PETA India ने पर परीक्षण की बजाय मेग्नेटिक तकनीक इस्तेमाल वाले वैज्ञानिक को IPSCON में पुरस्कार प्रदान किया।
पशु नहीं, सिर्फ़ मेग्नेटिक कमाल ! PETA India ने इस वर्ष के भारत के सबसे बड़े विज्ञान आयोजनों में से एक में एक युवा वैज्ञानिक को उनके पेटेंट किए गए पशु-मुक्त नवाचार के लिए पुरस्कार प्रदान किया।
PETA India के वैज्ञानिकों ने पंजाब विश्वविद्यालय की पीएचडी छात्रा और शोधकरता खुशबू पठानिया को यह पुरस्कार इंटरनेशनल फार्माकोलॉजी कॉन्फ्रेंस और इंडियन फार्माकोलॉजिकल सोसाइटी (IPSCON) के 55वें वार्षिक सम्मेलन में दिया। यह कार्यक्रम दवा विकास और परीक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों का एक प्लेटफार्म है।
इस वर्ष की थीम “एम्पावरिंग यंग माइंड्स” (युवा वैज्ञानिकों को सशक्त बनाना) पठानिया को यह अनोखा पुरस्कार मिलने के लिए बिल्कुल सही दावेदार रही। उनके पेटेंट किए गए डिज़ाइन में लोहे के बेहद छोटे कणों और पौधों से प्राप्त सामग्रियों की मदद से मैग्नेट द्वारा कोशिकाओं को उठाया जाता है, जिससे वे मानव ऊतकों जैसी संरचना में बढ़ पाती हैं।
पठानिया की 3D सेल-कल्चर आधारित तकनीक को पर्यावरण-अनुकूल और किफायती बताया गया है। इसका उपयोग कैंसर जैसी बीमारियों का अध्ययन करने, नई दवाओं की जांच करने और रसायनों की सुरक्षा परखने में किया जा सकता है वह भी बिना किसी पशु परीक्षण के।
सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह पशु-मूलक घटकों से मुक्त है!
IPSCON में प्रस्तुत PETA India पुरस्कार उन वैज्ञानिकों को सम्मानित करने के लिए दिया गया, जो नियामक विज्ञान में गैर-पशु विधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। एक बड़े सम्मेलन में इन उपलब्धियों को उजागर करने से अधिक संस्थानों और शोधकर्ताओं को मानव-केंद्रित दृष्टिकोणों में निवेश करने के लिए प्रेरणा मिलती है, जो विज्ञान और पशु दोनों के लिए फायदेमंद हैं।
जैसे-जैसे नियामक विज्ञान अधिक नैतिक, कुशल और मानव-केंद्रित सुरक्षा मूल्यांकन उपकरणों की ओर बढ़ रहा है, इस क्षेत्र के अग्रणी वैज्ञानिकों को पहचानना समयोचित और आवश्यक है। पठानिया का कार्य दिखाता है कि रचनात्मकता और सहानुभूति मिलकर दवा विकास के भविष्य को कैसे आकार दे सकते हैं।
क्या आप पशुओं का इस्तेमाल न करने वाले विज्ञान के समर्थन के पक्ष में हैं तो तत्काल कार्यवाई करें !
वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त कार्यशालाएँ, वेबिनार और प्रशिक्षण के अवसर आयोजित करने से लेकर नियामक स्तर पर गैर-पशु परीक्षण विधियों को सुधारने और लागू करने तक, PETA India के वैज्ञानिक ऐसे विज्ञान को आगे बढ़ाते हैं जो सभी जीवित प्राणियों के लिए लाभकारी है। लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है। आधुनिक विज्ञान को बढ़ावा देने में PETA India के साथ जुड़ें!
