मुंबई: PETA इंडिया की शिकायत पर सामुदायिक कुत्ते पर हमले के मामले में FIR दर्ज
एक वीडियो के माध्यम से यह सामने आने के बाद कि एक सामुदायिक कुत्ते को एक मोटे बांस के डंडे से बहुत बेरहमी से सिर पर पीटा गया, PETA इंडिया ने स्थानीय स्वयंसेविका श्रीमती आरती पटनायक के सहयोग से साकीनाका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके परिणामस्वरूप आरोपी के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(क) के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। फिलहाल मामले की जाँच जारी है।
यह घटना 31 जुलाई को रात लगभग 9:15 बजे जरी मरी, कुर्ला-अंधेरी रोड स्थित मदीना मस्जिद के पास, तार गली में घटी। वीडियो में आरोपी को मोटे बांस से कुत्ते के सिर पर वार करते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। घायल कुत्ते को उपचार के लिए परेल स्थित बाई सकरबाई दिनशॉ पेटिट पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया, और उपचार के बाद 6 अगस्त को उसे पुनः तार गली में छोड़ दिया गया।
BNS, 2023 की धारा 325 के अनुसार किसी भी पशु को अपंग करना या मार डालना एक संज्ञेय अपराध है, जिसकी सजा पांच साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों हो सकती है। किसी पशु को मारने, अपंग करने या विष देने का प्रयास करना भी BNS, 2023 की धारा 62 के साथ पठनीय धारा 325 के तहत संज्ञेय अपराध है। इसके अतिरिक्त, PCA अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(a) के तहत किसी भी पशु को पीटना, लात मारना, प्रताड़ित करना या अनावश्यक पीड़ा देने वाला व्यवहार करना स्पष्ट रूप से निषिद्ध है।
जो लोग पशुओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर मनुष्यों को भी नुकसान पहुँचाते हैं। हर किसी की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है कि जनता ऐसे मामलों को उजागर करे और इस तरह की क्रूरता की घटनाओं की तुरंत पुलिस को जानकारी दे। हम साकीनाका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री प्रमोद तावड़े को FIR दर्ज करने और पशुओं के प्रति क्रूरता को सहन नहीं करने का स्पष्ट संदेश देने के लिए धन्यवाद देते हैं।
PETA इंडिया पशु क्रूरता के अपराधियों की मनोदशा का मूल्यांकन और काउंसलिंग की सिफारिश करता है क्योंकि पशुओं के प्रति शोषण के कृत्य एक गहरी मानसिक अशांति को इंगित करते हैं। शोध से पता चला है कि जो लोग पशुओं पर क्रूरता करते हैं, वह अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं व मनुष्यों को भी चोट पहुंचाने का प्रयास करते हैं। फोरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना 3 गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”
