PETA इंडिया के प्रयासों से बेंगलुरु की अवैध पेट शॉप से 50 से अधिक जीव जंतुओं का बचाव

Posted on by Surjeet Singh

बेंगलुरु के कोरमंगला स्थित “शबरी पेट्स बोर्डिंग एंड टेम्ड बर्ड्स” नामक एक अवैध पेट शॉप में विभिन्न प्रजातियों के पशुओं को बेहद दयनीय परिस्थितियों में रखे जाने की जानकारी मिलने पर, PETA इंडिया ने बेंगलुरु सिटी पुलिस और पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department – AHD) के साथ मिलकर वहां से 50 से अधिक पशुओं को सफलतापूर्वक बचाया।

कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब PETA इंडिया की क्रूरता-निरोधक टीम ने इस दुकान में कुछ ही दिनों के चूजों को चमकीले रंगों में रंगकर बिक्री के लिए रखा हुआ देखा। इसके बाद टीम ने वहां मौजूद अन्य पशुओं की भी स्थिति का दस्तावेजीकरण किया और बेंगलुरु सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (SPCA), कोरमंगला और अदुगोडी पुलिस थानों तथा कर्नाटक के पशुपालन विभाग में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के सहयोग से 31 मई को 46 चूजों और आंखों के संक्रमण से पीड़ित एक हैम्स्टर को बचाकर उपचार के लिए भेजा गया।

इसके बाद 1 जून को चलाए गए एक अलग अभियान में पैर की विकृति से पीड़ित एक लवबर्ड, गंभीर रूप से बीमार और तनावग्रस्त दो कॉकाटील, एक जेंडे कॉन्योर तथा एक सन कॉन्योर का भी बचाव किया गया। जेंडे कॉन्योर और सन कॉन्योर CITES Appendix II में सूचीबद्ध प्रजातियां हैं और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-IV के अंतर्गत संरक्षित हैं। इन पक्षियों को गंदगी से भरे पिंजरों में रखा गया था, जहां मल का भारी जमाव था। चिकित्सकीय उपचार के बाद सभी पक्षियों को पुनर्वास के लिए बेंगलुरु स्थित स्थानीय संस्था बर्ड्स ऑफ पैराडाइज को सौंप दिया गया।

PETA इंडिया की शिकायत के बाद 1 जून को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने इस पेट शॉप को अनिवार्य लाइसेंस के बिना संचालन करने तथा पशु क्रूरता निवारण (पेट शॉप) नियम, 2018 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 का पालन न करने के लिए नोटिस जारी किया।

PETA इंडिया संबंधित अधिकारियों, विशेष रूप से जिला एसपीसीए (SPCA), से आग्रह करता है कि बिना आवश्यक लाइसेंस और अनुमति के संचालित हो रही सभी अवैध पेट शॉप्स के विरुद्ध सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही, संगठन बेंगलुरु सिटी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करता है, जिसके परिणामस्वरूप 50 से अधिक पशुओं को बचाया जा सका। विशेष रूप से कोरमंगला पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर श्री शंकरप्पा और अदुगोडी पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर श्री रवि जी की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई प्रशंसनीय रही।

पशु क्रूरता निवारण (डॉग ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग) नियम, 2017 के नियम 3 तथा पशु क्रूरता निवारण (पेट शॉप) नियम, 2018 के अनुसार, पालतू पशुओं की बोर्डिंग, प्रजनन (ब्रीडिंग) या बिक्री करने वाली सभी संस्थाओं का राज्य पशु कल्याण बोर्ड में पंजीकृत होना अनिवार्य है। ये नियम पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के अंतर्गत बनाए गए हैं।

कर्नाटक सरकार के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के आयुक्त द्वारा 26 मई 2020 को जारी आदेश में राज्य के सभी जिला कलेक्टरों और जिला एसपीसीए के अध्यक्षों को निर्देश दिया गया था कि कर्नाटक एनिमल वेलफेयर बोर्ड (KAWB) में पंजीकृत न होने वाले सभी पेट शॉप्स और डॉग ब्रीडिंग केंद्रों का संचालन तत्काल बंद कराया जाए। यह निर्देश पशु क्रूरता निवारण (डॉग ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग) नियम, 2017 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण (पेट शॉप) नियम, 2018 के अनुरूप जारी किया गया था।

PETA इंडिया जनता से अपील करता है कि वे पेट शॉप्स और ब्रीडर्स से पशु न खरीदें। इनमें से अनेक संस्थान अवैध रूप से संचालित होते हैं और पशुओं को अत्यंत अमानवीय एवं दयनीय परिस्थितियों में रखते हैं। जब तक पशुओं की खरीद-बिक्री जारी रहेगी, उनके शोषण का यह कारोबार भी चलता रहेगा।

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