कानपुर: नाले में फंसाकर सामुदायिक कुत्ते की दम घोंटकर हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज, PETA इंडिया और ‘उम्मीद एक किरण’ के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई

Posted on by Surjeet Singh

एक दर्दनाक एवं भयावह घटना की जानकारी मिलने के बाद जिसमें एक सामुदायिक कुत्ते को पहले जानबूझकर दौड़ाकर नाले में घुसाया गया और फिर नाले को भारी पत्थरों से सब तरफ से बंद कर दिया गया, जिससे उस पशु की दम घुटने से मौत हो गई , PETA इंडिया ने स्थानीय कार्यकर्ता और ‘उम्मीद एक किरण’ के संस्थापक मयंक त्रिपाठी तथा कल्याणपुर पुलिस स्टेशन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि इस मामले में प्राथमिकी सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की जाए।

मृत कुत्ते का शव बरामद कर लिया गया है। यह कुत्ता अपनी मां के साथ रतन ऑर्बिट परिसर में रहता था। मृत कुत्ते और उसकी मां दोनों की नसबंदी (बंध्याकरण) की जा चुकी थी और इस दर्दनाक घटना से पहले दोनों स्वस्थ एवं सक्रिय थे। स्थानीय निवासियों ने देखा कि कुत्ता लगभग दो दिनों से लापता था। बाद में खोजबीन के दौरान पता चला कि कुत्ता एक नाले के भीतर फंसा हुआ था, जिसे रतन ऑर्बिट के मैनेजर और एक स्थानीय निवासी द्वारा दोनों ओर से भारी पत्थरों से जानबूझकर बंद कर दिया गया था।

मृत कुत्ते का शव बरामद कर लिया गया है। यह कुत्ता अपनी मां के साथ रतन ऑर्बिट परिसर में रहता था। मृत कुत्ते और उसकी मां दोनों की नसबंदी (बंध्याकरण) की जा चुकी थी और इस दर्दनाक घटना से पहले दोनों स्वस्थ एवं सक्रिय थे। स्थानीय निवासियों ने देखा कि कुत्ता लगभग दो दिनों से लापता था। बाद में खोजबीन के दौरान पता चला कि कुत्ता एक नाले के भीतर फंसा हुआ था, जिसे रतन ऑर्बिट के मैनेजर और एक स्थानीय निवासी द्वारा दोनों ओर से भारी पत्थरों से जानबूझकर बंद कर दिया गया था।

PETA इंडिया की सिफारिश है कि पशुओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराया जाए और उन्हें काउंसलिंग दी जाए, क्योंकि पशुओं के प्रति क्रूरता गहरे मानसिक विकार का संकेत होती है। शोध से यह भी सामने आया है कि जो लोग पशुओं के साथ क्रूरता करते हैं, वे अक्सर बार-बार अपराध करने वाले होते हैं और बाद में अन्य पशुओं तथा इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। फॉरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है, “जो लोग पशुओं के प्रति क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके द्वारा हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग सहित अन्य अपराध करने की संभावना तीन गुना अधिक होती है।”

जो लोग पशुओं के साथ क्रूरता करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सभी की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है कि जनता इस तरह की पशु क्रूरता की घटनाओं की जानकारी पुलिस को दें।

पशुओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कड़ी सज़ा की मांग करें।