पशुओं की बलि दिये जाने के संबन्ध में आप क्या कर सकते हैं?

पशुओं की बलि देना क्यूँ गलत है
सभी घर्म दया और करूणा का सन्देश देते हैं। कोई भी धर्म नही चाहता है कि जानवरों को मारा जाये या भोजन बनाया जाये। जानवरों को लटका देना और धारदार हथियार से मौत के घाट उतार देना अत्याचार के सिवा और कुछ भी नही।
पशु बलि देना किसी के लिये भी ठीक नही है। यह बच्चों में जानवरों के प्रति संवेदनशीलता को समाप्त करता है व उनमें हिंसा की प्रवति को बढ़ावा देता है।
इतना ही नही, बलि देने के लिये जिन बेरहम तरीकों से जानवरों को वाहनों में लाद कर ढ़ोया जाता है व जल्लाद के द्वारा कत्ल किया जाता है वह सीधे तौर पर ‘पशु परिवहन एवं कत्ल कानून’ का उललंघन है जो इसको दंडनीय अपराध बनाता है।

कानून व अदालत क्या कहते हैं?
इस सन्दर्भ में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय पशु कल्याण बोर्ड द्वारा पुलिस व कई अन्य विभागों को लिखे गये पत्र को पढें

पशु बलि देने की बजाय और क्या किया जा सकता है?
धार्मिक छुट्टियों को अहिंसक तरीकों तथा दयालू कार्य करके मनाया जाए। आप गरीबों में शुद्ध शाकाहारी भोजन वितरित कर सकते हैं, किसी अनाथालय में कपडे़ व खिलौने भेज सकते हैं, किसी पशु ग्रह में जाकर स्वयंसेवा कर सकते हैं या फिर अपने घर के आसपास जानवरों के पीने के लिये साफ पानी भरकर बाहर रख सकते हैं।

पशु बलि को रोकने के लिये क्या किया जा सकता है?
यदि आपको पता चलता है कि कंही पर पशु की बलि दी जाने वाली है तो आप उन लोगों से बात करें कि यदि वो इसको अंजाम देते हैं तो यह कानून का उलंघन है व इसके लिए जटिल कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। कोशिश करें की वो इस त्यौहार को पशुओं के अनुकूल तरीकों से मनाने के लिए राज़ी हो।

अवैध तरीकों से दी गयी पशु बलि के बारे में क्या किया जा सकता है?
यदि पशु बलि हेतु कोई कानून तोडा जा रहा है तो तुरन्त उसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें व प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) दर्ज करायें। पुलिस को कानूनी रूप से आपकी (FIR) दर्ज करनी ही होगी। उसके अलावा भारतीय पशु कल्याण विभाग, राज्य के मुख्यमंत्री तथा जिस शहर में पशु बलि दी जा रही है वंहा के नगरपालिका आयुक्त को भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इनके अलावा अन्य प्रतिक्रियाएं जिन पर गौर किया जा सकता है।