रायपुर: PETA इंडिया और छत्तीसगढ़ के वीगन्स की महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक जागरूकता अभियान के तहत मुर्गियों के समर्थन में खुद को पिंजरों में बंद किया।

Posted on by Surjeet Singh

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर छह महिलाओं ने मुर्गियों के समर्थन में खुद को छोटे-छोटे पिंजड़ों में कैद किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से PETA इंडिया और छत्तीसगढ़ के वीगन्स समर्थकों ने लोगों को यह याद दिलाया कि उन मुर्गियों को, जो अंडों के लिए पाली जाती हैं, पूरे जीवन ऐसे पिंजड़ों में रखा जाता है जिनमें वे एक भी पंख तक नहीं फैला सकतीं।

मुर्गियाँ बहुत ही समझदार और भावनात्मक प्राणी हैं। उनकी बुद्धि बिल्ली, कुत्ते और कुछ प्राइमेट्स जितनी होती है। वे अपने बच्चों के प्रति बहुत प्यार रखती हैं और उनकी सुरक्षा करती हैं। लेकिन अंडा उद्योग में, मुर्गियों को इस तरह से इस्तेमाल किया जाता है कि वे साल में 300 अंडे दे सकें जबकि उनके जंगली पूर्वज केवल 15 अंडे ही दे पाते थे। इसके कारण उन्हें अक्सर हड्डियों की कमजोरी, संक्रमण, ओवरी का कैंसर और प्रजनन अंगों के ट्यूमर जैसी समस्याएँ हो जाती हैं। कभी-कभी अंडे उनके शरीर में ही फंस जाते हैं। अगर किसी मुर्गी को सही तरीके से रखा जाए, तो उसकी उम्र लगभग 10 साल होती है। लेकिन अंडा फार्म में, भीड़ और खराब परिस्थितियों में, उनका शरीर केवल 2 साल में ही थक जाता है, अगर वे इतनी लंबी उम्र तक जीवित रह भी जाएँ। जब उनकी अंडा देने की क्षमता कम हो जाती है, तो उन्हें “बेकार” मानकर ट्रक में ठूस ठूस कर भर दिया जाता है और फिर उन्हें कसाईखाने या जीवित पशु माँस मंडियों में ले जाया जाता है, जहाँ सचेत अवस्था में होने के दौरान ही उनका गला काट दिया जाता है।

 

 

मुर्गियों और अन्य पशुओं को अत्यधिक पीड़ा से बचाने के अलावा, वीगन जीवनशैली जीने वाले लोग अपने कार्बन फुटप्रिंट और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को भी काफी कम कर देते हैं। इंसानों के लिए पशुओं से प्राप्त खाद्य पदार्थ खाने की कोई पोषण संबंधी आवश्यकता नहीं है। पोषण और आहार विज्ञान के सबसे बड़े संगठन, एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स के अनुसार, वीगन जीवनशैली जीने वाले लोगों को इस्कीमिक हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, कुछ प्रकार के कैंसर और मोटापे का जोखिम कम होता है।

 

पोषण की दृष्टि से एक बड़े अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन होता है जबकि एक कप उबले हुए चने में लगभग 14.5 ग्राम प्रोटीन, एक कप उबली हुई दाल में लगभग 17.9 ग्राम प्रोटीन तथा आधा कप फर्म टोफू में लगभग 19.9 ग्राम प्रोटीन होता है।

सभी महिलाओं के हक में आवाज उठाएं , वीगन बनें