिशील कदम है। थोडाथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम ने केरल के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण स्थापित किया है। यह करुणामयी निर्णय हमारी सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए, सुरक्षित उत्सव सुनिश्चित करता है।”
वार्ड सदस्य श्रीमती फसीला ने कहा- “यह देखकर दिल को बहुत अच्छा लगता है कि हमारा समुदाय ऐसी नई खोजों को अपनाता है, जो भक्ति और करुणा दोनों को बनाए रखते है। मैकेनिकल हाथी के इस्तेमाल से यह सुनिश्चित होता है कि बिना किसी जीव को कष्ट पहुँचाए, अनुष्ठान, सुंदरता से चलते रहें।”
मंदिर के अध्यक्ष श्री मधु वी. ने कहा- “मैकेनिकल हाथी थोडथरा कलापट्टू देवी दासन” का हमारे मंदिर में स्वागत करना हमारे हृदयों को आनंद से भर देता है। यह विशेष उपहार हमें अपने अनुष्ठानों को भक्ति के साथ संपन्न करने में सहायता करेगा, साथ ही सभी जीवित प्राणियों के प्रति देखभाल और सम्मान प्रदर्शित करेगा। इस विचारशील आविष्कार को अपनाकर हम अपनी पवित्र परंपराओं का सम्मान करते हैं एवं ईश्वर की प्रत्येक रचना के प्रति विश्वास, प्रेम और करुणा का उत्सव मनाते हैं।“
हाथी बुद्धिमान, सक्रिय और सामाजिक वन्यजीव हैं। किन्तु कैद में उन्हें जुलूसों और अन्य आयोजनों में इस्तेमाल करने के लिए मारपीट, हथियारों और बल प्रयोग के द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है। मंदिरों और अन्य स्थानों में उपयोग किए जाने वाले अधिकांश कैद हाथी लंबे समय तक कंक्रीट पर जंजीरों से बाँधे रहने के कारण गंभीर पैरों की समस्याओं और घावों से पीड़ित रहते हैं। उन्हें पर्याप्त भोजन, पानी, पशु चिकित्सा देखभाल और प्राकृतिक जीवन से वंचित रखा जाता है। इन अमानवीय परिस्थितियों में कई हाथी गहरी निराशा और हताशा से आक्रामक हो जाते हैं, और कभी‑कभी अपने महावतों या अन्य मनुष्यों एवं पशुओं को मार डालते हैं। हेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स द्वारा संकलित आँकड़ों के अनुसार, केवल केरल में ही 15 वर्षों की अवधि में कैद हाथियों ने 526 लोगों की जान ली। केरल के उत्सवों में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले हाथियों में से एक, थेचिक्कोट्टुकावु रामचंद्रन, जो लगभग 40 वर्षों से कैद में है, रिपोर्ट के अनुसार अबतक 13 व्यक्तियों की जान ले चुका है जिनमें छह महावत, चार महिलाएँ और तीन हाथी शामिल हैं।
मैकेनिकल हाथी तीन मीटर ऊँचे होते हैं और उनका वज़न लगभग 500 किलोग्राम होता है। रबर, फ़ाइबर, धातु, जाली, फोम और स्टील से निर्मित ये हाथी पाँच मोटरों पर चलते हैं। एक मैकेनिकल हाथी दिखने और महसूस करने में असली हाथी जैसा होता है और उसका उपयोग भी उसी तरह किया जा सकता है। यह सिर हिला सकता है, कान और आँखें हिला सकता है, पूँछ झटका सकता है, सूँड़ उठा सकता है और यहाँ तक कि पानी भी छिड़क सकता है। कोई भी इस पर चढ़ सकता है और इसकी पीठ पर सीट भी लगाई जा सकती है। इसे बिजली से आसानी से चलाया जा सकता है, बस प्लग इन करें और उपयोग करें। इन्हें सड़कों पर ले जाया जा सकता है और पहियों पर लगे होने के कारण इन्हें रस्मों और जुलूसों के लिए आसानी से घुमाया और धकेला जा सकता है।
स्वामी बाबा रामदेव सहित कई सार्वजनिक हस्तियाँ PETA इंडिया के आश्चर्यजनक रूप से वास्तविक यांत्रिक हाथी से पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गई हैं।



