उडुपी में कुत्ते की ज़हर देकर हत्या: FIR दर्ज, PETA इंडिया ने सूचना देने वालों के लिए ₹50,000 तक के इनाम की घोषणा की
एक समुदायिक कुत्ते को ज़हर देकर मारने की घटना की जानकारी मिलते ही, PETA इंडिया ने उस कुत्ते के देखभालकर्ता मधु मोहन के साथ मिलकर सुनिश्चित किया कि आजेकार पुलिस स्टेशन में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए। यह घटना 6 जून को कर्नाटक के उडुपी जिले के कार्कला तालुका स्थित आजेकार क्षेत्र में घटी। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 के अंतर्गत दर्ज की गई है। मामले की आगे की जांच में मदद के लिए कुत्ते का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है।
BNS, 2023 की धारा 325 के अनुसार, किसी भी पशु को घायल करना, मारना या ज़हर देना एक संज्ञेय अपराध है, जिसके लिए पांच साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।
जो कोई भी इस अपराध से जुड़ी जानकारी रखता हो, वह [email protected] पर PETA इंडिया से संपर्क कर सकता है। अनुरोध करने पर सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
जो लोग पशुओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर मनुष्यों को भी नुकसान पहुँचाते हैं। हर किसी की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है कि जनता ऐसे मामलों को उजागर करे और इस तरह की क्रूरता की घटनाओं की तुरंत पुलिस को जानकारी दे। हम हापुड़ के उप पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा और थाना हापुड़ नगर के थाना प्रभारी श्री मुनिश प्रताप सिंह के प्रति आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने इस मामले में तत्परता से FIR दर्ज कर यह सख्त संदेश दिया कि पशुओं के प्रति हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
PETA इंडिया पशु क्रूरता के अपराधियों की मनोदशा का मूल्यांकन और काउंसलिंग की सिफारिश करता है क्योंकि पशुओं के प्रति शोषण के कृत्य एक गहरी मानसिक अशांति को इंगित करते हैं। शोध से पता चला है कि जो लोग पशुओं पर क्रूरता करते हैं, वह अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं व मनुष्यों को भी चोट पहुंचाने का प्रयास करते हैं। फोरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना 3 गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”
