‘अनुपमा’ स्टार और PETA इंडिया समर्थक रूपाली गांगुली ने प्रधानमंत्री मोदी जी से हाथी सवारी बंद करने की अपील की, ‘पिंक’ हाथी चंचल की मौत

Posted on by Surjeet Singh

राजस्थान में एक फोटोशूट के लिए एक कैदी हाथी को चटक गुलाबी रंग में रंगे जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। इसके बाद अनुपमा की स्टार और PETA इंडिया की समर्थक रूपाली गांगुली, जिन्होंने 2024 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन की थी, ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को पत्र लिखकर हाथियों की सवारी पर रोक लगाने की अपील की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि असली पशुओं को प्रदर्शनों में इस्तेमाल की बजाय रोबोट हाथियों और अन्य गैर-पशु विकल्पों का इस्तेमाल किया जाए। अपने पत्र में रूपाली ने फोटोशूट में शामिल हाथी ‘चंचल’ की मौत पर शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री जी के साथ वन्यजीवों के प्रति अपने साझा सम्मान को भी व्यक्त किया।

रूपाली गांगुली ने बताया कि खबरों में जिस मालिक साद्दिक खान का ज़िक्र है, वे ‘मालती’ नाम की एक अन्य हथिनी से भी जुड़े रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आमेर किले में सवारी के लिए किया जाता था। मालती के साथ भी मारपीट की गई थी और बाद में PETA इंडिया के प्रयासों के बाद उसे एक अभयारण्य में पुनर्वास हेतु भेजा गया था। उन्होंने कहा कि भले ही यह फोटोशूट लोगों को झकझोर देने वाला था, लेकिन आमेर के किले जैसे स्थानों पर सवारी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हाथियों को आम तौर पर जंजीरों से बांधकर रखा जाता है और उन्हें नियंत्रित करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक और मानसिक तकलीफ होती है।

“इस घटना ने भारत और दुनिया भर के लोगों को परेशान कर दिया है जो यह दिखाता है कि अब लोग हाथियों के शोषण के खिलाफ मजबूत भावना रखते हैं।” उन्होंने अपील करते हुए कहा, “आपने ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ (World Wildlife Day) पर वन्यजीव संरक्षण के महत्व को साझा किया था। उसी भावना के तहत मैं आपसे विनम्र अनुरोध करती हूं कि भारत भी इंडोनेशिया की तरह हाथियों की सवारी पूरी तरह बंद करे और हमारी राष्ट्रीय धरोहर पशु को क्रूर प्रदर्शन से बचाने के लिए रोबोट हाथियों, सजे धजे इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य गैर-पशु विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए।”- रूपाली गांगुली, अभिनेत्री 

जब हाथियों को इंसानों के बहुत करीब रखा जाता है, तो वे तनाव में आकर अनियंत्रित हो सकते हैं, और सवारी या प्रदर्शन में इस्तेमाल होने वाले हाथियों से जुड़े हमले अक्सर सामने आते रहते हैं। हाथियों और इंसानों दोनों की सुरक्षा के लिए, केरल पर्यटन विभाग अथिरापल्ली जलप्रपात के पास थंबूरमूझी बटरफ्लाई गार्डन में असली हाथियों की जगह मैकेनिकल हाथी सफारी को बढ़ावा दे रहा है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by OfficialPETAIndia (@petaindia)

क्रूर हाथी सवारी को रोक लगवाने में हमारी मदद करें