वेस्ट गारो हिल्स: PETA इंडिया के हस्तक्षेप के बाद सूअर को खौलते पानी से जलाने और जिंदा खाल उतारने के मामले में FIR दर्ज
तुरा, वेस्ट गारो हिल्स में कुछ लोगों द्वारा एक सूअर को बेरहमी से प्रताड़ित करने और गैरकानूनी तरीके से मारने की घटना की जानकारी मिलने के बाद, PETA इंडिया ने मामले में FIR दर्ज करवाने में सफलतापूर्वक मदद की। वेस्ट गारो हिल्स के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अराइमाइल पुलिस स्टेशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतः संज्ञान (Suo Moto) FIR दर्ज की। PETA इंडिया को एक इंस्टाग्राम अकाउंट के बारे में जानकारी मिली थी, जिस पर एक बिना लाइसेंस वाली और गैरकानूनी मांस की दुकान में एक जिंदा सूअर को बेरहमी से मारने का वीडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो में सूअर पर खौलता हुआ पानी डाला जाता दिख रहा है और ऐसा लगता है कि जिंदा, होश में और चीख रहे सूअर की खाल उतारी जा रही है। इस घटना में तीन लोग शामिल दिखाई दे रहे हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति घटना को रिकॉर्ड कर रहा है। पास में एक मरा हुआ सूअर भी दिखाई दे रहा है। इस अकाउंट पर सूअरों को मारने, उनकी खाल उतारने और मांस तैयार करने के अन्य वीडियो भी हैं।
PETA इंडिया की शिकायत के बाद, वेस्ट गारो हिल्स के पुलिस अधीक्षक श्री अब्राहम टी. संगमा, IPS ने स्थानीय पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद अराइमाइल पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 325 और 3(5), तथा पशु क्रूरता निवारण (PCA) अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(a) के तहत स्वतः संज्ञान FIR दर्ज की।
इस बीच, PETA इंडिया की शिकायत के आधार पर वेस्ट गारो हिल्स के सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने अवैध मांस की दुकान/कसाईखाने को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धाराओं 55 और 63 के तहत नोटिस जारी किया। नोटिस में पशुओं को सही तरीके से न संभालने और वैध लाइसेंस के बिना कारोबार चलाने को लेकर कार्रवाई की गई है। आरोपी को नियमों का पालन करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। ऐसा न करने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। PETA इंडिया ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से इस अवैध प्रतिष्ठान को बंद कर सील करने की मांग की है।
BNS, 2023 की धारा 325 के तहत किसी पशु को मारने, जहर देने, अपंग करने या उसे किसी काम के लायक न रहने देने को संज्ञेय अपराध माना गया है। इसके लिए पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। BNS की धारा 3(5) के अनुसार, जब कई लोग किसी साझा मंशा से मिलकर अपराध करते हैं, तो हर व्यक्ति उस अपराध के लिए उसी तरह जिम्मेदार होता है, जैसे उसने वह अपराध अकेले किया हो। PCA अधिनियम, 1960 की धारा 11 में “क्रूरता” को परिभाषित किया गया है और किसी पशु को अनावश्यक दर्द या तकलीफ़ देना दंडनीय अपराध है।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पशुओं को केवल लाइसेंस प्राप्त कसाईखानों में ही मारा जा सकता है और नगर निकायों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा। पशु क्रूरता निवारण (कसाईखाना) नियम, 2001 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार के लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011 के अनुसार, भोजन के लिए पशुओं को केवल ऐसे लाइसेंस प्राप्त कसाईखानों में ही मारा जा सकता है, जहाँ संबंधित पशु के लिए उपयुक्त बेहोश करने के उपकरण उपलब्ध हों।
हर शाकाहारी-वीगन व्यक्ति हर साल करीब 200 पशुओं की जान बचाता है। इसके अलावा, वीगन भोजन करने से हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर होने का जोखिम कम हो सकता है। भोजन के लिए पशुओं को पालना जल प्रदूषण और पानी व जमीन के अत्यधिक इस्तेमाल का एक प्रमुख कारण भी है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु संकट के सबसे गंभीर प्रभावों से निपटने के लिए दुनिया भर में वीगन भोजन की ओर बढ़ना जरूरी है। जो लोग वीगन जीवनशैली अपनाना चाहते हैं, उनके लिए PETA इंडिया की ओर से मुफ्त वीगन स्टार्टर किट उपलब्ध है।
पशुओं के साथ क्रूरता के लिए कड़ी सजा की मांग करें!
