राजस्थान पशुपालन विभाग ने PETA इंडिया के सहयोग से माउंट आबू और सिरोही में घोड़ों को नियंत्रित करने वाली 120 क्रूर व अवैध काँटेदार लगामें जब्त कीं
जागरूकता और कानून लागू करने के लिए चलाए गए एक महत्वपूर्ण अभियान में राजस्थान पशुपालन विभाग (राजस्थान AHD) ने पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (PETA इंडिया) के सहयोग से घोड़ों के मुंह में पहनाई जाने वाली काँटेदार लगामें जो उनको दर्द देकर नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, 120 क्रूर लगामें जब्त की। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि शादियों, पर्यटक सवारी और अन्य गतिविधियों में पशुओं के साथ ऐसी क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। PETA इंडिया की टीमों के सक्रिय सहयोग से अधिकारियों ने इन दर्दनाक लगामों को जब्त किया। इन्हें जानबूझकर इस तरह बनाया जाता है कि ये घोड़ों के मुंह के संवेदनशील मसूड़ों और होंठों की त्वचा को काटते हैं, ताकि उनसे कमाई के उद्देश्य से काम कराया जा सके।
24 जुलाई को दर्दनाक लगामों को गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड वेटरिनरी हॉस्पिटल, पलड़ी एम, सिरोही – 307043 में प्रदर्शित किया गया। PETA इंडिया को उम्मीद है कि इस प्रदर्शन से बहुत से परिवार प्रेरित होंगे कि वह अपने घर परिवार की शादियों की रस्मों में घोड़ों को शामिल नहीं करें। कांटेदार लगामें जिन्हें जानबूझकर पशुओं के मुंह को काटने के लिए बनाया जाता है, प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू ड्राफ्ट एंड पैक एनिमल्स रूल्स, 1965 के नियम 8 का उल्लंघन है। जब्त की गई लगामों की जगह प्लेन और दर्दरहित लगाम इस्तेमाल की जाएगी। इससे पहले भी PETA इंडिया के सहयोग से जयपुर, मैसूर, दिल्ली, महाराष्ट्र और आगरा के पशुपालन विभागों और स्थानीय पुलिस द्वारा, तथा पंजाब के कई जिलों में ऐसे कानून लागू कराने वाले अभियान चलाए गए हैं, जिनमें सैकड़ों कांटेदार लगामें जब्त की गई।

जब्त की गई अवैध कांटेदार लगामों को गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड वेटरिनरी हॉस्पिटल, पलड़ी एम, सिरोही में प्रदर्शित करते PETA इंडिया के कर्मचारी।
राजस्थान AHD, सिरोही के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आवेस खान कहते हैं- “हमारे पर्यटन और उत्सव कभी भी किसी पशु की भलई की कीमत पर नहीं होने चाहिए। कांटेदार लगामें क्रूर हैं, जो घोड़ों को दर्द पहुंचाती हैं, उन्हें घायल करती हैं और उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण को प्रभावित करती हैं। जागरूकता और जब्ती का यह अभियान ऐसी क्रूरता को रोकने, घोड़ों को राहत देने और प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू ड्राफ्ट एंड पैक एनिमल्स रूल्स, 1965 का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक आवश्यक और सराहनीय कदम है।”
जैसे-जैसे लोगों में कांटेदार बिट की क्रूरता के बारे में जागरूकता बढ़ रही है, वैसे-वैसे अनेक परिवार अपनी बारात में घोड़ों और अन्य पशुओं का इस्तेमाल करना बंद कर रहे हैं। अब लोग पैदल चलकर, शानदार कारों में या यहां तक कि बारात के लिए हेलीकॉप्टर जैसे विकल्प चुन रहे हैं। जिन प्रसिद्ध दंपतियों ने पशु-मुक्त शादी की, उनमें आलिया भट्ट और रणबीर कपूर, शाहिद कपूर और मीरा राजपूत, नील नितिन मुकेश और रुक्मिणी सहाय, जहीर खान और सागरिका घाटगे, नेहा धूपिया और अंगद बेदी, अनुष्का शर्मा और विराट कोहली, सोनम कपूर और आनंद आहूजा तथा वरुण धवन और नताशा दलाल शामिल हैं।
शादियों में घोड़ों, हाथियों, ऊंटों या किसी भी अन्य पशु का उपयोग करना एक पुरानी परंपरा है, जो इस तरह की क्रूरता को बढ़ावा देती है।
PETA इंडिया ने देशभर में एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य पुलिस को इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करना और पशुपालन विभागों के साथ मिलकर घोड़ों पर अवैध कांटेदार लगामों के इस्तेमाल के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह अभियान विभिन्न राज्यों में सरकार द्वारा प्रतिबंध लागू करने के प्रयासों पर किए गए सर्वेक्षण के परिणामों पर आधारित है। PETA इंडिया के संपर्क करने के बाद उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, नागालैंड और राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी इस प्रतिबंध को लागू करने के आदेश जारी किए। PETA इंडिया केवल पुलिस और पशुपालन विभागों से अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे इन उपकरणों की खोज और जब्ती की अपील ही नहीं कर रहा है, बल्कि ऐसे कानून की भी मांग कर रहा है जिससे इन उपकरणों के निर्माण और बिक्री की अनुमति देने वाली कानूनी कमी को भी समाप्त किया जा सके।
घोड़ों को नियंत्रित करने के लिए मुंह की काँटेदार लगाम के इस्तेमाल को रोकने में मदद करें