सभी के लिए अहिंसा का समर्थन करें’: गांधी जयंती से पहले PETA इंडिया की दांडी मार्च से प्रेरित पशु संरक्षण अपील

Posted on by Surjeet Singh

दिल्ली — गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में, जिसे विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, PETA इंडिया ने देशभर के शहरों में विशाल संदेश बोर्ड लगाए हैं, जिनमें जनता से अपील की गई है कि वे हमारे देश में मजबूत पशु संरक्षण कानूनों की मांग करके सभी जीवित प्राणियों के खिलाफ हिंसा को रोकने में मदद करें। लगाए गए बिलबोर्ड में ऐतिहासिक दांडी मार्च की याद दिलाते हुए, महात्मा गांधी जी की एक आकृति दिखाई गई है जो एक कुत्ते, गाय, बंदर, हाथी एवं पक्षियों के साथ आगे बढ़ रहे हैं और साथ में  संदेश लिखा है, “सभी के लिए अहिंसा का समर्थन करें – पशु संरक्षण कानूनों को मजबूत करें।” इस अभियान में जनता के लिए याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए एक QR कोड भी शामिल है, जो गांधी जी के अहिंसा संदेश को दोहराता है।

फार्माकोलॉजी एंड फार्माकोथेरेप्युटिक्स जर्नल में प्रकाशित एक लेख में लिखा है, “गांधीजी ने मनुष्यों सहित पशुओं के प्रति सम्मान, पर्यावरण के साथ शोषणरहित संबंध, गरीबी के उन्मूलन, व्यक्तिगत धन और संपत्ति की सीमा तथा संबंधों के हर स्तर पर, चाहे मनुष्य से मनुष्य का, मनुष्य से पशु का या मनुष्य से पर्यावरण का संबंध हो, अहिंसा लागू करने की शिक्षा दी।और महात्मा गांधी ने कहा था, “मेरे विचार में एक मेमने का जीवन मनुष्य के जीवन से कम मूल्यवान नहीं है।

फिर भी भारत में पशु कमजोर और पुराने संरक्षण कानूनों के कारण पीड़ित होते हैं। कुत्तों को जहर दिया जाता है, गायों पर तेज़ाब से हमला किया गया है, कई हाथी जंजीरों में कैद जीवन जीते हैं, बंदरों को जंगलों से पकड़ लिया जाता है, पक्षियों को पिंजरों में बंद किया जाता है और अनगिनत पशु मारपीट, लापरवाही और अन्य हिंसक कृत्यों को सहते हैं। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पहली बार अपराध करने पर अभी भी महज अधिकतम ₹50 रुपये के दंड का प्रावधान है जो कि आज के समय के अनुसार बहुत ही मामूली रकम है और यह अपराधियों को रोकने में विफल रहती है।

PETA इंडिया की गांधी जयंती पर की जाने वाली यह अपीलें इसके Let Jivdaya Guide Us अभियान का हिस्सा हैं, जो सभी से अहिंसा, दया और सम्मानित जीवन के मूल्यों का सम्मान करने के लिए प्रेरित करता है।