जीत : तत्काल सामान कि डिलीवरी करने वाले पोर्टल ज़ेप्टो (Zepto) ने PETA इंडिया के आग्रह के बाद ग्लू ट्रैप की बिक्री बंद की

Posted on by Surjeet Singh

PETA इंडिया बेंगलुरु स्थित तत्काल डिलीवरी करने वाले प्लेटफॉर्म ज़ेप्टो की सराहना करता है, जिसने अपने ऐप और वेबसाइट से ग्लू ट्रैप की बिक्री बंद कर दी है और उन्हें अपनी सूची से हटा दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब PETA इंडिया ने ज़ेप्टो को सूचित किया कि भारत के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्लू ट्रैप का निर्माण, उपयोग और बिक्री प्रतिबंधित है। PETA इंडिया ने ज़ेप्टो का ध्यान इस तथ्य की ओर दिलाया कि ये घातक ग्लू ट्रैप बिना भेदभाव के हर छोटे जीव के लिए हानिकारक है और वह इसके ऊपएर चिपक जाते हैं जिसमे पक्षी ओर बिल्ली के बच्चे भी होते हैं, जिससे उन्हें असहनीय पीड़ा होती है और उनकी धीमी और दर्दनाक मौत हो जाती है। ज़ेप्टो ने पुष्टि की कि वह अपनी आंतरिक जांच प्रक्रिया को और मजबूत कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह के उत्पादों की पहचान कर उन्हें अधिक प्रभावी ढंग से हटाया जा सके। इससे पहले PETA इंडिया द्वारा संपर्क किए जाने पर Amazon India, Meesho, Flipkart, Snapdeal और JioMart ने भी ग्लू ट्रैप की बिक्री बंद कर दी थी, जबकि राजमंदिर हाइपरमार्केट और वेलनेस फॉरएवर ने अपने सभी स्टोरों से इन्हें हटा दिया है।

भारत, 2022: अमानवीय चिपचिपी शीट पर चिपके भारतीय भूरे चूहे

ग्लू ट्रैप यानी चिपचिपे गोंद वाली शीट, जिसपे छोटे चिपक जाते हैं और कई दिनों तक तड़पने के बाद उनकी मौत हो जाती है – आज पशुओं को मारने के सबसे क्रूर तरीकों में से एक हैं। इनमें फंसे जीव  बाहर निकलने के लिए बुरी तरह संघर्ष करते हैं और कई बार छूटने की कोशिश में अपने ही अंग चबा डालते हैं। अंततः भूख, प्यास, दम घुटने या अत्यधिक खून बहने से उनकी मौत हो जाती है।

ग्लू ट्रैप पर फंसे जीव लगातार मल और मूत्र त्यागते रहते हैं, जिनके माध्यम से हंटावायरस, साल्मोनेला और लेप्टोस्पायरोसिस पैदा करने वाले बैक्टीरिया जैसे रोगजनक फैल सकते हैं। इससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा होता है। इसके अलावा, ग्लू ट्रैप समस्या का स्थायी समाधान भी नहीं हैं, क्योंकि वे मूल कारण को नहीं मिटाते। जब तक भोजन उपलब्ध रहेगा, मारे गए कृंतकों की जगह दूसरे कृंतक वहां आते रहेंगे।

कृंतकों की संख्या को नियंत्रित करने का दीर्घकालिक समाधान यह है कि उनके लिए किसी स्थान को कम आकर्षक या पहुंच से बाहर बनाया जाए। इसके लिए भोजन के स्रोत हटाएं, कूड़ेदानों को अच्छी तरह बंद रखें और उनके छिपने के स्थानों को बंद कर दें। PETA इंडिया की सलाह है कि अमोनिया में भीगी हुई रुई या कपड़े रखने से कृंतक वहां से चले जाते हैं, क्योंकि उन्हें इसकी गंध पसंद नहीं होती। उनके बाहर निकल जाने के बाद प्रवेश के सभी रास्तों को फोम सीलेंट, स्टील वूल, हार्डवेयर क्लॉथ या धातु की शीट से बंद किया जा सकता है। यदि कृंतकों को घर से हटाना आवश्यक हो, तो मानवीय तरीके से इस्तेमाल किए जाने वाले पिंजरे वाले ट्रैप का उपयोग करें। इन ट्रैप की प्रतिदिन जांच करें और फंसे हुए पशुओं को घर से पर्याप्त दूरी पर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दें।

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