भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित बुकारू बाल साहित्य महोत्सव में PETA इंडिया ने बच्चों को पशुओं के प्रति दयालु और संवेदनशील बनने का संदेश दिया

Posted on by Surjeet Singh

युवाओं में पशुओं के प्रति दया और करुणा की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से PETA इंडिया ने दिल्ली और भोपाल में आयोजित बुकारू साहित्य महोत्सव में हिस्सा लिया। इस दौरान PETA इंडिया और दुनियाभर में इसके सहयोगी संगठनों की संस्थापक इंग्रिड न्यूकिर्क की किताब Unlock the Animal World: Incredible Facts for Young Superheroes पर आधारित एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें बच्चों ने पशुओं से जुड़े रोचक और अनोखे तथ्य जानने के साथ-साथ सभी जीवों के प्रति करुणा रखना भी सीखा।

इंटरैक्टिव कहानी-कथन और मज़ेदार गतिविधियों के ज़रिए बच्चों और उनके परिवारों ने पशुओं, उनकी भावनाओं, उनकी अनोखी क्षमताओं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उनके प्रति दया दिखाने के तरीकों के बारे में जाना।

पठन सत्र के साथ-साथ, PETA इंडिया के स्टॉल पर बच्चों को कई इंटरैक्टिव गतिविधियों के ज़रिए पशुओं के प्रति करुणा का संदेश समझने का मौका मिला। इन गतिविधियों में करुणा की सीख देने वाला साँप-सीढ़ी का खेल और रंग भरने की गतिविधि शामिल थी।

स्टॉल पर एक ‘करुणा दीवार’ भी बनाई गई थी, जहाँ बच्चों से स्टिकी नोट्स पर यह लिखने के लिए कहा गया कि पशुओं के प्रति दया दिखाना क्यों ज़रूरी है और वे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उनके प्रति करुणा कैसे दिखा सकते हैं। बच्चों के जवाब एक स्टैंडी पर लगाए गए, ताकि वहाँ आने वाले लोग अपने विचार साझा कर सकें और दूसरों के संदेश भी पढ़ सकें। इस गतिविधि का उद्देश्य पशु संरक्षण और करुणापूर्ण विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। आगंतुकों को PETA इंडिया की प्रचार सामग्री भी दी गई।

किताब के पठन सत्र और स्टॉल पर आयोजित गतिविधियों के ज़रिए बच्चों को पशुओं के बारे में और जानने, उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सोचने और सभी जीवों के प्रति दया व सम्मान दिखाने के आसान तरीकों को समझने का अवसर मिला।

भारत की आबादी में 25 साल से कम उम्र के लोगों की हिस्सेदारी लगभग आधी (47%) है। इसलिए PETA इंडिया अगली पीढ़ी में सहानुभूति और करुणा की भावना विकसित करने के लिए अपने मानवीय शिक्षा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देता है। इनमें Compassionate Citizen शामिल है। यह पुरस्कार विजेता कार्यक्रम 8 से 12 साल की उम्र के बच्चों को पशुओं को बेहतर ढंग से समझने और उनके प्रति संवेदनशील बनने में मदद करने के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा, Ellie एक असली हाथी के आकार की एनिमेट्रॉनिक (तकनीक से संचालित) ‘बात करने वाली ’ हाथी है, जो बच्चों में सहानुभूति की भावना विकसित करने और उन्हें दयालु बनने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से स्कूलों का दौरा करती है।

जो शिक्षक Ellie को अपने स्कूल बुलाना चाहते हैं, वे मीनाक्षी नारंग को [email protected] पर ईमेल कर सकते हैं।