घोड़ों को नियंत्रित करने हेतु इस्तेमाल किए जाने वाले 140 मुंह की काँटेदार लगामें जब्त

Posted on by Surjeet Singh

एक महत्वपूर्ण जागरूकता-सह-कार्रवाई अभियान के दौरान, जम्मू पशुपालन विभाग (AHD, जम्मू) ने PETA इंडिया के सहयोग से घोड़ों को दर्द देकर नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 140 मुंह की काँटेदार लगामें जब्त की। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि पर्यटकों की सवारी, सामान ढोने और अन्य गतिविधियों में पशुओं के साथ किसी भी तरह की क्रूरता नहीं होनी चाहिए।

PETA इंडिया की टीमों के सक्रिय सहयोग से AHD, जम्मू के अधिकारियों ने घोड़ों को पीड़ा पहुँचाने वाली इन क्रूर लगामों को जब्त किया। ये लगामें जानबूझकर इस तरह बनाई जाती हैं कि वे घोड़ों के मुंह के संवेदनशील मसूड़ों और होंठों की त्वचा में चुभकर उन्हें चोट पहुंचाएं, ताकि पैसे कमाने के लिए घोडा मालिक अपनी मनमर्जी के अनुसार घोड़ों को आसानी से नियंत्रित कर सके। AHD, जम्मू और PETA इंडिया को उम्मीद है कि यह प्रदर्शन पर्यटकों, पर्यटन संचालकों और अधिकारियों को घोड़ों के साथ हर तरह की क्रूरता को नकारने के लिए प्रेरित करेगा। काँटेदार लगामों का इस्तेमाल ‘प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू ड्राफ्ट एंड पैक एनिमल्स रूल्स, 1965’ के नियम 8 का उल्लंघन है। जब्त की गई नुकीली कंटेदार लगामों की जगह दर्द रहित और मुलायम लगामें लगाई गई।

“पर्यटन और उत्सव कभी भी किसी पशु के कल्याण की कीमत पर नहीं होने चाहिए। काँटेदार लगामें क्रूर हैं, जिन्हें दर्द देने और चोट पहुंचाने के लिए बनाया गया है, और इनका इस्तेमाल गलत और अनुचित है। यह जागरूकता-सह-जब्ती अभियान पशुओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने और घोड़ों को राहत देने के लिए चलाया गया था। यह ‘प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू ड्राफ्ट एंड पैक एनिमल्स रूल्स, 1965’ के अनुरूप है, जो घोड़ों, खच्चरों और अन्य बोझा ढोने वाले पशुओं के मुंह में काँटेदार लगामों के के इस्तेमाल पर रोक लगाता है। – डॉ. युगल किशोर, निदेशक, जम्मू पशुपालन विभाग

काँटेदार लगामों का लगातार इस्तेमाल इस गलत धारणा के कारण होता है कि घोड़ों को नियंत्रण में रखने के लिए दर्द देने वाले उपकरण जरूरी हैं। जबकि वास्तव में, ये उपकरण केवल गंभीर चोट और परेशानी पैदा करते हैं। PETA इंडिया अधिकारियों से अपील करता है कि वे यह सुनिश्चित करें कि घोड़े पालने वाले लोग इन क्रूर यातना देने वाले उपकरणों का इस्तेमाल न करें और उन्हें पशुओं की देखभाल के मानवीय तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें।

PETA इंडिया ने देशभर में एक अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पशुपालन विभाग और पुलिस को घोड़ों के मुंह में काँटेदार लगामों के इस्तेमाल पर लगी रोक को लागू करने में मदद करना है। PETA इंडिया से संपर्क किए जाने के बाद, उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र और नागालैंड सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी इस प्रतिबंध को लागू करने के आदेश जारी किए हैं। PETA इंडिया का अभियान केवल अधिकारियों से अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे इन उपकरणों को खोजकर जब्त करने की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे कानून की मांग भी करता है जिससे उस कमी को दूर किया जा सके, जिसके कारण अभी भी इन उपकरणों का निर्माण और बिक्री की जा सकती है।

जैसे-जैसे लोगों में नुकीले बिट के कारण होने वाली क्रूरता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई शादी समारोहों में घोड़ों और अन्य पशु-मुक्त बारात के विकल्प अपनाए जा रहे हैं। इनमें पैदल चलकर बारात ले जाना, शानदार कारों में पहुंचना और यहां तक कि हेलीकॉप्टर से पहुंचना भी शामिल है। ऐसे सेलिब्रिटी जोड़ों की शादियां पशु-मुक्त रही हैं, उनमें आलिया भट्ट और रणबीर कपूर, शाहिद कपूर और मीरा राजपूत, नील नितिन मुकेश और रुक्मिणी सहाय, जहीर खान और सागरिका घाटगे, नेहा धूपिया और अंगद बेदी, अनुष्का शर्मा और विराट कोहली, सोनम कपूर और आनंद आहूजा, तथा वरुण धवन और नताशा दलाल शामिल हैं।

शादियों में घोड़ों, हाथियों, ऊंटों या किसी भी अन्य पशु का इस्तेमाल एक पुरानी प्रथा है, जो ऐसे दुर्व्यवहार को बढ़ावा देती है।

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