कोटा: PETA इंडिया के हस्तक्षेप के बाद एक मादा सामुदायिक कुत्ते पर तेजाब फेंकने को लेकर FIR दर्ज

Posted on by Surjeet Singh

एक हिंसक घटना की सूचना मिलने के बाद, जिसमें एक मादा सामुदायिक कुत्ते पर तेजाब से हमला किया गया था, PETA इंडिया ने कुंआड़ी थाने और स्थानीय कार्यकर्ता लोकेश पारेख के साथ मिलकर कड़ी कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करवाने में मदद की। पशु चिकित्सकीय देखभाल के बाद, पीड़ित कुत्ता अब अपनी चोटों और मानसिक आघात से उबर रहा है।

यह घटना 24 सितंबर को कोटा के कुंआड़ी इलाके में हुई थी। कुत्ते पर तेजाब फेंकने की आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। BNS, 2023 की धारा 325 के अनुसार, किसी पशु को मारने, ज़हर देने, अपंग करने या उसे किसी कार्य के लायक न छोड़ने की नीयत से की गई शरारत एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है, और इसके लिए पांच साल तक की सज़ा, जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।

जो लोग पशुओं पर क्रूरता करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सभी की सुरक्षा के लिए यह ज़रूरी है कि आम जनता ऐसे मामलों की सूचना, जैसे कि यह मामला, तुरंत पुलिस को दे। हम कोटा सिटी पुलिस, विशेष रूप से कोटा सिटी की पुलिस अधीक्षक, श्रीमती तेजस्विनी गौतम, आईपीएस को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने और यह स्पष्ट संदेश देने के लिए सराहना करते हैं कि जानवरों के साथ क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

PETA इंडिया का सुझाव है कि पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले लोगों की मानसिक स्थिति की जांच करवाई जाए और उन्हें परामर्श (काउंसलिंग) दी जाए, क्योंकि जानवरों के प्रति हिंसा गंभीर मानसिक विकृति का संकेत है। शोध से पता चलता है कि जो व्यक्ति जानवरों पर अत्याचार करते हैं, वे अक्सर बार-बार ऐसा करते हैं और आगे चलकर अन्य जानवरों, यहां तक कि इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। फॉरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि “जो लोग जानवरों के प्रति क्रूरता करते हैं, उनके अन्य अपराधों में लिप्त होने की संभावना तीन गुना अधिक होती है जिनमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी देना और नशे से जुड़ी आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं।

पशुओं पर क्रूरता को अनदेखा ना करें, रिपोर्ट करें