भोपाल: PETA इंडिया की पहल पर कुत्ते को रौंदने वाले वाहन चालक के खिलाफ FIR दर्ज
भोपाल में एक भयावह घटना सामने आई, जिसमें एक मोटर चालक ने लापरवाही और जानबूझकर तेज गति से गाड़ी चलाते हुए कुछ कुत्तों और दो फीडर्स के बीच से गुजरते समय एक कुत्ते को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि कुत्ते को गम्भीर चोटें आईं, जबकि दो फीडर्स बाल-बाल बच गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (PETA इंडिया) ने फीडर्स और टीटी नगर पुलिस के साथ मिलकर तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाने में मदद की।
यह घटना 21 जुलाई को रात करीब 10 बजे भोपाल के शास्त्री नगर क्षेत्र में हुई। टीटी नगर पुलिस स्टेशन ने मोटरसाइकिल सवार के खिलाफ CCTV फुटेज के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 281, 325, 296, 351(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की। घायल कुत्ते को फेफड़े में गंभीर चोट (पंक्चर लंग) आई थी, और वह फिलहाल अपने प्यार करने वाले फीडर्स की देखभाल में धीरे-धीरे ठीक हो रहा है।
BNS, 2023 की धारा 325 के अनुसार, किसी भी पशु को घायल करना या मारना गंभीर अपराध माना गया है, जिसके लिए पाँच साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
PETA इंडिया हम टीटी नगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर श्री राघवेंद्र सिंह की सराहना करते हैं, जिन्होंने FIR दर्ज कर यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी प्रकार की हिंसा को सहन नहीं किया जाएगा।
PETA इंडिया पशु क्रूरता के अपराधियों की मनोदशा का मूल्यांकन और काउंसलिंग की सिफारिश करता है क्योंकि पशुओं के प्रति शोषण के कृत्य एक गहरी मानसिक अशांति को इंगित करते हैं। शोध से पता चला है कि जो लोग पशुओं के खिलाफ क्रूरता करते हैं, वह अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं व मनुष्यों को भी चोट पहुंचाने का प्रयास करते हैं। फोरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना 3 गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”
PETA इंडिया पशु क्रूरता के अपराधियों की मनोदशा का मूल्यांकन और काउंसलिंग की सिफारिश करता है क्योंकि पशुओं के प्रति शोषण के कृत्य एक गहरी मानसिक अशांति को इंगित करते हैं। शोध से पता चला है कि जो लोग पशुओं के खिलाफ क्रूरता करते हैं, वह अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं व मनुष्यों को भी चोट पहुंचाने का प्रयास करते हैं। फोरेंसिक रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना 3 गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”
