हरिद्वार में कुत्ते के छोटे से बच्चे को गाड़ी से कुचलकर मारने के मामले में FIR दर्ज
एक भयावह घटना की जानकारी मिलने के बाद, जिसमें एक चालक ने सड़क पर घूम रहे कुत्ते के छोटे से बच्चे को गाड़ी पहिये से कुचल दिया और उसे तड़फ-तड़फ कर मरने के लिए छोड़ दिया, PETA इंडिया ने रानीपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 और 281 के तहत तुरंत प्राथमिकी रिपोर्ट (FIR) दर्ज करवाई है। .
यह घटना 11 अप्रैल 2026 को हरिद्वार में BHEL टाउनशिप की CISF कॉलोनी में हुई जिसमे वीडिओ में देखा जा सकता है कि जब चालक कार में बैठ रहा होता है, तब कुत्ते का छोटा सा बच्चा उसके पास से गुजरता है और फिर सड़क पर लेट जाता है। चालक ने बच्चे को कुचल दिया और वह बच्चे की मदद करने या उसको देखने तक के लिए नहीं रुका । घटना की CCTV फुटेज के आधार पर, रूपनगर पुलिस स्टेशन ने कुत्ते के बच्चे को कुचलने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
BNS, 2023 की धारा 325 किसी भी पशु को घायल करने या मारने को संज्ञेय अपराध के रूप में वर्गीकृत करती है और इसके लिए अधिकतम पाँच वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान करती है।
PETA इंडिया अल्मोड़ा के जिला मजिस्ट्रेट श्री अंशुल सिंह, IAS; हरिद्वार के SSP, श्री नवनीत भुल्लर, IPS; और हरिद्वार के जिला मजिस्ट्रेट, श्री मयूर दीक्षित, IAS की सराहना करता है जिन्होंने FIR दर्ज करने के निर्देश दिए और यह स्पष्ट संदेश दिया कि क्रूर और लापरवाह ड्राइविंग तथा पशुओं को पीड़ा में छोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
PETA इंडिया की सिफारिश है कि पशुओं पर अत्याचार करने वालों का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाए और उन्हें परामर्श दिया जाए, क्योंकि पशुओं के साथ दुर्व्यवहार गहरी मानसिक समस्या का संकेत होता है। शोध से पता चलता है कि जो लोग पशुओं पर क्रूरता करते हैं, वे ऐसे अपराधी होते हैं जो अक्सर बार-बार इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं और बाद में अन्य पशुओं तथा मनुष्यों को भी नुकसान पहुँचाते हैं। Forensic Research & Criminology International Journal में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है, “जो लोग पशुओं के प्रति क्रूरता करते हैं, उनके अन्य अपराध—जिनमें हत्या, बलात्कार, लूट, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशे का दुरुपयोग शामिल है, करने की संभावना तीन गुना अधिक होती है।”
PETA इंडिया लोगों से आग्रह करता है कि यदि उन्हें कोई घायल पशु मिले, तो वे तुरंत किसी पशु चिकित्सक या पशु बचाव समूह से संपर्क करें। उस समय यह भी महत्वपूर्ण है कि वो पशु के साथ रहें और सुनिश्चित करें कि उसे सही इलाज और देखभाल मिले। PETA इंडिया 24/7 पशु आपातकालीन हेल्पलाइन 9820122602 चलाता है, जहाँ कॉल करने वालों को मदद करने वाले स्थानीय लोगों के संपर्क और उचित सलाह मिल सकती है।
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