पद्मश्री सम्मानित अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी एवं PETA इंडिया द्वारा ISKCON नवी मुंबई को एक मैकेनिकल हाथी प्रदान किया गया

Posted on by Surjeet Singh

पद्मश्री सम्मानित अभिनेत्री, निर्देशक और सांसद श्रीमती हेमा मालिनी तथा PETA इंडिया ने ISKCON नवी मुंबई को एक विशाल आकार का मैकेनिकल हाथी दान किया है। यह एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ISKCON मंदिर है, और यह महाराष्ट्र का पहला ISKCON मंदिर तथा पहला धार्मिक संस्थान बन गया है जहां मैकेनिकल हाथी आया है। श्रीमती हेमा मालिनी और ISKCON नवी मुंबई के अध्यक्ष श्री सुरा दास जी ने गजेंद्र का अनावरण किया, जिसमें पनवेल के विधायक श्री प्रशांत ठाकुर, अन्य गणमान्य व्यक्ति और मंदिर के भक्त उपस्थित थे।

“भगवद गीता (5.18) में भगवान कृष्ण हमें सभी जीवों को समान दृष्टि से देखने की शिक्षा देते हैं। पशुओं की रक्षा करना जो भगवान कृष्ण और भगवान गणेश के प्रिय हैं, हमारा धर्म है। एक मैकेनिकल हाथी हमें अहिंसा के सिद्धांत का पालन करते हुए अपनी परंपराओं का सम्मान करने की अनुमति देता है। मैकेनिनकल हाथी को अपनाकर हम सभी प्राणियों के प्रति प्रेम, भक्ति और देखभाल के कृष्ण के शिक्षाओं के साथ अपने आप को संरेखित करते हैं।”
– डॉ. सुरा दास, अध्यक्ष, ISKCON, नवी मुंबई

ISKCON के संस्थापक आचार्य, श्रीला प्रभुपाद ने सिखाया कि पशुओं की आत्मा होती है और वे भगवान की बनाई एक रचना हैं, जिन्हें करुणा मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि पशुओं की बुनियादी आवश्यकताएँ जैसे खाना, सोना और अपनी रक्षा करना, मनुष्यों जैसी होती हैं। उन्होंने भोजन के लिए पशुओं को मारना हिंसा का रूप माना और तर्क दिया कि एक सच्ची आध्यात्मिक सभ्यता पशुओं की रक्षा करेगी और उन्हें प्राकृतिक जीवन जीने देगी, जबकि गायों की रक्षा वेदिक संस्कृति के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

यह मैकेनिकल हाथी, ISKCON में समारोहों को सुरक्षित और क्रूरता मुक्त तरीके से आयोजित करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे असली हाथी अपने जंगल के घरों में अपने परिवारों के साथ रह सकें। इस पहल को PETA इंडिया ने सहज बनाया, ISKCON नवी मुंबई के इस निर्णय को मान्यता देते हुए कि वे कभी भी जीवित हाथियों को अपने पास नहीं रखें या किराए पर न लें। मैकेनिकल हाथी का स्वागत उद्घाटन समारोह के माध्यम से किया गया, इसके बाद कीर्तन हुआ।

अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी, पशुओं की रक्षा के प्रयासों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने PETA इंडिया के लिए जनता से मांस-मुक्त भोजन करने का आह्वान करने वाले अभियान में हिस्सा लिया और संसद में पशुओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों की आवश्यकता के बारे में भी आवाज उठाई, साथ ही अन्य कई पहलों में सक्रिय रही हैं।

“एक लंबे समय से भगवान कृष्ण की भक्त, ISKCON की गर्वित सदस्य और पशु प्रेमी होने के नाते, मुझे PETA इंडिया के साथ मिलकर ISKCON नवी मुंबई को मैकेनिकल हाथी भेंट करने का सम्मान मिला। यह आधुनिक तरीका हमें प्राचीन परंपराओं को जारी रखने की अनुमति देता है, जबकि असली हाथी अपने परिवारों के साथ जंगलों में रह सकें, जैसा भगवान स्वयं चाहते थे। ”

-पद्मश्री सम्मानित अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी

“नवी मुंबई के लिए यह गर्व का क्षण है कि खारगर में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ISKCON मंदिर परंपरा, आधुनिकता और करुणा को जोड़कर दुनिया के लिए उदाहरण पेश कर रहा है। मैकेनिकल हाथी को अपनाकर यह मंदिर दिखा रहा है कि कैसे आस्था और तकनीक मिलकर पशुओं की रक्षा कर सकती हैं और हमारी संस्कृति को जारी रख सकती हैं। ISKCON और PETA इंडिया की यह सोच-समझकर की गई पहल वास्तव में महाराष्ट्र की प्रगतिशील सोच और भारत के अहिंसा व सहानुभूति के मूल्यों को दर्शाती है।”

– श्री प्रशांत ठाकुर, विधायक, पनवेल

“यह पहल यह दर्शाती है कि हमारे मंदिर कैसे अनुष्ठानों की पवित्रता बनाए रख सकते हैं और सभी जीवों के प्रति दया अपनाते हुए आगे बढ़ सकते हैं। मैं ISKCON खारगर, हेमा मालिनी जी और PETA इंडिया को इस करुणामयी बदलाव का नेतृत्व करने के लिए बधाई देती हूँ। भगवान कृष्ण की शिक्षाएँ हमें हर प्राणी से प्रेम करने और उनकी रक्षा करने के लिए प्रेरित करती हैं, और यह मैकेनिकल हाथी उस दिव्य करुणा का जीवंत उदाहरण है।”

-विधायक, बेलापुर, श्रीमती मंदा विजय म्हात्रे

हाथी बुद्धिमान, सक्रिय और सामाजिक जंगली पशु हैं। पालतू स्थितियों में, उन्हें जुलूसों में इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें मारपीट, हथियारों और बल का प्रयोग शामिल होता है। मंदिरों और अन्य जगहों पर रखे गए अधिकांश हाथी कठोर शारीरिक समस्याओं और पैर की चोटों से पीड़ित होते हैं, क्योंकि उन्हें घंटों तक कंक्रीट से जकड़ा जाता है। अधिकांश हाथियों को पर्याप्त भोजन, पानी, पशु चिकित्सकीय देखभाल और किसी भी तरह का प्राकृतिक जीवन नहीं मिलता। इन नर्क जैसी परिस्थितियों में, कई हाथी अत्यधिक तनावग्रस्त हो जाते हैं और हिंसक हो सकते हैं, कभी-कभी महावतों या अन्य मनुष्यों या पशुओं को मार देते हैं। हेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स के आंकड़ों के अनुसार, केरल में पालतू हाथियों ने 15 वर्षों में 526 लोगों की जान ले ली। चिक्कोट्टुकावु रामचंद्रन, जो लगभग 40 वर्षों से पालतू हैं और केरल के त्योहारों में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले हाथियों में से एक हैं,अभी तक आंकड़ों के अनुसार वो 13 लोगों को मार चुके हैं जिसमे छह महावत, चार महिलाएँ और तीन हाथी।

PETA इंडिया ने 2023 की शुरुआत में धार्मिक संस्थानों में जीवित हाथियों के उपयोग को बदलने के लिए सहानुभूतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया। अब भारत के मंदिरों में कम से कम बीस यांत्रिक हाथियों का उपयोग किया जाता है। PETA इंडिया ने चालीस मंदिरों को यह मान्यता देते हुए चौदह मैकेनिकल हाथी दान किए कि वे कभी भी जीवित हाथियों को नहीं रखेंगे या किराए पर नहीं लेंगे।

मैकेनिकल हाथी 3 मीटर ऊँचे और 800 किलोग्राम वजन के होते हैं। इन्हें रबर, फाइबर, धातु, जाल, फोम और स्टील से बनाया गया है और ये पाँच मोटरों पर चलते हैं। एक मैकेनिकल हाथी असली हाथी की तरह दिखता, महसूस होता है और इस्तेमाल किया जा सकता है। यह अपना सिर हिला सकता है, कान और आँखें हिला सकता है, पूँछ झटका दे सकता है, सूँड़ उठाकर पानी छिड़क सकता है। इन पर चढ़ा जा सकता है और पीठ पर सीट लगाई जा सकती है। इन्हें बिजली से सिर्फ प्लग और प्ले करके चलाया जा सकता है। इन्हें सड़कों पर ले जाया जा सकता है और ये व्हीलबेस पर माउंट किए गए होते हैं, जिससे इन्हें अनुष्ठान और जुलूसों के लिए आसानी से घुमाया और धकेला जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्ध ISKCON (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस) मंदिर नवी मुंबई के खारगर क्षेत्र में स्थित है, जो एक अनोखा सांस्कृतिक और वैदिक शैक्षणिक केंद्र है। ISKCON नव मुंबई एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ISKCON मंदिर है। इसका परिसर नौ एकड़ में फैला हुआ है और इसमें वैदिक शिक्षा के लिए कॉलेज, पुस्तकालय, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र, गौशाला, वरिष्ठ निवासियों के लिए आश्रम, वैदिक संग्रहालय, ऑर्गेनिक गार्डन और सांस्कृतिक केंद्र शामिल हैं।

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