PETA इंडिया ने ‘आवाज़’ नामक एक प्यारा AI-आधारित रोबोट बकरा लॉन्च किया है जो हत्या के खिलाफ आवाज़ उठाता है और वीगन भोजन को बढ़ावा देता है
Artificial Intelligence (AI) के माध्यम से लोगों में संवेदनशीलता और सहानुभूति बढ़ाने के उद्देश्य से पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (PETA इंडिया) ने ‘आवाज़’ नाम से एक रोबोट बकरा लॉन्च किया है। यह नन्हा प्यारा, बच्चों जैसा रोबोट बकरा लोगों को बकरों के प्रति दया और करुणा दिखाने तथा उन्हें माँस के टुकड़ों में काटने की बजाय शांति से जीने देने के लिए प्रेरित करता है। PETA इंडिया द्वारा जारी एक नए लॉन्च वीडियो में यह वास्तविक दिखने वाला रोबोट बकरा अंग्रेज़ी और हिंदी में लोगों, बच्चों और राहगीरों से बेहद सहज और संवादात्मक अंदाज़ में पूछता है: “क्या आप मुझे दोस्त मानते हैं… या खाना ?”
“कुछ लोग सोचते हैं कि हम भोजन हैं, या हमारी जान ली जा सकती है। लेकिन मेरी ज़िंदगी मेरे लिए भी उतनी ही खास है, जितनी आपकी ज़िंदगी आपके लिए मूल्यवान है।”- ‘आवाज़’, एक प्यारा AI-Powered रोबोट बकरा
बकरे अपने साथी समुदाय में एक-दूसरे के साथ गहरे संबंध रखते हैं और उन लोगों को याद रखते हैं जो उनके साथ दयालु व्यवहार करते हैं। इसके बावजूद, हत्या, बलि या कुर्बानी के लिए उन्हें बेहद भीड़भाड़ वाले ट्रकों में ठूंसकर बूचड़खानों में ले जाया जाता है, जहाँ परिवहन के दौरान कई बकरों को दम घुटने या हड्डियाँ टूटने जैसी पीड़ा सहनी पड़ती है। बूचड़खानों या सड़क के किनारे कसाई की दुकानों में उनके साथियों के सामने उनका गला काट कर हत्या कर दी जाती है जबकि वे पूरी तरह होश में होते हैं और सब महसूस कर पाते हैं।
जो भी व्यक्ति वीगन जीवनशैली अपनाता है वह हर वर्ष लगभग 200 पशुओं की जान बचाता है और साथ ही हृदय रोग, मधुमेह तथा कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम करता है। भोजन के लिए पशुओं का पालन-पोषण जल प्रदूषण, पानी और भूमि के अत्यधिक उपयोग का भी एक प्रमुख कारण है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु संकट के सबसे गंभीर प्रभावों से निपटने के लिए दुनिया भर में वीगन भोजन की ओर बदलाव आवश्यक है। PETA इंडिया की वीगन गाइड देखें और हर साल मांस के लिए मारे जाने वाले पशुओं की जान बचाने में मदद करें।
क्रूरता-मुक्त ईद-उल-अज़हा मनाने का संकल्प लें।
पशु बलि/कुर्बानी को समाप्त करने के लिए कानूनों में संशोधन कराने में मदद करें।



