वाराणसी में दो कुत्तों को एयर गन से गोली मारने के मामले में, श्रीमती मेनका गांधी और PETA इंडिया के हस्तक्षेप से प्राथमिकी दर्ज
दो कुत्तों को एयर गन से गोली मारे जाने की जानकारी मिलने के बाद, PETA इंडिया ने वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों, शिवपुर पुलिस थाने, कुत्तों की स्थानीय देखभाल करने वाली डॉ. आकांक्षा सिंह और पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्रीमती मेनका गांधी के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि कानून की सख्त संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाए।
यह घटना 18 अगस्त की रात करीब 10:20 बजे हुई, जब आरोपी अविनाश चंद्र सिन्हा ने टिंगो नामक एक सामुदायिक कुत्ते को एयर गन से गोली मार दी। जब कुत्ते की स्थानीय देखभाल करने वाली डॉ. आकांक्षा सिंह ने इसका विरोध किया, तो उसने असली बंदूक से सभी कुत्तों को मारने की धमकी दी। इसके बाद अगली सुबह, उसने एक अन्य मादा सामुदायिक कुत्ते घुंघरू को भी उसी एयर गन से उसकी गर्दन के पास गोली मार दी। दोनों कुत्तों की जान बचाने के लिए उनकी सर्जरी की गई है और वे अपनी देखभाल करने वाली डॉ. आकांक्षा की देखरेख में हैं।
आरोपी के खिलाफ हाल ही में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (पीसीए), 1960 की धारा 11 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 325 किसी पशु को मारने, जहर देने, अपंग करने या उसे बेकार कर देने जैसी हरकतों को संज्ञेय अपराध मानती है और इसके लिए पांच वर्ष तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
PETA इंडिया श्रीमती मेनका गांधी के साथ-साथ वाराणसी के जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट श्री सत्येंद्र कुमार, आईएएस; वाराणसी के पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल, आईपीएस; वरुणा जोन के पुलिस उपायुक्त श्री गौरव बंसवाल, आईपीएस; और शिवपुर पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक श्री अजीत कुमार वर्मा की सराहना करते हैं, जिन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया और यह स्पष्ट संदेश दिया कि पशुओं के प्रति क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
PETA इंडिया की सलाह है कि पशुओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों की मनोचिकित्सकीय जांच कराई जाए और उन्हें परामर्श दिया जाए, क्योंकि पशुओं के साथ दुर्व्यवहार गहरे मनोवैज्ञानिक विकार का संकेत हो सकता है। शोध से पता चलता है कि पशुओं के प्रति क्रूरता करने वाले लोग अक्सर बार-बार अपराध करते हैं और बाद में अन्य पशुओं, यहां तक कि इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। Forensic Research & Criminology International Journal में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है, “जो लोग पशुओं के प्रति क्रूरता करते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना तीन गुना अधिक होती है। इनमें हत्या, बलात्कार, लूटपाट, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं या मादक पदार्थों का दुरुपयोग जैसे अपराध शामिल हैं।”
जो लोग पशुओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं और इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सभी की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है कि लोग इस तरह की पशु क्रूरता की घटनाओं की सूचना पुलिस को दें।
पशु क्रूरता के खिलाफ सख्त सज़ा की मांग करें
पशुओं के साथ क्रूरता की हमेशा रिपोर्ट करें
