नांदेड़: PETA इंडिया के हस्तक्षेप के बाद कुत्ते को हवा में घुमाकर प्रताड़ित करने के मामले में FIR दर्ज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर पोस्ट किए गए एक विचलित कर देने वाले वीडियो में एक व्यक्ति द्वारा सामुदायिक कुत्ते को उसके पैरों से पकड़कर बेरहमी से हवा में घुमाते हुए देखा गया, जिससे कुत्ते को गंभीर शारीरिक और मानसिक पीड़ा हुई। वीडियो वायरल होने के बाद, PETA इंडिया के हस्तक्षेप और शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन के सहयोग से इस मामले में FIR दर्ज की गई है। यह घटना महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले में हुई, जहाँ आरोपी ने इस क्रूर कृत्य का वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट irfan_saudagar307 पर साझा किया था, जिसे बाद में जनआक्रोश के कारण हटा दिया गया। PETA इंडिया ने इस मामले में नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक श्री अभिनाश कुमार, IPS और अन्य अधिकारियों को औपचारिक शिकायत भेजी थी, जिस पर महाराष्ट्र जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए नांदेड़ SPCA को कार्रवाई के निर्देश दिए। नांदेड़ SPCA के सदस्य सचिव द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर FIR दर्ज की गई।
यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA), 1960 की धारा 11(1)(a) के अंतर्गत दर्ज की गई है। इन धाराओं के तहत किसी पशु को शारीरिक क्षति पहुँचाना या पीड़ा देना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें देखा जा सकता है कि आरोपी ने एक मासूम कुत्ते को उसके पैरों से पकड़कर बेरहमी से गोल-गोल घुमाया। डर और तकलीफ़ से कुत्ता लगातार चीखता रहा, लेकिन आरोपी ने उसकी पीड़ा की बिल्कुल भी परवाह नहीं की और क्रूरता जारी रखी। इस अमानवीय व्यवहार को देखकर लोगों का दिल दहल गया। वीडियो सामने आते ही आम लोगों और स्थानीय संगठनों ने मिलकर तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और न्याय की मांग की।
जो लोग पशुओं पर अत्याचार करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर मनुष्यों को भी निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों को नज़रअंदाज़ करना पूरे समाज के लिए ख़तरे का संकेत है। हम सभी की ज़िम्मेदारी बनती है कि ऐसी घटनाओं को रिपोर्ट करें और पीड़ितों की आवाज़ बनें। हम पुलिस अधीक्षक श्री अभिनाश कुमार का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
PETA इंडिया का मानना है कि पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले व्यक्तियों का मानसिक मूल्यांकन किया जाना चाहिए और उन्हें काउंसलिंग दी जानी चाहिए, क्योंकि ऐसे व्यवहार अक्सर किसी गहरे मानसिक असंतुलन की ओर इशारा करते हैं। शोध से पता चला है कि जो लोग पशुओं के खिलाफ क्रूरता करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं व मनुष्यों को भी चोट पहुँचाने का प्रयास करते हैं। फोरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना तीन गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”
