सिक्किम पुलिस और पशुपालन विभाग ने पशु क्रूरता के विरुद्ध कार्यवाही हेतु PETA इंडिया को कार्यशाला आयोजित करने के लिए आमंत्रित किया
15 जुलाई को, सिक्किम के राज्य पुलिस मुख्यालय में PETA इंडिया द्वारा एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकने के लिए ज़रूरी कानूनों और उपायों की जानकारी दी गई। यह महत्त्वपूर्ण पहल सिक्किम के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अक्षय सचदेवा, IPS और विशेष कर्तव्य अधिकारी (खनन एवं भूविज्ञान विभाग) के रूप में तैनात अपर पुलिस महानिदेशक (ADGP) श्री अविचल, IPS के दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हो सकी।

इस कार्यशाला में स्थानीय कार्यकर्ता कृति, PETA इंडिया के लीगल एडवाइज़र और क्रूएल्टी रिस्पॉन्स निदेशक मीत अशर, पुलिस प्रशिक्षण महानिरीक्षक श्री ठाकुर थापा, IPS तथा संचार विभाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार राय, IPS भी उपस्थित रहे।
करीब 70 पुलिस अधिकारियों—जिनमें कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सहायक उप निरीक्षक, उप निरीक्षक, पुलिस निरीक्षक और पुलिस उप अधीक्षक शामिल थे—ने इस तीन घंटे की कार्यशाला में भाग लिया, जिसमें पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960; वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (2022 में संशोधित); भारतीय न्याय संहिता, 2023; और अन्य प्रासंगिक पशु संरक्षण कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर संचार एवं कंप्यूटर, योजना एवं आधुनिकीकरण तथा प्रशिक्षण के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक श्री ठाकुर थापा, IPS भी उपस्थित रहे।
12 जुलाई को PETA इंडिया ने सिक्किम में स्थानीय पशु कार्यकर्ताओं और बचावकर्ता स्वयंसेवकों के लिए एक समान कार्यशाला आयोजित की, जिसमें लगभग 100 प्रतिभागियों को कानून और प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें पुलिस अधिकारियों के साथ बेहतर सहयोग करने में सक्षम बनाया गया।
इसके बाद, 16 जुलाई को पशुपालन विभाग, सिक्किम सरकार के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए भी एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें करीब 30 अधिकारियों ने भाग लिया।
सिक्किम प्रशासन पशुओं पर होने वाली क्रूरता के मामलों को गंभीरता से ले रहा है, और PETA इंडिया को इस दिशा में उनका समर्थन करते हुए गर्व हो रहा है। हम समाज और पशुओं की ओर से सिक्किम के अधिकारियों का आभार प्रकट करते हैं। यह पहल PETA इंडिया द्वारा देशभर में कानून प्रवर्तन अधिकारियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के अभियान का हिस्सा है, ताकि पशु अत्याचार के मामलों को उतनी ही गंभीरता से लिया जाए जितनी वे अपेक्षित हैं।
इससे पहले, PETA इंडिया ने ग्वालियर में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (अक्टूबर 2024), छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस (नवंबर 2024), गोवा राज्य पुलिस, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग, और उत्तर एवं दक्षिण गोवा SPCA (अप्रैल 2025), पुणे शहर पुलिस (अप्रैल 2025), नागपुर शहर पुलिस (मई 2025), तथा बेलगावी, हुबली-धारवाड़ राज्य पुलिस और बेलगावी शहर के पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं और बचावकर्ताओं (जून 2025) के लिए भी इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की हैं।
पशुओं के प्रति अत्याचार करने वालों के लिए सख़्त सज़ा की माँग करें