PETA इंडिया के हस्तक्षेप के बाद मुंबई में मेढ़ों की अवैध लड़ाई रद्द

Posted on by Surjeet Singh

PETA इंडिया की शिकायत के बाद अंबोली पुलिस स्टेशन ने मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में एक पशुओं की अवैध लड़ाई आयोजित करने के आरोप में तीन लोगों साजिद अब्दुल अली सैयद, सऊद फिरदौस मास्टर और इमरान मोहम्मद अली कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 291 और 3(5), पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(l), 11(1)(m) और 11(1)(n), तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1959 की धारा 119 के तहत दर्ज की गई है।

यह मामला तब सामने आया जब एक न्यूज़ चैनल द्वारा दिखाए गए वीडियो में फरवरी के मध्य में आयोजित एक मेढ़ा लड़ाई का खुलासा हुआ। वीडियो के अनुसार, “रॉकी” और “चमकीला” नाम के दो मेढ़ों को लोगों के मनोरंजन के लिए लड़ने पर मजबूर किया गया था। इस लड़ाई में जीतने वाले मेढ़े के लिए ₹1,00,000 का इनाम रखा गया था। लड़ाई के दौरान “रॉकी” गिर गया और उसकी मौत हो गई। PETA इंडिया की शुरुआती शिकायत पर ओशिवारा पुलिस स्टेशन ने जांच की, जिसमें पता चला कि यह घटना मुंबई के जोगेश्वरी वेस्ट, सहकार रोड, पाटिलवाड़ी स्थित शगुफा अपार्टमेंट के पास एक मैदान में हुई थी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और बचे हुए मेढ़े को ढूंढने और अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रही है।

मेढा लड़ाई में दो नर भेड़ों को एक दूसरे से लड़ाया जाता है, जिससे हिंसक और अक्सर खून-खराबे वाली स्थिति पैदा होती है। इन पशुओं के साथ मारपीट करके और उकसाकर तब तक लड़ाया जाता है जब तक एक को विजेता घोषित न कर दिया जाए। इस प्रक्रिया में उन्हें गंभीर शारीरिक और मानसिक नुकसान होता है, जैसे हड्डियां टूटना, गहरे घाव और अत्यधिक तनाव।

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पशुओं को आपस में लड़ाने के लिए उकसाना प्रतिबंधित है। वर्ष 2014 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में PETA इंडिया और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के पक्ष में निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि मनोरंजन के लिए बैलों की लड़ाई, कुत्तों की लड़ाई या किसी भी तरह की पशुओं की लड़ाई (चाहे पशु-पशु के बीच हो या मानव-पशु के बीच) पूरी तरह बंद होनी चाहिए।

पशुओं पर क्रूरता होते देखें तो उसकी रिपोर्ट अवश्य करें