PETA के वैज्ञानिक गैर-पशु आधारित परीक्षण के तरीकों को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी कर रहे हैं
जिस तरह हम अब प्रयोगशालाओं को जानते हैं, वे जल्द ही पशु मुक्त परीक्षण पर चलेंगी। लेकिन हम यह कैसे सुनिश्चित करें कि आज के वैज्ञानिक भविष्य में अनिवार्य गैर-पशु परीक्षण तरीकों के लिए तैयार होंगे ?
PETA इंडिया के वैज्ञानिकों और अन्य विषविज्ञान विशेषज्ञों की मदद से, भारत तेजी से गैर-पशु प्रयुक्त परीक्षण को आगे बढ़ाने में एक अग्रणी देश बनता जा रहा है।
मई 2025 में, PETA Science Consortium International e.V. (Science Consortium), जिसका PETA इंडिया भी एक सदस्य है, ने एक प्रमुख गैर-पशु परीक्षण संस्थान के साथ साझेदारी की और छह भारतीय वैज्ञानिकों को उच्च-स्तरीय गैर-पशु प्रशिक्षण के लिए अमेरिका भेजा। वहाँ प्रतिभागियों ने यह सीखा कि कैसे त्वचा और आंखों में जलन और क्षरण, त्वचा संवेदनशीलता, फोटोटॉक्सिसिटी और श्वसन विषता का परीक्षण बिना पशुओं का उपयोग किए किया जा सकता है। इस व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से, यह अभिनव कोर्स प्रयोगशालाओं में खरगोश, चूहों, गिनी पिग और अन्य जीवों को आजीवन बंदी जीवन से बचाने की नींव रखता है।
एक नई साझेदारी इस प्रशिक्षण अवसर को भारत तक ला रही है।
हाल ही में, दुनिया के 80 से अधिक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक भारत में एकत्र हुए ताकि PETA इंडिया और अमेरिका स्थित गैर-जानवर परीक्षण संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ प्रशिक्षण चर्चाओं में भाग ले सकें। गैर-पशु परीक्षण विधियों पर हुए सत्रों में केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और पंजीकरण समिति, हरियाणा के फरीदाबाद में केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला और उत्तर प्रदेश के नोएडा में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स के प्रतिभागी शामिल हुए। इस प्रशिक्षण का फोकस यह था कि कैसे पशु -मुक्त परीक्षण रणनीतियाँ रासायनिक पदार्थों और दवाओं के मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव का मूल्यांकन कर सकती हैं।
जैसे-जैसे दुनिया भर के नियामक एजेंसियाँ अधिक गैर-पशु प्रयुक्त तरीकों को स्वीकार कर रही हैं, भारत और अन्य देशों के विषविज्ञानी इन तरीकों से डेटा का उपयोग और व्याख्या करना सीख रहे हैं, जिससे ऐसे कार्यक्रम और सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बन जाते हैं।
आप भी गैर-पशु विज्ञान को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं—इसके लिए कोई प्रशिक्षण आवश्यक नहीं है!
पिछले दशक में, विश्वसनीय और मानव-संबंधित गैर-पशु परीक्षण के तरीकों ने विषता परीक्षण के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। लेकिन अभी भी काम बाकी है। PETA इंडिया के साथ जुड़कर ऐसे अत्याधुनिक विज्ञान के लिए अभियान चलाएँ जो सभी जीवित प्राणियों के लिए लाभकारी हो।
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