नॉर्थ 24 परगना: PETA इंडिया की शिकायत के आधार पर साथी पशुओं को घायल करने और संदिग्ध रूप से ज़हर देने के आरोप में दो व्यक्तियों पर कार्रवाई

Posted on by Erika Goyal

एक जागरूक नागरिक द्वारा साथी पशुओं को घायल करने और संदिग्ध रूप से ज़हर देने के संबंध में की गई शिकायत के आधार पर, PETA इंडिया ने निमता पुलिस स्टेशन के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज करवाया।

यह घटना 4 जनवरी को महानगर लोकनाथ मंदिर, निमता, उत्तर 24 परगना – 700 049 में घटित हुई थी। आरोपित श्रीमती ऋतुपर्णा रॉय और श्री जोय रॉय ने शिकायतकर्ता को धमकी दी और उनकी उपस्थिति में उनके पशुओं को पत्थर फेंककर तथा डंडों से सिर पर प्रहार कर घायल किया। इसके अतिरिक्त, तीन साथी बिल्लियाँ संदिग्ध परिस्थितियों में पिछले रात बीमार पड़ीं और बाद में उनकी स्थिति बिगड़ने के कारण उनकी मृत्यु हो गई, जिससे ज़हर दिए जाने का गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ।

निमता पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 3(5), 325 और 351(2) के तहत तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 3, 11(1)(a), और 11(1)(l) के तहत FIR दर्ज की है। आरोपों में पशुओं को घायल करना, संदिग्ध रूप से ज़हर देना और शिकायतकर्ता को धमकी देना शामिल है। मृत पशुओं के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।

BNS, 2023 की धारा 325 के तहत पशुओं को घायल करना या मारना संज्ञेय अपराध है और इसके लिए पांच वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। BNS, 2023 की धारा 3(5) में एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा “सामान्य उद्देश्य की प्राप्ति के लिए” किए गए कृत्यों को दंडनीय माना गया है। BNS, 2023 की धारा 351(2) में आपराधिक धमकी देने के अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। PCA अधिनियम, 1960 की धारा 11(1) में “क्रूरता” की परिभाषा दी गई है, जिसमें अनावश्यक दर्द और पीड़ा पहुँचाना शामिल है, और इसे दंडनीय अपराध माना गया है। PCA अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(l) में किसी भी पशु को अपाहिज करना या मारना संज्ञेय और दंडनीय अपराध ठहराया गया है।

PETA इंडिया पशु क्रूरता के अपराधियों की मनोदशा का मूल्यांकन और काउंसलिंग की सिफारिश करता है क्योंकि पशुओं के प्रति शोषण के कृत्य एक गहरी मानसिक अशांति को इंगित करते हैं। शोध से पता चला है कि जो लोग पशुओं पर क्रूरता करते हैं, वह अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं व मनुष्यों को भी चोट पहुंचाने का प्रयास करते हैं। फोरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल  में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना 3 गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”

पशुओं पर क्रूरता की शिकायत कैसे करें