बकरा गया – मुर्गा आ गया : PETA इंडिया का “मैं जीव हूँ, माँस नहीं” विज्ञापन बोर्ड पुनः स्थापित

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8 July 2020

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Radhika Suryavanshi ; [email protected]

Hiraj Laljani ; [email protected]

ईद के दौरान स्थानीय संवेदनशीलता के मद्देनजर, वास्तविक बिलबोर्ड को कहीं और लगाया जाएगा।

लखनऊ– एक बिलबोर्ड जिस पर बकरे के चित्र के साथ संदेश लिखा था कि “I am ME, Not Mutton. See the Individual, Go vegan” जिसका हिन्दी अर्थ है “मैं भी एक जीव हूँ, मांस नहीं। कृपया मुझे जीवित प्राणी के रूप में देखिये। वीगन बनिए”, लखनऊ में ईद के चलते एक स्थानीय व्यक्ति के विरोध पर उस बिलबोर्ड को हटा दिया गया था। अब पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया ने एक नया बिलबोर्ड स्थापित किया है जिसपर एक मुर्गे का चित्र के चित्र के साथ संदेश लिखा है I am ME, Not Meat. See the Individual, Go vegan” जिसका हिन्दी अर्थ है “मैं भी एक जीव हूँ, मांस नहीं। कृपया मुझे जीवित प्राणी के रूप में देखिये। वीगन बनिए”। PETA समूह का मानना है कि बकरों की तरह मुर्गों के जीवन की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है क्यूंकि मुर्गों के माँस का सेवन सबसे अधिक होता है और यह दोनों विज्ञापन बोर्ड इन निर्दोष जीवों को मरने से बचाने की अपील करते हैं।  PETA इंडिया बकरे के चित्र वाले अपने पुराने विज्ञापन को शहर में पुनः लगाने हेतु उचित स्थान की तलाश कर रहा है लेकिन बिलबोर्ड कंपनियाँ इस विज्ञापन को टाँगने में हिचकिचा रही हैं।

PETA के विज्ञापन पर जनता की सीधी नजर पढ़ सके इसलिए इसे लखनऊ के अलीगंज में सैक्टर Q के श्याम स्वाद पर लगाया गया है। बिलबोर्ड विज्ञापन को यहाँ देखा और डाउनलोड किया जा सकता है।

PETA इंडिया के लीगल एसोसिएट आमिर नबी कहते हैं, “सभी जीवित प्राणी अपने जीवन को उतना ही महत्व देते हैं जितना इंसान इसलिए जब तक मानवता के नाते हमें सभी के जीवन का सम्मान करते हुए ऐसे भोजन को अपनाना चाहिए जिससे जानवरों को दर्द एवं पीड़ा ना मिले। पशुओं की हत्याओं को सही ठहराने वाले लोगों को हमारे माँस विरोधी विज्ञापनों का विरोध करना चाहिए लेकिन PETA इंडिया का संदेश जीवों के प्रति दया एवं करुणा बरतने का है”।

PETA इंडिया का Glass Walls वीडियो यह खुलासा करता है कि माँस के लिए मुर्गों एवं बकरों को जिंदा रहते हुए उनके गले काट दिये जाते हैं। PETA इंडिया सभी को प्रेरित करता है कि कुर्बानी के असली महत्व को समझते हुए जानवरों की दर्दनाक मौतों की जगह गरीबों में खाना, फल व पैसे बांटकर तथा दानपुण्य के कामों में हिस्सा लेकर ईद का त्यौहार मनाएँ।

सर्वोच्च्च न्यायलय ने अपने एक आदेश में कहा था कि जानवरों को केवल लाइसेंस प्राप्त बूचड़खानों में ही मारा जा सकता है इसीलिए PETA इंडिया ने पहले से ही राज्यों को आगाह किया है कि बकरीद के मद्देनज़र जानवरों के अवैध परिवहन एवं हत्याओं पर रोक लगाई जाए।

PETA इंडिया जो इस सिद्धांत के तहत कार्य करता है कि “जानवर हमारा भोजन बनने के लिए नहीं हैं”, ने बकरे के चित्र वाले विज्ञापन दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता एवं मुंबई में भी स्थापित किए हैन।

अधिक जानकारी के लिए कृपया हमारी वेबसाईट PETAIndia.com पर जाएं।

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