PETA इंडिया और SAFI की शिकायत के बाद जगत्याल पुलिस ने सौ से अधिक कुत्तों को क्रूरता पूर्वक पकड़ने और अवैध रूप से स्थानांतरित करने के मामले में एफआईआर दर्ज की
मटमवाड़ा क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी की रिपोर्ट तथा वीडियो साक्ष्यों से यह आरोप सामने आने के बाद कि सौ से अधिक सामुदायिक कुत्तों को क्रूरता पूर्वक पकड़कर वैनों में ठूंस दिया गया और उन्हें अवैध रूप से अन्यत्र ले जाने के लिए मेटपल्ली नगरपालिका के अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किए गए लोगों ने यह कार्रवाई की, PETA इंडिया और स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (SAFI) ने इस मामले में प्राथमिकी सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करवाने में सफलता प्राप्त की। SAFI, हैदराबाद के क्रूरता निवारण प्रबंधक श्री अदुलापुरम गौतम द्वारा दायर शिकायत के आधार पर, PETA इंडिया ने मेटपल्ली पुलिस स्टेशन के साथ समन्वय कर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 62 सहपठित धारा 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(a) और 38(3) के अंतर्गत मेटपल्ली नगरपालिका के अध्यक्ष के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने लापता कुत्तों का पता लगाने और यह निर्धारित करने के लिए जांच शुरू कर दी है कि उन्हें अवैध रूप से छोड़ दिया गया, कहीं और स्थानांतरित किया गया, या वे अभी भी जीवित हैं।
पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियम, 2023 के नियम 11(19) के अनुसार, सामुदायिक कुत्तों को केवल नसबंदी के उद्देश्य से ही पकड़ा जा सकता है और उन्हें किसी अन्य स्थान पर ले जाना अवैध है। नियम में स्पष्ट रूप से कहा गया है: “कुत्तों को [नसबंदी के बाद] उसी स्थान या क्षेत्र में छोड़ा जाएगा जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था।”
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मई 2026 के अपने हालिया निर्णय में ABC नियमों को बरकरार रखते हुए पुनः स्पष्ट किया कि ABC नियम, 2023 के तहत निर्धारित आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद कुत्तों को उनके मूल क्षेत्र में वापस छोड़ा जाना चाहिए।
सामुदायिक कुत्ते अक्सर क्रूरता का शिकार होते हैं या वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। वे प्रायः भूख, बीमारी और चोटों से भी पीड़ित रहते हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में ऐसे पशु पशु आश्रय गृहों में पहुँच जाते हैं, जहाँ पर्याप्त अच्छे घर न मिलने के कारण वे पिंजरों या केनेलों में ही जीवन बिताने को मजबूर होते हैं।
इस समस्या का समाधान है- नसबंदी। एक मादा कुत्ते की नसबंदी छह वर्षों में लगभग 67,000 जन्मों को रोक सकती है, जबकि एक मादा बिल्ली –की नसबंदी सात वर्षों में लगभग 4,20,000 जन्मों को रोक सकती है।
पशु जन्म नियंत्रण (Animal Birth Control) का पालन करने की प्रतिज्ञा लें।
पशु जन्म नियंत्रण (Animal Birth Control) का पालन करने की प्रतिज्ञा लें।
