चेंबूर में करीब 20 बिल्लियों की बेरहमी से हत्या के बाद FIR दर्ज, PETA इंडिया ने आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए ₹50,000 तक के इनाम की घोषणा की
चेंबूर के पंजरापोल इलाके में करीब 20 बिल्लियों की हत्या कर दी गई और उनके क्षत-विक्षत शव मिले हैं। स्थानीय देखभालकर्ता रुबीना पठान को इन बिल्लियों के शव मिले। मामले की जानकारी मिलने के बाद PETA इंडिया ने RCF पुलिस स्टेशन और बिल्लियों की स्थानीय देखभालकर्ता के साथ मिलकर कानून की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करवाने में मदद की। फिलहाल आरोपी या आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि इस घटना के जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों के बारे में जानकारी मिल सके। आरोपी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति को PETA इंडिया ₹50,000 तक का इनाम देगा।
अगस्त में स्थानीय देखभालकर्ता रुबीना ने बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव देखे थे। 4 सितंबर को उन्हें छह और बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव मिले, जिनके अंदरूनी अंग दिखाई दे रहे थे। अगले दिन, 5 सितंबर की सुबह, उन्हें एक मरी हुई बिल्ली मिली और एक बिल्ली का बच्चा बेहद गंभीर हालत में मिला।
9 सितंबर को इस मामले में शिकायत दर्ज की गई और उसी दिन FIR भी दर्ज कर ली गई। FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA), 1960 की धारा 11(1)(a) और 11(1)(l) के तहत दर्ज की गई है। BNS की धारा 325 के तहत किसी पशु को मारना, ज़हर देना, अपंग करना या उसे बेकार कर देना संज्ञेय अपराध है। इसके लिए पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सज़ा हो सकती है। PETA इंडिया ने RCF पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री दत्तात्रेय पाटिल की सराहना की है, जिन्होंने FIR दर्ज करवाने के निर्देश दिए। इससे यह साफ संदेश जाता है कि पशुओं के साथ क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अपराध के बारे में किसी भी जानकारी के लिए PETA इंडिया से [email protected] पर संपर्क करें। अनुरोध करने पर सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
शोध से पता चलता है कि पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले लोग अक्सर बार-बार ऐसे अपराध करते हैं और आगे चलकर दूसरे पशुओं या इंसानों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। Forensic Research & Criminology International Journal में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले लोगों में हत्या, बलात्कार, लूट, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसे अन्य अपराध करने की संभावना तीन गुना अधिक होती है।
पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के लिए कड़ी सज़ा की मांग करें।

