दिल्ली: PETA इंडिया की शिकायत के बाद दिल्ली वन विभाग ने कैद किए गए भारतीय प्रजाति के बंदर को बचाया

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19 December 2025

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दिल्ली—परमपुरी के एक निवासी से शिकायत मिली कि एक भारतीय प्रजाति के बंदर (रीसस मकाक) को अवैध रूप से कर फ्लैट में बड़ी क्रूरता से जंजीरों में बाँधकर कैद में रखा हुआ है, इसके तुरंत बाद पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (PETA इंडिया) ने दिल्ली वन विभाग के साथ मिलकर इस पशु का रेस्क्यू किया।

बंदर को कैद में रखने और उसे रिहा करवाने के वीडिओ मांगे जाने पर उपलब्ध करआए जाएंगे।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MOEFCC) ने अपने पत्र संख्या F. No. WL-8/91/2024-WL, दिनांक 09 सितंबर 2024 में स्पष्ट किया है कि रीसस मकाक (भारतीय प्रजाति के बंदर) को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WPA), 1972 की अनुसूची IV की परिशिष्ट II के अंतर्गत संरक्षित किया गया है। और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WPA), 1972 की धारा 49M के अनुसार, अनुसूची IV में सूचीबद्ध किसी भी पशु प्रजाति का जीवित पशु अपने पास रखने वाले हर व्यक्ति को उस पशु की जानकारी मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (CWLW) को देना अनिवार्य है।

धारा 49M के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए MOEFCC ने 28 फरवरी 2024 को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से ‘लिविंग एनिमल स्पीशीज (रिपोर्टिंग एंड रजिस्ट्रेशन) नियम, 2024 अधिसूचित किए। इन नियमों के अनुसार, WPA, 1972 की अनुसूची IV में सूचीबद्ध किसी भी प्रजाति के जीवित पशु को अपने पास रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उस पशु का विवरण देना होगा और संबंधित राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को PARIVESH 2.0 पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया राजपत्र अधिसूचना जारी होने की तारीख से छह माह के भीतर या ऐसे पशु को अपने कब्जे में लेने के तीस दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।

इस प्रकार, Parivesh पोर्टल पर पंजीकरण के बिना रीसस मकाक (भारतीय प्रजाति के बंदर) को कैद में रखना एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए तीन वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।

PETA इंडिया की सीनियर क्रुएल्टी रिस्पॉन्स कोऑर्डिनेटर, सिंचना सुब्रमण्यन कहती हैं, “PETA इंडिया दिल्ली वन विभाग, विशेष रूप से पश्चिम दिल्ली के उप वन संरक्षक, आईएफएस श्री विपुल पांडे, जी की अवैध रूप से कैद किए गए बंदर को बचाने और मुक्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की सराहना करता है। हम दयालु नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे सतर्क रहें और वन्यजीवों या अन्य पशुओं के साथ किसी भी तरह की क्रूरता की सूचना वन विभाग या पुलिस को दें।”

हिंदू धर्म में पूजनीय होने के साथ-साथ, रीसस मकाक स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में बीज फैलाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह मुख्य रूप से उनके फल-आधारित आहार के कारण होता है, और उनकी अनुपस्थिति जंगलों के लिए हानिकारक हो सकती है।

पशुओं के प्रति क्रूरता या उनसे जुड़ी किसी भी आपात स्थिति की रिपोर्ट करने के लिए कृपया PETA इंडिया को 98201 22602 पर कॉल करें।

PETA इंडिया, जो इस सिद्धांत के तहत काम करता है कि “पशु किसी भी तरह से हमारा मनोरंजन करने के लिए नहीं हैं“, प्रजातिवाद (स्पीशीज़िज़्म) का विरोध करता है जो मानव-श्रेष्ठतावादी दृष्टिकोण है जिसके तहत इंसान इस दुनिया में स्वयं को सर्वोपरि मानकर अन्य प्रजातियों का शोषण करना अपना अधिकार समझता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया PETAIndia.com पर जाए और हमें XFacebook, एवं Instagram पर फॉलो करें।

 

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