झज्जर: PETA इंडिया के हस्तक्षेप के बाद, अलग-अलग जगहों पर कुत्ते के तीन बच्चों को कुचलकर मारने वाले ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
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31 December 2025
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झज्जर – यह जानकारी मिलने के बाद कि एक ड्राइवर ने तीन अलग-अलग जगहों पर पर कुत्ते के तीन बच्चों को जानबूझकर गाड़ी के नीचे कुचल कर दर्दनाक तरीके से मार दिया, पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (PETA इंडिया) ने सदर पुलिस स्टेशन में अभियुक्त के खिलाफ प्राथमिकी सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने में मदद की।
तीन घटनाओं में से दो सीसीटीवी में कैद हुईं जिसमे पहली घटना 26 अक्टूबर की है जिसमे ड्राइवर ने कुत्ते के नन्हे बच्चे को गाड़ी के नीचे कुचल दिया लेकिन इस घटना की सीसीटीवी में रिकॉर्ड नहीं हो सकी, लेकिन उस बच्चे की देखभाल करने वाले ने इसे होते हुए देखा था। इसके बाद दिनांक 16 नवंबर को दूसरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई जिसमे दिख रहा है कि ड्राइवर जानबूझकर गाड़ी की रफ्तार धीमी करता है और कुत्ते के बच्चे को कुचल देता है, वह पुनः कार को बैक करता है और उस बच्चे को दोबारा कुचलता है। इसके बाद दिनांक 04 दिसंबर की हुई तीसरी घटना के वीडियो में दिख रहा है कि ड्राइवर कार को बैक करता है और ऐसा करते समय सड़क के कोने पर सो रहे कुत्ते के एक छोटे से बच्चे को कुचल देता है। इसके बाद वह गली से निकलते समय एक बार फिर उस बच्चे के उपेर कार चड़ा देता है। इन तीनों ही घटनाओं में ड्राईवर एक भी बार कुत्तों की मदद के लिए नहीं रुकता। कुत्तों की चीखें सुनकर वहाँ रहने वाले लोग मदद के लिए बाहर आए।
PETA इंडिया इस वीभत्स मामले में अभियुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए बहादुरगढ़ के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) श्री मयंक मिश्रा, आईपीएस, और सदर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) श्री नरेश कुमार के साथ मिलकर काम किया। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 281 और 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (पीसीए), 1960 की धारा 11 के तहत दर्ज की गई है।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 325 किसी भी पशु को अपंग बनाने या मारने को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखती है और इसके लिए पांच साल तक की कैद, या जुर्माना, या दोनों की सजा का प्रावधान करती है। पीसीए अधिनियम, 1960 की धारा 11 “क्रूरता” को परिभाषित करती है और किसी भी पशु को अनावश्यक दर्द या पीड़ा पहुंचाने को दंडनीय अपराध बनाती है।
PETA इंडिया की क्रूरता प्रतिक्रिया समन्वयक ईशानी राठी कहती हैं – “जो लोग पशुओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सभी की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है कि जनता ऐसे पशु क्रूरता के मामलों की जानकारी पुलिस को दें। हम डीसीपी बहादुरगढ़ श्री मयंक मिश्रा, आईपीएस, और सदर पुलिस स्टेशन के एसएचओ श्री नरेश कुमार की सराहना करते हैं कि उन्होंने तुरंत एफआईआर दर्ज कर यह संदेश दिया कि पशुओं के प्रति क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
PETA इंडिया यह सिफारिश करता है है कि पशु दुर्व्यवहार करने वालों की मानसिक जांच होनी चाहिए और उन्हें आवश्यक परामर्श एवं काउन्सलिंग दी जानी चाहिए क्योंकि पशुओं के साथ दुर्व्यवहार गहरी मानसिक समस्या का संकेत है। शोध से पता चलता है कि जो लोग पशुओं के प्रति क्रूरता करते हैं, वे अक्सर बार-बार अपराध करते हैं और आगे चलकर अन्य पशुओं, यहां तक कि इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। फॉरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है, “जो लोग पशुओं के प्रति क्रूरता करते हैं उनमें अपराध करने की संभावना [तीन] गुना अधिक होती है जिनमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशे या पदार्थों का दुरुपयोग शामिल है।”
PETA इंडिया, जो इस सिद्धांत के तहत काम करता है कि “पशु किसी भी तरह से हमारा दुर्व्यवहार सहने के लिए नहीं हैं”, सबसे अपील करता है कि जब भी किसी पशु को घायल या संकट में देखें तो तुरंत किसी पशु चिकित्सक या पशु बचाव समूह से मदद के लिए संपर्क करे। यह भी जरूरी है कि जब तक कोई मदद ना आ जाए तब तक पशु के साथ वहीं रहें और यह सुनिश्चित करें कि उसका सही इलाज और देखभाल हो। PETA इंडिया 24X7 एक पशु आपातकालीन हेल्पलाइन 9820122602 संचालित करता है, जहां कॉल करने वालों को पशु आपातकालीन से संबंधित मदद हेतु स्थानीय संपर्क और सलाह दी जाती है।
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