PETA इंडिया द्वारा उत्सवों में इस्तेमाल होने वाली घोड़ा गाड़ियों पर रोक लगाने की अपील के बाद भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने दिल्ली नगर निगम से कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट मांगी

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20 October 2022

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दिल्ली- पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया द्वारा उत्सवों में इस्तेमाल होने वाली घोड़ागाड़ियों के कारण घोड़ों के साथ होने वाले शोषण और यातायात के खतरों के खिलाफ़ एक अपील दर्ज़ कराई गयी थी जिसके परिणामस्वरूप जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को एक एडवाइजरी जारी की है। AWBI की इस एडवाइजरी में MCD से दिल्ली में उत्सवों हेतु प्रयोग होने वाले घोड़ों और घोड़ागाड़ियों को लाइसेंस प्रदान करने की मौजूदा नीति को निरस्त करने का निर्देश दिया है। PETA इंडिया द्वारा अपनी अपील में उल्लेखित किया गया था कि यह मौजूदा नीति दिल्ली में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने वाले MCD के वर्ष 2010 के प्रस्ताव के विपरीत हैं और यह दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 का स्पष्ट उल्लंघन है।

भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड की एडवाइजरी की कॉपी मांगे जाने पर उपलब्ध करवाया जाएगा। 

PETA इंडिया की ऐडवोकेसी एसोसिएट नताशा इत्त्येराह ने कहा, “हम जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड का आभार प्रकट करते हैं कि उनके द्वारा काँटेदार लगामों का इस्तेमाल करके, भार ढोने हेतु बाध्य घोड़े के हक में कदम उठाया गया। इन घोड़ों का वाहनों की चपेट में आने का खतरा भी बहुत अधिक होता है। दिल्ली नगर निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी निर्धारित नीतियां पशु संरक्षण कानूनों और पशुओं हेतु सार्वजनिक सरोकारों के आधीन हों। हम नगर निगम से आग्रह करते हैं कि जनता के बीच विभिन्न अवसरों हेतु मोटर चालित गाड़ियों और अन्य क्रूरता मुक्त विकल्पों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएँ।“

दिल्ली में विभिन्न कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले घोड़ों को ऐसे अनुपयुक्त स्थानों पर जबरन बांधकर रखा जाता हैं जहाँ उन्हें पर्याप्त भोजन-पानी और छाया नहीं मिल पाते। इन पशुओं को किसी भी प्रकार की पशु चिकित्साकीय देखभाल प्रदान नहीं की जाती है और उन्हें अक्सर दिल्ली की भीड़-भाड़ वाली सड़कों के किनारों पर मुश्किल मौसम में भी बांधकर रखा जाता है। शादी समारोहों में, घोड़ों को आमतौर पर क्रूर और अवैध कांटेदार लगामों का उपयोग करके दर्द देकर नियंत्रित किया जाता है ताकि वह आतिशबाजी, ढ़ोल और भीड़ से डरकर भागने का प्रयास न करें। इस प्रकार की नुकीली लगामों के कारण घोड़ों के मुंह में गंभीर घाव तक हो जाते हैं।

PETA इंडिया जो इस धारणा में विश्वास रखता है कि “जानवर हमारे मनोरंजन हेतु इस्तेमाल होने के लिए नहीं है”, प्रजातिवाद का विरोध करता है क्यूंकी यह एक ऐसी विचारधारा है जिसमें मनुष्य इस संसार में स्वयं को सर्वोपरि मानकर अन्य समस्त प्रजातियों का शोषण करना अपना अधिकार समझता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमारी वेबसाईट PETAIndia.com पर जाएँ और हमें TwitterFacebook, व Instagram सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

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