विश्व कबाब दिवस पर पुरस्कार विजेता कबाब चेन ने किया मांस-मुक्त होने का ऐलान

Posted on by Surjeet Singh

PETA यूके के सहयोग से, पुरस्कार विजेता कबाब चेन ग्रेट ब्रिटिश डोनर (GBD) विश्व कबाब दिवस (10 जुलाई) के अवसर पर अपनी दो शाखाओं में पूरी तरह से मीट-फ्री (मांस-मुक्त) विकल्प पेश करके जश्न मना रही है। यह लोकप्रिय चेन, जो दुनिया का पहला वीगन डोनर कबाब तैयार करने के लिए जानी जाती है, मैनचेस्टर और लिवरपूल स्थित अपनी शाखाओं में केवल वीगन भोजन परोसेगी। प्रत्येक स्थान पर शुरुआती 25 ग्राहकों को एक मुफ्त वीगन कबाब मिलेगा और उस दिन सभी भोजन पर 20% की छूट दी जाएगी। ग्राहकों के लिए वीगन विकल्प आज़माना आसान बनाने के लिए यह छूट एक सप्ताह तक जारी रहेगी।

“हम हमेशा से मानते आए हैं कि वीगन होना कोई समझौता नहीं, बल्कि भविष्य है। विश्व कबाब दिवस पर PETA के साथ मिलकर इस धारणा को बदलने की पहल करके हमें खुशी हो रही है। न मांस, न कोई समझौता- बस बेहतरीन स्वादिष्ट भोजन। अगर आपको लगता है कि कबाब के लिए मांस जरूरी है, तो आइए और हमें अपना नजरिया बदलने का मौका दीजिए।”
— मेहमत नेज़िर कोरकुट, GBD के मालिक

वीगन भोजन पशुओं को होने वाली अत्यधिक पीड़ा को रोकने में मदद करता है। PETA इंडिया ने अपने भारत-केंद्रित वीडियो खुलासे “Glass Walls” में बताया है कि अंडों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मुर्गियों को इतनी छोटी-छोटी पिंजरियों में रखा जाता है कि वे अपने पंख तक नहीं फैला सकतीं। गायों और भैंसों को वाहनों में इतनी बड़ी संख्या में ठूंस-ठूंसकर भरा जाता है कि कई बार बूचड़खाने ले जाए जाने से पहले ही उनकी हड्डियाँ टूट जाती हैं, और सूअरों को चीखते हुए उनके दिल में चाकू घोंप दिया जाता है। मछली पकड़ने वाली नावों पर मछलियाँ दम घुटने से मर जाती हैं या जीवित रहते हुए ही उनका शरीर काट दिया जाता है। अंडा उद्योग में नवजात नर चूजों को पीस दिया जाता है, जला दिया जाता है या जिंदा दफना दिया जाता है, क्योंकि वे अंडे नहीं दे सकते और उन्हें अनचाहा समझा जाता है। इसी तरह, डेयरी उद्योग में नर बछड़ों को अक्सर छोड़ दिया जाता है, भूखा मरने के लिए मजबूर किया जाता है या मार दिया जाता है, क्योंकि वे दूध नहीं दे सकते।

इसके अलावा, भोजन के लिए पशुओं को पालना जल प्रदूषण और भूमि क्षरण के प्रमुख कारणों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भी निष्कर्ष निकाला गया है कि जलवायु संकट के सबसे गंभीर प्रभावों से निपटने के लिए दुनिया को वीगन भोजन की ओर बढ़ना आवश्यक है।

एक वीगन व्यक्ति हर साल लगभग 200 पशुओं तक का जीवन बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, वीगन भोजन अपनाने वाले लोगों में हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। भोजन के लिए पशुओं को पालना जल प्रदूषण और भूमि उपयोग का एक प्रमुख कारण भी है, और संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु संकट के सबसे गंभीर प्रभावों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर वीगन भोजन की ओर बदलाव आवश्यक है। PETA इंडिया उन लोगों के लिए निःशुल्क वीगन स्टार्टर किट उपलब्ध कराता है, जो वीगन जीवनशैली अपनाना चाहते हैं।

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