PETA इंडिया, ‘सौन्दर्य प्रसाधनों’ पर जारी उस नयी नियमावली का स्वागत करता है जिसमे पशुओं पर परीक्षण करके बनाए गए सौन्दर्य प्रसाधनों की आयात प्रक्रिया को और कठोर बनाया गया है।

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21 December 2020

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PETA इंडिया द्वारा सरकार को भेजे गए सुझावों की मदद से सौन्दर्य प्रसाधनों की आयात प्रक्रिया के संबंध में जारी नयी नियमावली में जांच के कढ़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।

नई दिल्ली – पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया द्वारा दिये गए  विभिन्न सुझावों की मदद से ‘स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय’ ने “सौंदर्य प्रसाधन नियम 2020” ज़ारी किए हैं। सौंदर्य प्रसाधनों के परीक्षण, उत्पादन, बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और आयात बनी इस नियमावली में जांच के नए नियम और प्रावधान शामिल किए गए हैं जिससे पशु-परीक्षित सौंदर्य प्रसाधनों के आयात पर लगे प्रतिबंध को सख़्ती से लागू किया जा सके।

वर्ष 2014 में केंद्र सरकार द्वारा पशु-परीक्षित सौंदर्य प्रसाधनों के आयात पर प्रतिबंध लगाए जाने के तुरंत बाद, PETA इंडिया ने इस कानून के स्पष्ट उल्लंघन के सबूत सरकार के सामने प्रस्तुत किए थे। PETA इंडिया द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों में साबित किया गया था कि कई कंपनियाँ भारत में जो सौंदर्य प्रसाधन बेच रही हैं वे उसी नाम से चीन में भी बिक्री के लिए पंजीकृत हैं, जहां सौंदर्य प्रसाधनों का जानवर परीक्षण अनिवार्य है। चीन में अपने उत्पाद बेचने के लिए हर कंपनी को उन उत्पादों का परीक्षण क्रूरतापूर्ण ढंग से चूहों के गलों में डालकर, जीवों की त्वचा शेव करके या खरगोशों की आँखों में जबरन रगड़कर किया जाता है। PETA इंडिया ने यह भी सूचित किया कि भारत में वैध उत्पादों का आयात सुनिश्चित करने हेतु, अधिकारी सिर्फ़ आयातकों द्वारा दिए गए घोषणा-पत्रों पर आश्रित रहते है जबकि उनको स्वयं सुरक्षा जानकारी की जांच करके जानवरों पर परीक्षित उत्पादों के आयात और बिक्री पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना चाहिए।

नए नियमों के अनुसार, उत्पादकों और आयातकों के लिए यह अनिवार्य है कि वह केवल गैर पशु-परीक्षण विधियाँ का प्रयोग करके उसकी सुरक्षा जानकारी, व उनके द्वारा उपयोग किए गए विशेष तरीकों और उन देशों की सूची जमा कराएं जहां उन्हें बिक्री या आयात की अनुमति प्राप्त है। इसके साथ उन्हें एक घोषणा-पत्र भी लगाना होगा जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेखित होगा कि, “हमारे द्वारा उत्पादित ऐसे किसी भी सौंदर्य प्रसाधन का आयात भारत में नहीं किया जाएगा जिसका परीक्षण जानवरों पर किया गया हो।“

PETA इंडिया की रिसर्च एसोसिएट डॉ. अंकिता पांडे ने कहा, “हम भारत सरकार के आभारी है कि उन्होंने हमारे सुझावों को स्वीकार किया और पशु-परीक्षित सौंदर्य प्रसाधनों के आयात पर लगाई गई रोक को सख़्ती से अमल में लाने हेतु कदम उठाए। हम आशा करते है कि नए नियम की मदद से इस प्रतिबंध का व्यावहारिक रूप से पालन संभव हो पाएगा।“

PETA इंडिया से बातचीत के बाद उठाये गए इन कदमों द्वारा, भारत दक्षिण एशिया का ऐसा पहला देश बन था जिसने सौंदर्य प्रसाधनों और उनमें प्रयोग होने वाली सामग्री के पशु-परीक्षण पर रोक लगा दी थी और ऐसे उत्पादों के आयात को भी प्रतिबंधित कर दिया था। इन नियमों का मूल सिद्धांत यह है कि किसी भी नए सौंदर्य उत्पाद हेतु जानवरों का शोषण करना बिल्कुल भी जायज़ नहीं है।

PETA इंडिया इस सिद्धांत में विश्वास रखता है ― “जानवर किसी भी तरह से हमारे प्रयोगों के लिए नहीं है”   प्रजातिवाद का विरोध करता है। प्रजातिवाद एक ऐसी विचारधारा है जिसमे इंसान स्वयं को इस दुनिया में सर्वोपरि मानकर अपने फायदे के लिए अन्य प्रजातियों का शोषण करना अपना अधिकार समझता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमारी वेबसाईट PETAIndia.com पर जाएं।

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