कर्नाटक के मंड्या जिले के कृष्णराजपेट में PETA इंडिया की शिकायत के बाद सुअर के बच्चे की अवैध बलि के मामले में FIR दर्ज

Posted on by Surjeet Singh

मंड्या जिले के कृष्णराजपेट स्थित श्री क्षेत्र चंदागोनहल्ली अम्मा मंदिर में सुअर के बच्चों के अवैध बलिदान से संबंधित एक चल रहे अनुष्ठान की जानकारी मिलने पर जहाँ सुअर के बच्चों को मंदिर परिसर में लाकर दिनदहाड़े पारंपरिक बलिदान अनुष्ठान के तहत मारा जा रहा था। PETA इंडिया ने मंड्या पुलिस और जिला प्रशासन को शिकायत भेजकर इस प्रथा को तत्काल रोकने तथा FIR दर्ज करने की मांग की।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, मंड्या के डिप्टी कमिश्नर ने पशु पालन विभाग (AHD) को निर्देश दिया कि मंदिर प्रशासन को नोटिस जारी करके सुअर के बच्चों के पारंपरिक बलिदान को बंद करने के लिए कहा जाए। इसके बाद AHD ने उक्त रोकथाम नोटिस जारी किया। साथ ही, पुलिस स्टेशन ने कर्नाटक पशु बलिदान निषेध अधिनियम, 1959 की धारा 3, 5 और 6 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 के तहत FIR नंबर 28/2026 दर्ज की।

शिकायत में यह भी बताया गया कि कर्नाटक पशु बलिदान निषेध अधिनियम, 1959 के तहत किसी भी सार्वजनिक धार्मिक स्थल या उसके परिसर में, या किसी धार्मिक समारोह या जुलूस के दौरान किसी भी पशु की बलि देना सख्त वर्जित है। धारा 4 के तहत कोई भी व्यक्ति ऐसी बलि में मदद करने, भाग लेने या इसे अंजाम देने से रोका गया है। धारा 5 के तहत किसी भी सार्वजनिक धार्मिक स्थल को पशु बलि के लिए इस्तेमाल करना मना है। धारा 6 के तहत इन धाराओं का उल्लंघन अपराध माना गया है।

इसके अलावा, PETA इंडिया ने बताया कि कई लोगों द्वारा पशुओं को अवैध रूप से मारना, यदि यह एक साझा इरादे के तहत किया जाए, तो यह भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 3(5) के तहत दंडनीय अपराध है। धारा 325 के तहत पशुओं  के साथ मारपीट या उनकी हत्या करना पांच साल तक की जेल, जुर्माने, या दोनों के साथ दंडनीय है।

गुजरात, केरल, पुदुचेरी और राजस्थान में पहले से ही किसी भी पशु के धार्मिक बलिदान पर प्रतिबंध है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यह किसी भी सार्वजनिक धार्मिक स्थल, पूजा स्थलीय परिसर या सार्वजनिक जुलूस/समारोह में वर्जित है।

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