जॉन अब्राहम, पूजा भट्ट, दिया मिर्जा, सनी लियोनी, राजन शाही और अन्य ने विश्व हाथी दिवस से पहले फिल्म और मनोरंजन जगत के अपने साथियों को PETA इंडिया की Elephant Freedom Pledge (हाथी आज़ादी प्रतिज्ञा) लेने की चुनौती दी।

Posted on by Surjeet Singh

विश्व हाथी दिवस (12 अगस्त) से पहले फिल्म, टीवी, विज्ञापन और अन्य कंटेंट निर्माता जॉन अब्राहम, दिया मिर्जा, पूजा भट्ट, सनी लियोनी, राजन शाही, ऋषिना कंधारी और अमीन खान अपने फिल्म और मनोरंजन जगत के दोस्तों और सहयोगियों से हाथियों की सुरक्षा के लिए पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (PETA इंडिया) की Elephant Freedom Pledge (हाथी आज़ादी प्रतिज्ञा) पर हस्ताक्षर करने और अपनी फिल्मों, टीवी शो, वेब सीरीज़ या विज्ञापनों में असली हाथियों का इस्तेमाल न करने का संकल्प लेने की अपील कर रहे हैं। ये निर्माता उन 25 फिल्म, टीवी, वेब और विज्ञापन जगत के प्रमुख लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने इस प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्व हाथी दिवस से पहले PETA इंडिया द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जाने वाले वीडियो संदेशों के माध्यम से ये निर्माता अपने साथियों को भी यह संकल्प लेने की चुनौती दे रहे हैं कि वे असली हाथियों की जगह मशीनी हाथियों, अत्याधुनिक कंप्यूटर जनित इमेजरी (सीजीआई) या विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) जैसे मानवीय विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे।

जेए एंटरटेनमेंट के जॉन अब्राहम ने फिल्म और मनोरंजन जगत के अपने दोस्तों को चुनौती दी। वन इंडिया स्टोरीज़ एलएलपी की दिया मिर्जा ने धर्मा प्रोडक्शंस को, सनसिटी मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की सनी लियोनी ने करण कुंद्रा को, डायरेक्टर्स कट प्रोडक्शंस के राजन शाही ने अपनी बेटी और निर्माता इशिका शाही को, ऋषिना कंधारी फिल्म्स की ऋषिना कंधारी ने हैदर खान फिल्म्स के हैदर खान को और पर्पल फोकस प्राइवेट लिमिटेड के अमीन खान ने आईपीएफ कम्युनिकेशंस के प्रशांत झा को यह प्रतिज्ञा लेने की चुनौती दी।

“मुझे PETA इंडिया की Elephant Freedom Pledge (हाथी आज़ादी प्रतिज्ञा) पर हस्ताक्षर करने पर गर्व है। इस प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करके मैंने संकल्प लिया है कि मैं अपनी फिल्मों, सीरीज़ या विज्ञापनों में कभी भी असली हाथियों का इस्तेमाल नहीं करूंगा और ज़रूरत पड़ने पर केवल मशीनी हाथियों, सीजीआई या वीएफएक्स जैसे मानवीय विकल्पों का ही उपयोग करूंगा। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर मैं सभी फिल्म, टीवी, डिजिटल सीरीज़ और विज्ञापन निर्माताओं से PETA इंडिया की Elephant Freedom Pledge (हाथी आज़ादी प्रतिज्ञा) पर हस्ताक्षर करने की अपील करता हूं। मैं विशेष रूप से फिल्म और मनोरंजन जगत के अपने दोस्तों को यह प्रतिज्ञा लेने और पशुओं पर क्रूरता से मुक्त कहानियां बनाने का संकल्प लेने के लिए नामित करता हूं।”

–  Jजॉन अब्राहम, PETA इंडिया के मानद निदेशक, अभिनेता और जेए एंटरटेनमेंट के निर्माता

“By signing PETA India’s Elephant Freedom Pledge, I have committed to not using real elephants in my films, series, or advertisements, and to choosing only humane alternatives such as mechanical elephants, CGI, or VFX whenever needed. On World Elephant Day, I invite all film, TV, and digital series, and advertising creators to sign PETA India’s Elephant Freedom Pledge. I would especially like to nominate my friends at Dharma Productions to take this pledge and commit to cruelty-free storytelling,”

 –  Dia Mirza, Producer, One India Stories LLP.

“मुझे PETA इंडिया की Elephant Freedom Pledge (हाथी आज़ादी प्रतिज्ञा) पर हस्ताक्षर करने पर गर्व है। मैंने यह प्रतिज्ञा इसलिए ली है क्योंकि मैं संकल्प लेती हूं कि जिस भी फिल्म, प्रोजेक्ट या विज्ञापन का मैं निर्माण, निर्देशन या अभिनय करूंगी, उसमें कभी भी असली हाथी के साथ काम नहीं करूंगी। विश्व हाथी दिवस पर मैं फिल्म जगत के और अधिक लोगों से यह प्रतिज्ञा लेने और अधिक मानवीय तरीके से कहानियां बनाने का संकल्प लेने की अपील करती हूं। मशीनी हाथी, सीजीआई और वीएफएक्स जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं, इनका इस्तेमाल कीजिए। क्रूरता अच्छी नहीं है। यह प्रतिज्ञा लीजिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कीजिए।”

–  पूजा भट्ट , फिश आई नेटवर्क की निर्देशक और अभिनेत्री

“इस प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करके मैंने संकल्प लिया है कि मैं अपनी फिल्मों, सीरीज़ या विज्ञापनों में असली हाथियों का इस्तेमाल नहीं करूंगी और ज़रूरत पड़ने पर केवल मशीनी हाथियों, सीजीआई, वीएफएक्स या किसी भी ऐसे मानवीय विकल्प का उपयोग करूंगी, जिससे असली हाथी का इस्तेमाल न करना पड़े। विश्व हाथी दिवस पर मैं सभी फिल्म, टीवी, डिजिटल सीरीज़ और विज्ञापन निर्माताओं से PETA इंडिया की Elephant Freedom Pledge (हाथी आज़ादी प्रतिज्ञा) पर हस्ताक्षर करने की अपील करती हूं। मैं विशेष रूप से अपने मित्र करण कुंद्रा को यह प्रतिज्ञा लेने और पशुओं पर क्रूरता से मुक्त कहानियां बनाने का संकल्प लेने के लिए नामित करती हूं।”

– सनी लियोनी, सनसिटी मीडिया एंड एंटरटेनमेंट की संस्थापक

आज के समय में असली पशुओं के इस्तेमाल के बजाय मानवीय विकल्प पहले से कहीं अधिक वास्तविक और आसानी से उपलब्ध हैं। मशीनी हाथी बिल्कुल असली जैसे दिखाई देते हैं और PETA इंडिया तथा अन्य सहयोगियों की मदद से भारत के 40 से अधिक मंदिरों में उनका उपयोग किया जा रहा है। असली हाथी के तरह ये मशीनी हाथी भी अपने कान हिला सकते हैं, पूंछ हिला सकते हैं, सूंड उठा सकते हैं, पानी छिड़क सकते हैं और यहां तक कि अपनी पीठ पर लोगों को भी बैठा सकते हैं। मशीनी हाथियों का इस्तेमाल सर्कस, विज्ञापनों, सफारी, शादियों और राजनीतिक रैलियों में भी किया जा चुका है।

हाल ही में, तेलंगाना सरकार देश की पहली सरकार बनी जिसने एक मशीनी हाथी को अपनाया और फिल्म शूटिंग तथा अन्य कार्यक्रमों में उसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया, ताकि असली हाथी अपने परिवारों के साथ अपने प्राकृतिक घर जंगलों में रह सकें। यह मशीनी हाथी हैदराबाद के नेहरू प्राणी उद्यान में रखा गया है और तेलंगाना वन विभाग के माध्यम से उपयोग के लिए उपलब्ध है।

प्राकृतिक वातावरण में हाथी मादा प्रधान झुंडों में रहते हैं, एक-दूसरे की रक्षा करते हैं और झुंड के बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी मिलकर निभाते हैं। जैसा कि इस वीडियो में देखा जा सकता है, जिन हाथियों को इंसानों की सेवा करने के लिए मजबूर किया जाता है, उन्हें अक्सर बचपन में ही उनके परिवारों से जंगलों से छीन लिया जाता है। उन्हें लगभग हर समय जंजीरों में बांधकर रखा जाता है और अंकुश जैसे लोहे के नुकीले हुक वाले डंडों से हिंसा और डर के जरिए प्रशिक्षित किया जाता है। लगातार नियंत्रण और हथियारों के डर में रहने का तनाव कई बार हाथियों को आक्रामक बना देता है, जिसके घातक परिणाम हो सकते हैं।

प्रदर्शन और मनोरंजन के लिए हाथियों के इस्तेमाल को समाप्त करने में मदद करें।