नाशिक के एस्पालियर द हेरिटेज स्कूल में ‘ऐली’ का आगमन—एशिया की पहली एनिमेट्रॉनिक हथिनी, जो दिया मिर्जा की आवाज़ में बच्चों को सहानुभूति का महत्व सिखाती है; PETA इंडिया और उपाध्याय फाउंडेशन की पहल।

Posted on by Surjeet Singh

एस्पालियर, द हेरिटेज स्कूल के छात्रों को एक खास अनुभव मिला, जब स्कूल में ‘ऐली’ नाम की बेहद असली जैसी दिखने वाली यांत्रिक हथिनी आई। ऐली को अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा ने आवाज दी है। यह कार्यक्रम PETA इंडिया और उपाध्याय फाउंडेशन द्वारा नाशिक में चलाए जा रहे सहानुभूति जागरूकता अभियान का हिस्सा था। ऐली ने, अपनी आँखें झपकाकर और कान फड़फड़ाकर बिल्कुल असली हाथी जैसे हाव-भाव दिखाए तथा सैकड़ों छात्रों को अपनी कहानी सुनाई जिसमें जिसमें उसने बताया कि कैसे बचपन में उसे अपनी माँ से अलग कर दिया गया, सर्कस में उसके साथ बुरा व्यवहार हुआ और बाद में उसका बचाव किया गया। अब वह एक अभयारण्य में खुशहाल जीवन जी रही है।ऐली मीडिया लॉन्च कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिरीक्षक श्री दत्तात्रय कराले और शिक्षा अधिकारी श्री प्रशांत दिग्रसकर ने ऐली मीडिया अनावरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उसमें सम्मिलित हुए।

“ऐली का दौरा हमारे छात्रों के लिए वास्तव में एक ज्ञानवर्धक अनुभव था। वे उनकी जीवंत उपस्थिति और दया के महत्वपूर्ण संदेश से मोहित हो गए।ऐली की कहानी से छात्र यह समझ पाए कि हाथी जंगलों में रहने के लिए बने हैं कैद में नहीं। इस पहल ने सभी जीवों के प्रति दया और सम्मान के बारे में सार्थक बातचीत को जन्म दिया है।” – श्री सचिन उषा विलास जोशी, शिक्षा कार्यकर्ता, एस्पालियर, द हेरिटेज स्कूल

“PETA इंडिया की ऐली ने बच्चों को यह समझाने में मदद की कि हाथी संवेदनशील और भावनाएँ रखने वाले पशु हैं, जिन्हें सम्मान मिलना चाहिए। स्कूल में उसके साथ बिताया गया समय बच्चों के भीतर सहानुभूति पैदा करने वाला रहा और उन्हें पशु कल्याण के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया। इस प्रभावशाली शैक्षिक पहल का समर्थन करने पर हमें गर्व है और ऐली के दौरे के लिए PETA इंडिया टीम का आभार व्यक्त करते हैं।”- श्रीमती प्राजक्ता जोशी, एस्पालियर, अध्यक्षा, द हेरिटेज स्कूल 

[बाएँ से दाएँ] अनुष्का यादव, मीडिया एवं सेलिब्रिटी प्रोजेक्ट्स असिस्टेंट, PETA इंडिया; गौरव मेहता, उपाध्याय फाउंडेशन; सोनाली मिश्रा, मैनेजर, सीएसआर फंडरेज़िंग, PETA इंडिया; प्रकृति मिश्रा, उपाध्याय फाउंडेशन; मीनाक्षी नरंग, मैनेजर, एलेमेंट्री एजुकेशन, PETA इंडिया; मीनल शाह, एजुकेशन प्रोजेक्ट्स कोऑर्डिनेटर, PETA इंडिया

हमें PETA इंडिया के साथ इस परियोजना का समर्थन करते हुए खुशी हो रही है, जिसमें बच्चों की दोस्त के रूप में एनिमेट्रॉनिक हथिनी ‘एली’ को पेश किया गया है, जिसे ‘सहेली’ भी कहा गया है ताकि यह स्थानीय भाषा और भावनाओं से जुड़ सके। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को यह समझाना है कि हाथी संवेदनशील और दयालु जीव होते हैं, और उनके दिलों में करुणा और सहानुभूति जगाना है। उपाध्याय फाउंडेशन इस तरह छात्रों को शिक्षित करके सभी पशुओं और पर्यावरण के प्रतिगरिमा और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देना चाहता है।”  -श्रीमती ब्रिंदा उपाध्याय, उपाध्याय फाउंडेशन की सह-संस्थापक

 

मनोरंजन के लिए कैद हाथी अक्सर अपने परिवारों और प्राकृतिक आवासों से अलग कर दिए जाते हैं। वे कठोर प्रशिक्षण विधियाँ सहन करते हैं और उन्हें नियंत्रित करने के लिए भारी डंडे जिनके सिरे पर स्टील के नुकीले बिंदु लगे होते हैं जिन्हें अंकुश कहते है, का प्रयोग किया जाता है जो हाथियों में भय और पीड़ा उत्पन्न करते हैं। लंबे समय तक कैद के कारण कई हाथी असामान्य व्यवहार प्रदर्शित करने लगते हैं तथा उन्हें पर्याप्त भोजन, पानी तथा पशु चिकित्सा देखभाल से वंचित रखा जाता है।

मई 2023 से, ऐली ने भारत भर में विभिन्न निजी, सरकारी, अंतर्राष्ट्रीय और सार्वजनिक स्कूलों में 2,47,000 से अधिक युवा छात्रों तक पहुँच बनाई है, यह संदेश देते हुए कि हाथियों का उपयोग सर्कस, सवारी या अन्य क्रूर आयोजनों में नहीं किया जाना चाहिए। अब वह नासिक के एस्पालियर, द हेरिटेज स्कूल, द एक्सपेरिमेंटल स्कूल, पोदार इंटरनेशनल स्कूल – तापोवन, लिटिल मिलेनियम, दियान यूनिवर्सल स्कूल, होराइजन एकेडमी, सिंधु सागर एकेडमी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, पेठे विद्यालय, ईआईएसएन(EISN) एबीनेजर इंटरनेशनल स्कूल, सागरमल मोदी प्राथमिक शिक्षा मंदिर, आदर्श मॉन्टेसरी इंग्लिश मीडियम स्कूल और आदर्श मॉन्टेसरी मंदिर, आनंद निकेतन मराठी मीडियम स्कूल, एनएमसी स्कूल नंबर 18 तथा मराठा हाई स्कूल के हजारों छात्रों से मिलने वाली है।

PETA इंडिया, एक निशुल्क मानवीय शिक्षा कार्यक्रम Compassionate Citizen भी चलाता है, जो 8 से 12 वर्ष की आयु के स्कूली छात्रों को पशुओं को बेहतर समझने एवं उनकी सराहना करने में मदद करने हेतु तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम का उपयोग भारत भर में 2 लाख से अधिक स्कूलों द्वारा किया गया है और इसमे अब तक लगभग 9.3 करोड़ बच्चों को शिक्षित किया जा चुका है।

जो शिक्षक अपने स्कूल में ऐली की विज़िट करवाना चाहते हैं, वे हमें [email protected] पर ईमेल के द्वारा संपर्क कर सकते हैं।

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