PETA इंडिया ने गोवा पुलिस, पशुपालन विभाग और SPCA के अधिकारियों को पशु संरक्षण कानूनों पर प्रशिक्षित किया
23 अप्रैल को गोवा रिज़र्व पुलिस और इंडियन रिज़र्व बटालियन (IRBn) के पुलिस अधिकारी पणजी स्थित आल्टिन्हो में गोवा रिज़र्व पुलिस प्रशासनिक ब्लॉक में एकत्र हुए, जहां PETA इंडिया द्वारा पशुओं के प्रति क्रूरता से निपटने के विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह महत्वपूर्ण पहल गोवा के पुलिस महानिदेशक, श्री आलोक कुमार, IPS, के दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हो सकी।
करीब 100 पुलिस अधिकारियों – जिनमें कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सहायक उप-निरीक्षक, उप-निरीक्षक, निरीक्षक और गोवा रिज़र्व पुलिस की प्रशिक्षण अधीक्षक, श्रीमती सुचेता देसाई शामिल थीं – ने इस तीन घंटे की कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला में ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960’, ‘वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (2022 में संशोधित)’, ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS)’ और अन्य पशु-प्रासंगिक विधियों को विस्तार से समझाया गया। इसी प्रकार की कार्यशालाएँ दक्षिण और उत्तर गोवा की SPCA के फील्ड अधिकारियों और निरीक्षकों के लिए क्रमशः 25 और 26 अप्रैल को मडगांव और पणजी में आयोजित की गईं।
इससे पहले मार्च माह में, PETA इंडिया ने उत्तर और दक्षिण गोवा SPCA के सहयोग से पोरवोरिम में उत्तर गोवा पुलिस और मडगांव में दक्षिण गोवा पुलिस के लिए समान कार्यशालाएँ आयोजित की थीं। साथ ही वालपोई के पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में प्रशिक्षणरत कांस्टेबल और होमगार्ड्स के लिए भी एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। मडगांव में आयोजित कार्यशाला में दक्षिण गोवा के सभी पुलिस थानों के निरीक्षक, उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक श्री टिकम सिंह वर्मा, IPS, शामिल हुए थे। पोरवोरिम में हुई उत्तर गोवा पुलिस की कार्यशाला में सभी थानों के उप-निरीक्षक, निरीक्षक और एक उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पणजी के पट्टो में पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवाएं, गोवा के क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए भी एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें उत्तर और दक्षिण गोवा के सभी पशु चिकित्सा अधिकारी सम्मिलित हुए।
इन विशिष्ट कार्यशालाओं के माध्यम से अब संपूर्ण गोवा राज्य की पुलिस और पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग को पशु संरक्षण कानूनों और संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर संवेदनशील और प्रशिक्षित कर दिया गया है।
गोवा रिज़र्व पुलिस एवं IRBn का प्रशिक्षण – आल्टिन्हो, पणजी
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा अधिकारियों का प्रशिक्षण – पट्टो, पणजी
दक्षिण गोवा पुलिस का प्रशिक्षण – पुलिस मुख्यालय, मडगांव
उत्तर गोवा SPCA फील्ड अधिकारी एवं निरीक्षक – टोंका, पणजी
कांस्टेबल व होमगार्ड प्रशिक्षण – पुलिस प्रशिक्षण स्कूल, वालपोई
उत्तर गोवा पुलिस का प्रशिक्षण – पुलिस कॉन्फ्रेंस हॉल, पोरवोरिम
दक्षिण गोवा SPCA प्रशिक्षण – मडगांव
पोरवोरिम के पुलिस कॉन्फ्रेंस हॉल में उत्तर गोवा पुलिस का प्रशिक्षण
वर्ष 2021 में, फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन्स (FIAPO) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया कि पिछले एक दशक में करीब 5 लाख पशु, जिनमें गायें और कुत्ते शामिल हैं, अपराधों का शिकार हुए।
PETA इंडिया का मानना है कि पशुओं के प्रति क्रूरता करने वालों की मनोदशा का मूल्यांकन और काउंसलिंग आवश्यक है, क्योंकि ऐसे कृत्य किसी मानसिक विकृति या गहराई तक छिपी हिंसक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। शोध से यह स्पष्ट हुआ है कि जो लोग पशुओं के खिलाफ क्रूरता करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं और मनुष्यों को भी हानि पहुंचाने की प्रवृत्ति रखते हैं। फोरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना तीन गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”
PETA इंडिया लंबे समय से PCA अधिनियम, 1960 को सशक्त बनाए जाने की मांग कर रहा है, जिसमें आज भी पहली बार अपराध करने वालों के लिए अधिकतम ₹50 का जुर्माना जैसे बेहद कमज़ोर दंड निर्धारित हैं। हालांकि, भारतीय न्याय संहिता, 2023 में अब अधिक कठोर दंड प्रावधान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, PETA इंडिया ने केंद्र सरकार को भेजे गए अपने प्रस्ताव में पशु क्रूरता के मामलों में दंड को कड़ा करने और अपराधियों की काउंसलिंग को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की है।
पशु अपराधियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग करें!