PETA इंडिया की शिकायत के बाद सांगली में अवैध घोड़ा-बग्गी दौड़ को रोका गया
1 अगस्त 2025 को सांगली के मिरज डांबरी पट्टा खतीब हॉल में आयोजित की जा रही एक अवैध घोड़ा-बग्गी दौड़ के प्रचार संबंधी पोस्टर की सूचना मिलते ही, PETA इंडिया ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सांगली पुलिस के साथ मिलकर इस अवैध आयोजन को सफलतापूर्वक रोकने का कार्य किया।
घोड़े और घोड़ा-बग्गी दौड़ें क्रूर होती हैं, क्योंकि इनमें पशुओं को अत्यधिक शारीरिक तनाव झेलने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उन्हें चोट लगती है, थकावट होती है, और कभी-कभी उनकी मृत्यु तक हो जाती है। ये घोड़े पहले से ही कठिन जीवन जीते हैं, और उन पर दौड़ने का दबाव डालना तथा मारपीट करना उनके लिए अतिरिक्त पीड़ा का कारण बनता है। PETA इंडिया, सांगली पुलिस की—विशेष रूप से श्री संदीप घुगे, IPS, पुलिस अधीक्षक, सांगली; श्री प्रनील गिल्डा, उपविभागीय पुलिस अधिकारी, मिरज; और श्री संदीप शिंदे, थाना प्रभारी, महात्मा गांधी चौक पुलिस स्टेशन की सराहना करता है, जिन्होंने कानून का पालन किया और घोड़ों को क्रूरता से बचाया।
दौड़ में इस्तेमाल किए जाने वाले घोड़ों को तेज गति से दौड़ने के लिए कोड़े और हथियारों की मदद से मजबूर किया जाता है, जिससे वे अक्सर घायल हो जाते हैं और कई बार उनके फेफड़ों से खून बहने लगता है। वर्ष 2016 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने पशु कल्याण बोर्ड की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद राजस्थान में टोंगा दौड़ पर प्रतिबंध लगा दिया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि घोड़ों को शोरगुल वाले वाहनों और भीड़-भाड़ वाले दर्शकों के बीच दौड़ने के लिए मजबूर करने से उन्हें डर और मानसिक तनाव होता है, जो उनके लिए अत्यंत क्रूर होता है।
