अभिनेता सोनू सूद, अयान सूद, PETA इंडिया और पीपल फॉर कैटल इन इंडिया ने चेन्नई के श्री शक्ति विनायगर मंदिर को असली हाथी के आकार का मैकेनिकल हाथी भेंट किया।
प्रसिद्ध अभिनेता सोनू सूद, उनके बेटे अयान सूद, PETA इंडिया और पीपल फॉर कैटल इन इंडिया (PFCI) ने तमिलनाडु के चेन्नई ज़िले में स्थित श्री शक्ति विनायगर मंदिर को “ऐरावथम” नाम का असली आकार का मैकेनिकल हाथी दान किया है।
श्री बी.एस. रेड्डी IOFS, मुख्य महाप्रबंधक, ऑर्डनेंस क्लोथिंग फैक्ट्री, चेन्नई ने मंदिर के अध्यक्ष श्री एस.एस. मुरुगन IOFS, और मंदिर के भक्तों की उपस्थिति में “ऐरावथम” का अनावरण किया। यह मैकेनिकल हाथी मंदिर के समारोहों को सुरक्षित और बिना किसी पशु के साथ क्रूरता किए आयोजित करने के लिए उपयोग किया जाएगा, जिससे असली हाथी जंगल में अपने परिवार के साथ रह सकें।
PETA इंडिया की यह पहल मंदिर के उस फैसले का सम्मान है जिसमे उन्होंने कभी जीवित हाथियों को मंदिर में ना रखने और न ही किराये पर लेकर प्रयोग करने का निर्णय लिया है। यह नया मैकेनिकल हाथी “ऐरावथम”, PFCI द्वारा तमिलनाडु में दान कराया गया दूसरा मैकेनिकल हाथी है। इस दान के साथ, PETA इंडिया अब तक पूरे देश में 21 रोबोटिक हाथी दान कर चुका है। मैकेनिकल हाथी का स्वागत उद्घाटन समारोह और चेंडा मेलम, सिलम्बट्टम, नादस्वरम और कोलट्टम प्रस्तुति के साथ किया गया।
“मंदिर करुणा, आस्था और मानवता के स्थान होते हैं। जब भक्ति और दया साथ चलते हैं, तो दिव्यता चमकती है। मैं इस मैकेनिकल हाथी ‘ऐरावथम’ को भेंट करने में सहयोग देने के लिए आभारी हूँ, ताकि पवित्र परंपराएँ बिना किसी जीवित प्राणी को कष्ट पहुँचाए जारी रह सकें। यह पहल भक्तों के लिए आशीर्वाद और हाथियों के लिए स्वतंत्रता लेकर आए।”
-सोनू सूद, अभिनेता
“श्री शक्ति विनायगर मंदिर को ‘ऐरावथम’ भेंट करने का हिस्सा बनकर मैं स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। इस पहल का समर्थन करके हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पवित्र समारोह सुरक्षित और करुणामय तरीके से जारी रहें, जबकि असली हाथी अपने प्राकृतिक घरों में अपने परिवार के साथ स्वतंत्र रहें।”
-अयान सूद, PETA इंडिया के करुणामय युवा पुरस्कार विजेता
“श्री शक्ति विनायगर मंदिर में ‘ऐरावथम’ का अनावरण करना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह मैकेनिकल हाथी दिखाता है कि भक्ति और करुणा सुंदर रूप से एक साथ रह सकते हैं। सोनू सूद, अयान सूद, PETA इंडिया और PFCI की यह सराहनीय पहल पारंपरिक अनुष्ठानों की पवित्रता को बनाए रखते हुए असली हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रहने का अवसर देती है।”
-श्री बी.एस. रेड्डी, IOFS, मुख्य महाप्रबंधक, ऑर्डनेंस क्लोथिंग फैक्ट्री
“हम सोनू सूद, अयान सूद, PETA इंडिया और PFCI के आभारी हैं कि उन्होंने हमारे मंदिर को ‘ऐरावथम’ भेंट किया। हमारा मंदिर हमेशा मानता है कि भक्ति में करुणा झलकनी चाहिए। यह पहल भगवान विनायगर का सम्मान करेगी और अन्य मंदिरों को भी ऐसी पहल अपनाने के लिए प्रेरित करेगी जो परंपरा और जीवन दोनों की रक्षा करे।”
– श्री एस.एस. मुरुगन, IOFS, मंदिर के अध्यक्ष
हाथी बुद्धिमान, सक्रिय और सामाजिक जंगली पशु हैं। कैद में उन्हें जुलूसों में उपयोग करने के लिए मार-पीट, हथियारों और बल का प्रयोग करके प्रशिक्षित किया जाता है। मंदिरों और अन्य स्थानों पर कैद रखे गए अधिकांश हाथी घंटों तक कंक्रीट पर जंजीरों से बंधे रहने के कारण पैरों की गंभीर समस्याओं और घावों से पीड़ित रहते हैं। अधिकतर को पर्याप्त भोजन, पानी, पशु चिकित्सकीय देखभाल और प्राकृतिक जीवन जैसी किसी भी सुविधा से वंचित रखा जाता है। इन अमानवीय परिस्थितियों में कई हाथी अत्यधिक निराश हो जाते हैं और हमला कर देते हैं, जिससे कई बार महावत या अन्य इंसानों या पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है।
मैकेनिकल हाथी 3 मीटर ऊँचे और 500 किलोग्राम वज़न के होते हैं। इन्हें रबर, फाइबर, धातु, जाली, फोम और स्टील से बनाया जाता है और ये पाँच मोटरों से चलते हैं। मैकेनिकल हाथी देखने और महसूस करने में असली हाथी जैसा होता है और उसी तरह उपयोग किया जा सकता है। यह सिर हिला सकता है, कान और आँखें हिला सकता है, पूंछ हिला सकता है, सूंड उठा सकता है और यहाँ तक कि पानी भी छिड़क सकता है। इस पर चढ़ा जा सकता है और इसकी पीठ पर सीट भी लगाई जा सकती है। इसे बिजली से जोड़कर आसानी से चलाया जा सकता है। इसके बेस में पहिये भी होते हैं तो इसे सड़कों पर अनुष्ठानों और जुलूसों के लिए आसानी से ले जाया जा सकता है।
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