PETA इंडिया के हस्तक्षेप के बाद भोपाल में मेढ़ों की अवैध लड़ाई रद्द

Posted on by Surjeet Singh

भोपाल जिले के बैरसिया क्षेत्र के पिपलिया हरनाथ गांव में 29 मार्च को आयोजित होने वाले एक अवैध मेढ़ा लड़ाई कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर PETA इंडिया ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इस अवैध कार्यक्रम के बारे में सूचित कर इस कार्यक्रम को रद्द करवा दिया। प्रशासन ने पुष्टि की है कि यह आयोजन अब नहीं होगा।

मेढ़ा लड़ाई में दो नर भेड़ों को एक दूसरे से लड़ाया जाता है, जिससे हिंसक और अक्सर खून-खराबे वाली स्थिति पैदा होती है। इन पशुओं के साथ मारपीट करके और उकसाकर तब तक लड़ाया जाता है जब तक एक को विजेता घोषित न कर दिया जाए। इस प्रक्रिया में उन्हें गंभीर शारीरिक और मानसिक नुकसान होता है, जैसे हड्डियां टूटना, गहरे घाव और अत्यधिक तनाव।

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पशुओं को आपस में लड़ाने के लिए उकसाना प्रतिबंधित है। वर्ष 2014 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में PETA इंडिया और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के पक्ष में निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि मनोरंजन के लिए बैलों की लड़ाई, कुत्तों की लड़ाई या किसी भी तरह की पशुओं की लड़ाई (चाहे पशु-पशु के बीच हो या मानव-पशु के बीच) पूरी तरह बंद होनी चाहिए।

पशुओं पर क्रूरता की रिपोर्ट अवश्य करें