तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना की जनता के लिए PETA इंडिया द्वारा भेंट किए गए रोबोटिक हाथी का स्वागत किया; सुरक्षित और पशु-अनुकूल सार्वजनिक आयोजनों को मिलेगा बढ़ावा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी के करुणामय और प्रगतिशील नेतृत्व में तेलंगाना सरकार ने जनसुरक्षा और पशु कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एक ऐतिहासिक पहल की है। अब राज्य में जुलूसों, फिल्म शूटिंग और अन्य आयोजनों में, जहाँ परंपरागत रूप से जीवित हाथियों का उपयोग किया जाता था, वहाँ रोबोटिक हाथी का उपयोग किया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री ने रंगारेड्डी ज़िले के इब्राहिमपट्टनम स्थित गुर्रमगुडा फॉरेस्ट ब्लॉक में आयोजित वन महोत्सव 2026 के दौरान एक भव्य उद्घाटन समारोह में PETA इंडिया द्वारा भेंट किए गए रोबोटिक हाथी का औपचारिक स्वागत किया और उसे तेलंगाना की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं बंदोबस्ती मंत्री श्रीमती कोंडा सुरेखा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री विनय कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
यह सजीव प्रतीत होने वाला रोबोटिक हाथी, जिसे नेहरू प्राणी उद्यान में रखा जाएगा और जिसे तेलंगाना वन विभाग से अनुमति प्राप्त करने वाले व्यक्ति एवं संगठन उपयोग कर सकेंगे, अपना सिर हिला सकता है, कान और आँखें चला सकता है, पूँछ हिला सकता है तथा सूंड उठा सकता है। भारतीय कारीगरों द्वारा निर्मित इन रोबोटिक हाथियों पर बैठा जा सकता है और उनकी पीठ पर सीट भी लगाई जा सकती है। इन्हें केवल बिजली से संचालित किया जा सकता है। पहियों पर आधारित संरचना होने के कारण इन्हें सड़कों पर आसानी से ले जाया जा सकता है तथा धार्मिक अनुष्ठानों और जुलूसों में सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है।

तेलंगाना के गणमान्य अतिथि: श्री मल रामरेड्डी; डॉ. सी. सुवर्णा, IFS, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF); श्री श्रीधर बाबू, माननीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री; श्रीमती कोन्डा सुरेखा, माननीय पर्यावरण, वन एवं देवस्थान मंत्री; श्री अनुमुला रेवंत रेड्डी, माननीय मुख्यमंत्री; सुश्री खुशबू गुप्ता, वाईस प्रेसीडेंट (पॉलिसी) PETA इंडिया; तथा श्री विनय कुमार, IFS, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन — सभी मेकेनिकल हाथी के साथ, जिसे PETA इंडिया द्वारा तेलंगाना राज्य को उपहार में दिया गया।
हमारे मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी पशु कल्याण में विश्वास रखते हैं। रोबोटिक हाथियों के उपयोग का निर्णय यह सुनिश्चित करेगा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में, जहाँ हाथी की उपस्थिति वांछित होती है, वहाँ परंपराएँ सुरक्षित, सुंदर और सम्मानजनक तरीके से जारी रह सकें। राज्य में रोबोटिक हाथी का स्वागत कर तेलंगाना असली हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में रहने में मदद कर रहा है और साथ ही नागरिकों के जीवन की भी रक्षा कर रहा है।.
– माननीय र्यावरण, वन एवं बंदोबस्ती मंत्री श्रीमती कोंडा सुरेखा
हाथी जंगली पशु हैं, जिनकी शारीरिक, सामाजिक और व्यवहार संबंधी ज़रूरतें अत्यंत जटिल होती हैं। उन्हें शोरगुल और भीड़भाड़ वाले वातावरण में ले जाना या उपयोग करना अक्सर तनाव का कारण बनता है, जिससे वे आक्रामक हो सकते हैं। रोबोटिक हाथी मानव जीवन की रक्षा करेंगे, हाथियों की पीड़ा को रोकेंगे और सार्वजनिक आयोजनों तथा जुलूसों को यादगार बनाएंगे।
– प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री विनय कुमार
वर्तमान में देशभर के हिंदू मंदिरों और एक जैन मंदिर में 40 से अधिक रोबोटिक हाथियों का उपयोग किया जा रहा है। PETA इंडिया इनमें से 27 रोबोटिक हाथी उन मंदिरों को भेंट कर चुका है, जिन्होंने जीवित हाथियों को न रखने या किराए पर न लेने का निर्णय लिया है।
इस वर्ष वीगन अभिनेत्री और गायिका ज़हरा एस. खान तथा PETA इंडिया ने तेलंगाना राज्य वक्फ बोर्ड को एक पत्र लिखकर रोबोटिक हाथी भेंट करने की पेशकश की थी। PETA इंडिया ने राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और बंदोबस्ती विभाग को भी यह उपहार देने की पेशकश की है तथा उनसे जीवित हाथियों के स्थान पर रोबोटिक हाथियों के उपयोग का आग्रह किया है। आज रोबोटिक हाथियों का उपयोग विज्ञापनों, शादियों, सर्कसों, रैलियों और अन्य आयोजनों में भी किया जा रहा है। स्वामी बाबा रामदेव ने भी PETA इंडिया के एक वीडियो में बेंगलुरु की एक शादी में रोबोटिक हाथी के उपयोग की प्रशंसा की थी।
बंदी बनाए गए हाथियों को आमतौर पर जंजीरों में बाँधकर रखा जाता है और हथियारों के बल पर नियंत्रित किया जाता है। ये जानवर अक्सर भूख, प्यास और अकेलेपन का भी सामना करते हैं, जिससे वे तनावग्रस्त, व्यथित और खतरनाक हो सकते हैं। हेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स द्वारा संकलित आँकड़ों के अनुसार, केरल में 15 वर्षों की अवधि में बंदी बनाए गए हाथियों ने 526 लोगों की जान ली।
