इन्वेस्टिगेशन्स एविडेंस एंड डॉक्यूमेंटेशन ऑफिसर

पद का उद्देश्य (Position Objective)

  • PETA India के Cruelty Investigations Department को सहायता देना। इस काम में जाँच से जुड़े नोट्स, सबूत, फोटो, वीडियो और अन्य दस्तावेज़ों को ध्यान से देखना और उनमें संभावित कानूनी उल्लंघनों की पहचान करना शामिल है।
  • इस पद पर व्यक्ति को जाँच शुरू होने से पहले कानूनी, व्यावहारिक, दस्तावेज़ीकरण, गोपनीयता, उपकरण और अन्य जरूरी मुद्दों पर रिसर्च करके जाँचकर्ताओं को जानकारी देनी होगी।
  • इसके अलावा, स्पष्ट, तथ्यात्मक और कानूनी रूप से सही रिपोर्ट तैयार करना, जाँच के अलग-अलग कामों के लिए विभागीय SOPs (Standard Operating Procedures) बनाना और अपडेट करना, तथा यह सुनिश्चित करने में मदद करना कि जाँच से जुड़ी सभी सामग्री व्यवस्थित, सुरक्षित, सही और उपयोगी हो।
  • इन सामग्रियों का इस्तेमाल कानूनी कार्रवाई, सरकारी अधिकारियों को शिकायत, अभियानों, मीडिया से संपर्क और संगठन के अंदर निर्णय लेने के लिए किया जा सकता है।
  • इस पद पर जाँच कार्य को मुख्य रूप से सहायता दी जाएगी और फोटो व वीडियो सामग्री को व्यवस्थित और कैटलॉग करने में भी दूसरे विभागों की मदद की जाएगी। इस भूमिका में जाँचकर्ताओं और अन्य विभागों के बीच समन्वय करना होगा और गोपनीयता को सबसे अधिक महत्व देना होगा।

नौकरी का प्रकार

फुल-टाइम (Full-time)

स्थान

दिल्ली

रिपोर्ट किसे करें

डायरेक्टर (Director)

मुख्य जिम्मेदारियाँ और काम

1. जाँच के नोट्स और सबूतों की समीक्षा

  • जाँचकर्ताओं द्वारा रोज़ जमा किए गए नोट्स और लॉग को देखना और यह सुनिश्चित करना कि वे स्पष्ट, पूरे, सही, तथ्यात्मक और आगे की कार्रवाई के लिए उपयोगी हों।
  • जाँचकर्ता द्वारा दी गई जानकारी को दूसरी बार ध्यान से जाँचना और किसी भी छूटी हुई जानकारी, अस्पष्ट विवरण, विरोधाभास, सबूतों की कमी या स्पष्टीकरण की जरूरत को चिन्हित करना।
  • जाँच से जुड़े फोटो, वीडियो, दस्तावेज़ और अन्य सामग्री की समीक्षा करना और उनमें मौजूद महत्वपूर्ण तथ्यों, जरूरी जानकारी और संभावित कानूनी उल्लंघनों की पहचान करना।
  • सुपरवाइज़र और जरूरत पड़ने पर कानूनी टीम से सलाह लेकर पशु संरक्षण कानूनों, नियमों, दिशानिर्देशों, लाइसेंस, कोर्ट के आदेश या अन्य कानूनी/नियामक आवश्यकताओं के संभावित उल्लंघनों की सूची बनाना।
  • यह सुनिश्चित करने में मदद करना कि जाँच के दस्तावेज़ इतने मजबूत हों कि उनका इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों को शिकायत देने, कानूनी समीक्षा, अभियान की योजना, मीडिया कार्य और संगठन की अन्य कार्रवाई में किया जा सके।
  • जाँच में बाकी रह गई जानकारी और आगे किए जाने वाले कामों का रिकॉर्ड रखना, जैसे—छूटी हुई जानकारी, अस्पष्ट तथ्य, अतिरिक्त सबूतों की जरूरत, संभावित कानूनी मुद्दे और रिपोर्ट या शिकायत के लिए जरूरी सामग्री।

2. जाँच से पहले रिसर्च और तैयारी

  • जरूरत पड़ने पर जाँच से संबंधित डेस्क रिसर्च करना, ताकि जाँचकर्ता फील्ड में जाने से पहले अच्छी तरह तैयार हो सकें।
  • उन कानूनी, सरकारी नियमों, लाइसेंस, दस्तावेज़, गोपनीयता, सुरक्षा, पहुँच, उपकरण और अन्य मुद्दों की पहचान करना जिनके बारे में जाँचकर्ताओं को जाँच शुरू करने से पहले जानकारी होनी चाहिए।
  • जरूरत के अनुसार संबंधित जानकारी पर रिसर्च करना। इसमें कानून, नियम, दिशानिर्देश, कोर्ट के आदेश, इंडस्ट्री की सामान्य प्रक्रियाएँ, स्थान, संस्थाएँ, पहले की गई शिकायतें, सार्वजनिक रिकॉर्ड और अन्य उपयोगी जानकारी शामिल हो सकती है।
  • जाँचकर्ताओं के लिए छोटी और स्पष्ट pre-investigation briefs, checklists, questions और issue lists तैयार करना, ताकि उन्हें पता हो कि क्या देखना है, क्या रिकॉर्ड करना है और किन बातों को बिना सबूत के मान लेना नहीं है।
  • सुपरवाइज़र और कानूनी टीम के साथ जरूरत के अनुसार काम करना, ताकि जाँच शुरू करने से पहले जाँचकर्ताओं को जरूरी कानूनी बातों की जानकारी हो।
  • डेस्क रिसर्च और पिछली जाँचों में बार-बार सामने आने वाली कानूनी, दस्तावेज़ीकरण या सबूत से जुड़ी समस्याओं के आधार पर जाँच की योजनाओं, SOPs, templates और checklists को अपडेट करना।

3. रिपोर्ट तैयार करना और केस का दस्तावेज़ीकरण

  • फील्ड नोट्स, सबूत, दस्तावेज़, फोटो, वीडियो और अन्य सामग्री के आधार पर स्पष्ट, तथ्यात्मक और अच्छी तरह व्यवस्थित जाँच रिपोर्ट तैयार करना।
  • मीडिया, कानूनी कार्य, अभियानों, सरकार या संगठन के अन्य कामों के लिए जरूरत के अनुसार factsheets, summaries, timelines, background notes, evidence lists और briefing documents तैयार करना।
  • आंतरिक समीक्षा, कानूनी मूल्यांकन, सरकारी शिकायत/प्रस्तुति, पुलिस शिकायत या अभियान के लिए केस की संक्षिप्त जानकारी और briefing documents तैयार करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि सभी रिपोर्ट और factsheets प्रोफेशनल, सही और सबूतों पर आधारित हों तथा उनमें अनुमान या बिना सबूत के दावे न हों।
  • जाँचकर्ताओं और संबंधित कर्मचारियों के साथ मिलकर रिपोर्ट के लिए जरूरी छूटी हुई जानकारी प्राप्त करना, जैसे—तारीख, स्थान, नाम, विवरण, captions, जानकारी के स्रोत और घटना का संदर्भ।
  • जाँच के आधार पर शिकायत, पत्र, कानूनी नोटिस, अभियान प्रस्ताव, मीडिया pitch और अन्य आगे की कार्रवाई के लिए जरूरी सामग्री तैयार करने में मदद करना।
  • रिपोर्ट, factsheets, summaries, सबूतों के संदर्भ, कानूनी उल्लंघनों की सूची और संबंधित पत्राचार का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना।

4. विभागीय SOPs और प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज़

  • जाँच के सभी कामों के लिए विभागीय SOPs तैयार करना, अपडेट करना और संभालकर रखना। इसमें जाँच से पहले की डेस्क रिसर्च, कानूनी और व्यावहारिक मुद्दों की पहचान, नोट्स की समीक्षा, सबूतों को संभालना, रिपोर्ट तैयार करना, फोटो और वीडियो की फाइलिंग, स्रोतों का रिकॉर्ड, गोपनीयता, उपकरणों का इस्तेमाल और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय शामिल है।
  • अपनी भूमिका से जुड़े कामों के लिए SOPs, checklists, templates, instructions, logs और अन्य आसान दिशानिर्देश बनाना और अपडेट करना, ताकि काम एक समान, सही और आसानी से समझने योग्य तरीके से हो।
  • सुपरवाइज़र, जाँचकर्ताओं, कानूनी टीम और संबंधित विभागों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना कि SOPs वर्तमान प्रक्रिया, कानूनी और गोपनीयता संबंधी आवश्यकताओं तथा PETA India के मानकों के अनुसार हों।
  • समय-समय पर और बड़ी जाँच या प्रक्रिया में बदलाव के बाद SOPs की समीक्षा करना, कमियों को पहचानना, उन्हें अधिक स्पष्ट बनाना और पिछली जाँचों से मिली सीख को शामिल करना।
  • यह सुनिश्चित करने में मदद करना कि जाँचकर्ताओं और संबंधित कर्मचारियों को वर्तमान SOPs, templates, filing guidelines, evidence-handling instructions और equipment procedures कहाँ मिलेंगे, इसकी जानकारी हो।

5. जाँचकर्ताओं और अन्य विभागों के बीच समन्वय

  • जाँचकर्ताओं और संबंधित विभागों के बीच मुख्य संपर्क व्यक्ति के रूप में काम करना और यह सुनिश्चित करना कि जानकारी, फुटेज, फोटो, दस्तावेज़, summaries और आगे की जानकारी से जुड़ी माँगों को सही और गोपनीय तरीके से संभाला जाए।
  • PETA India के अलग-अलग विभागों और कर्मचारियों के साथ समन्वय करना, ताकि जाँच के निष्कर्ष और सामग्री सही तरीके से समझी और इस्तेमाल की जाए।
  • दूसरे विभागों की जरूरतों को जाँचकर्ताओं तक पहुँचाना और जाँचकर्ताओं को यह समझने में मदद करना कि कानूनी, अभियान, मीडिया या advocacy के लिए कौन-सी जानकारी, सबूत, captions, timelines, source details, copyright information या अन्य विवरण जरूरी हैं।
  • संवेदनशील जाँच सामग्री को बिना जरूरत इधर-उधर साझा होने से रोकना और केवल अधिकृत कर्मचारियों के साथ जरूरी और स्वीकृत जानकारी ही साझा करना।
  • जाँच से जुड़ी दूसरे विभागों की माँगों का रिकॉर्ड रखना और गोपनीयता तथा विभागीय SOPs का पालन करते हुए समय पर follow-up करना।

6. जाँच के उपकरण और फील्ड के लिए तैयारी

  • जाँच के उपकरण और जरूरी सामान को सही स्थिति में रखना, ताकि जाँचकर्ता फील्ड में जाने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
  • जाँच के उपकरणों की व्यवस्थित inventory रखना। इसमें कैमरा, फोन, ऑडियो/वीडियो उपकरण, बैटरी, चार्जर, मेमोरी कार्ड, स्टोरेज डिवाइस और अन्य फील्ड सामग्री शामिल हो सकती है।
  • यह जाँचना कि उपकरण सही तरीके से काम कर रहे हैं, चार्ज हैं, साफ हैं, उन पर सही लेबल लगा है, उनका रिकॉर्ड मौजूद है और वे असाइनमेंट से पहले और बाद में इस्तेमाल के लिए तैयार हैं।
  • सुपरवाइज़र और संबंधित प्रशासनिक कर्मचारियों से सलाह लेकर उपकरणों की मरम्मत, बदलने, खरीदने, वापस करने, जारी करने और सुरक्षित रखने का समन्वय करना।
  • यह सुनिश्चित करने में मदद करना कि जाँचकर्ताओं के पास असाइनमेंट के लिए जरूरी सभी सामान हों, जैसे उपकरण, स्टोरेज मीडिया, जरूरी फॉर्म, दस्तावेज़ बनाने के साधन और स्वीकृत फील्ड सामग्री।
  • जाँचकर्ताओं को दिए गए उपकरणों का रिकॉर्ड रखना और खोए, खराब, काम न करने वाले या वापस किए गए उपकरणों पर तुरंत follow-up करना।

7. सबूत और जाँच से जुड़ी सामग्री का प्रबंधन

  • जाँच से जुड़े फोटो, वीडियो, दस्तावेज़, नोट्स, लॉग और अन्य सामग्री को विभागीय SOPs के अनुसार व्यवस्थित करना, सही लेबल लगाना, index बनाना और सुरक्षित रखना।
  • यह सुनिश्चित करना कि सबूत और उनसे जुड़ी सामग्री इस तरह रखी जाए कि जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी जल्दी और सही तरीके से मिल सके।
  • जाँच की सामग्री के लिए folders, filing systems, spreadsheets, indexes और logs बनाना और उन्हें अपडेट रखना।
  • फोटो और वीडियो की समीक्षा करके उनमें मौजूद महत्वपूर्ण जानकारी की पहचान करना, जैसे—पशु के साथ हुई क्रूरता के सबूत, पशु की प्रजाति, स्थान, तारीख, दिखाई देने वाले उल्लंघन, फोटो/वीडियो किसने बनाया और कानूनी या अभियान के लिए जरूरी अन्य जानकारी।
  • मूल फाइलों, संबंधित नोट्स, स्रोत की जानकारी, copyright या उपयोग से जुड़ी पाबंदियों और अन्य संदर्भों को सुरक्षित रखना। यह सुनिश्चित करना कि इनमें बदलाव न हो, वे खोए या गलत नाम से सेव न हों और गलत लोगों के साथ साझा न किए जाएँ।
  • संवेदनशील सामग्री को केवल अधिकृत कर्मचारियों तक सीमित रखने में मदद करना।

8. फोटो और वीडियो लाइब्रेरी की सहायता

  • जाँच से जुड़े फोटो, वीडियो, captions और संबंधित नोट्स जैसी audio-visual सामग्री को व्यवस्थित और फाइल करने में मदद करना।
  • जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों की फोटो और वीडियो सामग्री को भी व्यवस्थित करने में मदद करना, लेकिन जाँच से जुड़ा काम इस पद की मुख्य जिम्मेदारी रहेगा।
  • अलग-अलग विभागों की फोटो और वीडियो के लिए यह सुनिश्चित करने में मदद करना कि फाइल में स्पष्ट रूप से यह जानकारी हो कि फोटो/वीडियो किसने बनाया, तारीख और स्थान क्या है (अगर पता हो), यह किस विभाग या केस से जुड़ा है और इसके कानूनी, copyright, ownership, usage या permission संबंधी प्रतिबंध क्या हैं।
  • फोटो और वीडियो को आसान तरीके से नाम देना और व्यवस्थित करना, ताकि कर्मचारी जल्दी समझ सकें कि सामग्री में क्या है, वह कहाँ से आई है, उसका इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं और उसे साझा करने से पहले किससे अनुमति/सलाह लेनी है।
  • फोटो और वीडियो को अलग-अलग categories के आधार पर आसानी से खोजने योग्य बनाने में मदद करना, जैसे—मुद्दा, पशु की प्रजाति, स्थान, तारीख, केस का प्रकार, विभाग, अभियान, स्रोत, photographer/videographer आदि।
  • आंतरिक समीक्षा, रिपोर्ट, कानूनी इस्तेमाल, शिकायत, अभियान की योजना या सार्वजनिक काम के लिए सही फोटो और वीडियो ढूँढने में कर्मचारियों की मदद करना। यह काम approval, copyright, usage और confidentiality की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा।
  • संवेदनशील, graphic, restricted, unpublished, copyrighted या limited-permission वाली सामग्री को सही तरीके से सुरक्षित रखने और संभालने में मदद करना।

9. कानूनी, अभियान और दूसरे विभागों को सहायता

  • सुपरवाइज़र और कानूनी टीम के साथ मिलकर यह समझने में मदद करना कि जाँच के निष्कर्षों से पशु क्रूरता, गैरकानूनी काम, गलत प्रक्रियाओं या नियमों का पालन न करने की संभावना सामने आती है या नहीं।
  • दूसरे विभागों के साथ समन्वय में मदद करना और सही factual summaries, factsheets और briefing documents तैयार करना तथा जरूरी सामग्री ढूँढना।
  • यह सुनिश्चित करने में मदद करना कि जाँच के निष्कर्षों को शिकायत, advocacy, कंपनियों से संपर्क, सरकारी अधिकारियों से बातचीत, मीडिया और लोगों को जागरूक करने जैसे कामों में उपयोगी कार्रवाई में बदला जा सके।
  • जाँच, जाँचकर्ताओं की पहचान, स्रोतों, informants, whistleblowers, जाँच की योजनाओं, सबूतों, अप्रकाशित सामग्री और आंतरिक बातचीत से जुड़ी जानकारी की पूरी गोपनीयता बनाए रखना।

10. सामान्य जिम्मेदारियाँ

  • PETA India की सभी नीतियों, गोपनीयता संबंधी नियमों और विभागीय SOPs का पालन करना।
  • सही जानकारी, गोपनीयता, समझदारी से निर्णय लेने और प्रोफेशनल व्यवहार के उच्च स्तर को बनाए रखना।
  • पशु क्रूरता से जुड़ी संवेदनशील या graphic सामग्री के साथ सावधानी और जिम्मेदारी से काम करना।
  • एक साथ कई कामों को संभालना, समय सीमा के अंदर काम पूरा करना और छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना।
  • PETA India की जाँच, सबूतों के प्रबंधन, SOP बनाने, उपकरणों की तैयारी, डेस्क रिसर्च और पशु संरक्षण से जुड़े कामों में सहायता करने के लिए सुपरवाइज़र द्वारा दिए गए अन्य काम करना।

योग्यताएँ (Qualifications)

  • Law, Criminology, Journalism, Public Policy, Social Work, Animal Protection, Communications या संबंधित क्षेत्र में Bachelor’s degree होना बेहतर है।
  • जाँच में सहायता, डेस्क रिसर्च, कानूनी रिसर्च, केस का दस्तावेज़ीकरण, सबूतों की समीक्षा, रिपोर्टिंग, advocacy, पत्रकारिता, NGO में काम, SOP/process documentation, उपकरणों के समन्वय या संबंधित क्षेत्र में अनुभव होना बेहतर है।
  • अंग्रेज़ी में बहुत अच्छी लिखने की क्षमता होनी चाहिए और स्पष्ट, तथ्यात्मक तथा अच्छी तरह व्यवस्थित reports, factsheets, SOPs और practical guidance documents लिखने आने चाहिए।
  • अच्छी analytical skills होनी चाहिए और notes, photos, videos, documents तथा background research से महत्वपूर्ण तथ्य, कमियाँ, विरोधाभास, जाँच से पहले जरूरी रिसर्च और संभावित कानूनी या पशु क्रूरता से जुड़े मुद्दों की पहचान करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • भारत में पशु संरक्षण कानूनों और उन्हें लागू करने की प्रक्रियाओं की जानकारी होना बेहतर है। अगर पहले से जानकारी नहीं है, तो जल्दी सीखने की क्षमता होनी चाहिए।
  • बहुत अच्छी organisational skills होनी चाहिए और बड़ी मात्रा में digital material, SOPs, process records और equipment records को सही तरीके से संभालने की क्षमता होनी चाहिए।
  • अच्छा judgement और discretion होना चाहिए तथा confidential और sensitive information को जिम्मेदारी से संभालने की क्षमता होनी चाहिए।
  • पशु क्रूरता से जुड़ी परेशान करने वाली या graphic सामग्री के साथ काम करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। Shared drives, spreadsheets, document-management systems और photo/video filing systems का इस्तेमाल करने में सहज होना चाहिए।
  • अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों के साथ प्रोफेशनल तरीके से समन्वय करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • अंग्रेज़ी भाषा में अच्छी पकड़ जरूरी है; हिंदी और/या अन्य भारतीय भाषाओं का ज्ञान अतिरिक्त रूप से बहुत उपयोगी होगा।
  • PETA India के विचारों का समर्थन करना और अलग-अलग मुद्दों पर PETA India के पक्ष को प्रोफेशनल तरीके से लोगों के सामने रखने की क्षमता होनी चाहिए।
  • स्वस्थ वीगन जीवनशैली का पालन करना चाहिए।
  • संगठन के उद्देश्यों और लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए।

आवेदन कैसे करें (How to Apply)

PETA इंडिया में नौकरी के लिए आवेदन करने हेतु PETA इंडिया काJob Application Form भरकर आवेदन करना होगा।