PETA इंटरनेशनल की अध्यक्षा पूर्वा जोशीपुरा ‘India Abroad’ की ‘इम्पैक्ट 100’ सूची में शामिल
PETA इंडिया की निदेशक और PETA इंटरनेशनल की अध्यक्ष पूर्वा जोशीपुरा को न्यू इंडिया अब्रॉड की इम्पैक्ट 100 सूची में शामिल किया गया है। इस सूची में अमेरिका की सेकंड लेडी उषा वेंस, अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला, अभिनेत्री मिंडी कालिंग और अन्य भारतीय-अमेरिकी परिवर्तनकर्ता भी शामिल हैं। 1999 में PETA यूएस में एक इंटर्न के रूप में जुड़ने और मात्र 23 वर्ष की उम्र में रिसर्च एसोसिएट बनने के बाद से, जोशीपुरा को सड़क से लेकर बोर्डरूम तक प्रभावी अभियानों की रूपरेखा तैयार करने के लिए जाना जाता है।
जोशीपुरा ने अपना आधे से अधिक जीवन बेहतरीन विरोध प्रदर्शनों, गुप्त जांचों और अदालतों के साथ-साथ कॉर्पोरेट एवं सरकारी कार्यालयों के साथ काम करते हुए पशुओं के शोषण को समाप्त करने के लिए समर्पित किया है। उन्हें PETA इंटरनेशनल की पहली अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो PETA फ़ाउंडेशन यूके के तहत स्थापित एक नया संचालनात्मक प्रभाग है और जो यूके, भारत, जॉर्डन, फ्रांस सहित अन्य देशों में सक्रिय है।
वर्तमान में लंदन में रहने वाली जोशीपुरा का जन्म अमेरिका में भारत के गुजरात से संबंध रखने वाले माता-पिता के यहाँ हुआ था और उनका पालन-पोषण वर्जीनिया में हुआ। उन्होंने For a Moment of Taste: How What You Eat Impacts Animals, the Planet, and Your Health पुस्तक लिखी, जो भारत में मांस, अंडे और डेयरी के लिए आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले पशुओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर पहली विस्तृत पड़ताल है। इसके अलावा, उन्होंने Survival at Stake: How Our Treatment of Animals Is Key to Human Existence भी लिखी है, जो यह बताती है कि आज हमारे सामने खड़ी जलवायु परिवर्तन, एंटीबायोटिक प्रतिरोध, ज़ूनोटिक बीमारियों जैसी प्रमुख संकट वाली स्थितियाँ किस तरह पशुओं के साथ हमारे व्यवहार से जुड़ी हुई हैं।
“इस सम्मान के लिए मैं न्यू इंडिया अब्रॉड की आभारी हूँ। पशुओं के प्रति भारत की सांस्कृतिक श्रद्धा हमें सिखाती है कि पशु सम्मान के पात्र हैं, और इसी भावना ने दुनिया भर में मेरे कार्य को दिशा दी है। करुणा को अपनी विरासत बनाइए और वर्ष 2026 को, आपकी करुणा को कर्म में बदलने वाला वर्ष बनाइये।”
– पूर्वा जोशीपुरा, PETA इंटरनेशनल की अध्यक्ष
पूर्वा जोशीपुरा अपने भारतीय पृष्ठभूमि, विभिन्न महाद्वीपों में वर्षों तक रहने और व्यापक यात्रा से अर्जित सांस्कृतिक समझ का उपयोग वैश्विक अभियानों की निगरानी और उन्हें सशक्त बनाने में करती हैं। उनकी प्राथमिकताओं में पशु शोषण को समाप्त करने के लिए तकनीक और नवाचार का उपयोग करना, तथा रोबोटिक पशुओं जैसे आधुनिक माध्यमों के ज़रिए युवाओं को करुणा के महत्व के प्रति जागरूक करना शामिल है। वह पशु अधिकारों को केवल एक नैतिक अनिवार्यता के रूप में ही नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानती हैं, और यह रेखांकित करती हैं कि जलवायु आपदा, एंटीबायोटिक प्रतिरोध और महामारियों जैसी बड़ी वैश्विक संकट वाली स्थितियाँ इस बात से गहराई से जुड़ी हैं कि हम पशुओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।
इतने वर्षों के दौरान जोशीपुरा की अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, उन्होंने अमेरिका स्थित एक प्रयोगशाला-पशु आपूर्तिकर्ता को यूरोप में अपनी सुविधा स्थापित करने से रोकना; मर्सिडीज़-बेंज़ को अनुरोध करके उन्हें चमड़ा-मुक्त इंटीरियर देने पर सहमत कराने वाला पहला कार ब्रांड बनवाना (अब रेनॉल्ट पशु-चमड़े को चरणबद्ध रूप से समाप्त कर रहा है और कई इलेक्ट्रिक कारों में वीगन लेदर मानक रूप में उपलब्ध है); तथा भारत में कॉस्मेटिक्स और उनके अवयवों पर पशुओं पर परीक्षण पर प्रतिबंध जैसे सफल प्रयास शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने पेट्रा और मुंबई में घोड़ा-गाड़ी प्रथा को समाप्त कराने में भूमिका निभाई और भारत के सर्वोच्च न्यायालय से मनोरंजन के लिए बैलों के उपयोग पर प्रतिबंध लगवाया जिसके चलते पशुओं के क्रूर “खेल” के उग्र समर्थकों ने उनका पुतला भी फूंका और यह प्रतिबंध आज भी देश के अधिकांश हिस्सों में लागू है।
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