बेलगावी प्रशासन ने चिंचली जात्रा के लिए सुरक्षित और पशु-अनुकूल परिवहन पर 150 से अधिक अधिकारियों के लिए कार्यशाला आयोजित करने हेतु PETA इंडिया को आमंत्रित किया
For Immediate Release:
18 July 2026
Contact:
Meet Ashar; [email protected]
Anushka Yadav; [email protected]
बेलगावी – कल बेलगावी जिले के पुलिस, पशुपालन, राजस्व, परिवहन और पंचायत विभागों के 150 से अधिक अधिकारी सुवर्ण विधान सौधा, बेलगावी में आयोजित एक जागरूकता कार्यशाला में शामिल हुए। यह कार्यशाला पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA इंडिया) द्वारा आयोजित की गई। इसका उद्देश्य बेलगावी के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट (DC & DM) श्री मोहम्मद रोशन, आईएएस, द्वारा जारी उस आदेश के प्रभावी पालन और क्रियान्वयन के बारे में अधिकारियों को जानकारी देना था, जिसका उद्देश्य वार्षिक चिंचली मेले (मायक्का देवी जात्रा) में आने-जाने के लिए सुरक्षित और पशु-अनुकूल परिवहन सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर बेलगावी के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री मोहम्मद रोशन, आईएएस; बेलगावी ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री के. रामराजन, आईपीएस; बेलगावी के उपनिदेशक, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉ. रवि एस. सालिगौदार; तथा श्री रोहित सिंह, आईएएस (P) सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला की तस्वीरें और वीडियो मांगे जाने पर प्रदान किये जाएंगे।
PETA इंडिया द्वारा साझा की गई चिंताओं के बाद बेलगावी के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री मोहम्मद रोशन, आईएएस, ने कर्नाटक पुलिस अधिनियम, 1963 की धारा 31 के तहत एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया। इस आदेश के अनुसार वार्षिक चिंचली मायक्का देवी मेले में आने-जाने के लिए पशुओं का उपयोग करने वाले परिवहन की जगह पशु-मुक्त परिवहन का उपयोग अनिवार्य किया गया है। इस आदेश में यात्रियों को ले जाने के लिए पशुओं द्वारा खींची जाने वाली गाड़ियों के उपयोग, मेले में पशुओं को लाने-ले जाने, पशु दौड़ों और ऐसी अन्य गतिविधियों पर रोक लगाई गई है, जिनसे पशुओं को पीड़ा हो सकती है या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। आदेश में पुलिस, परिवहन, राजस्व, पशुपालन विभागों तथा स्थानीय प्रशासन को मिलकर इसे लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब तक अनेक श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा बैलगाड़ियों, घोड़ागाड़ियों और टट्टुओं द्वारा खींची जाने वाली गाड़ियों से करते रहे हैं, लेकिन यह आदेश पशुओं के कल्याण और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए बसों और अन्य गैर-पशु परिवहन के उपयोग को सुनिश्चित करता है। इस नए आदेश के तहत स्थानीय संस्था एनिमल राहत ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि चिंचली मेले में जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को, जिन्हें बस या अन्य यांत्रिक परिवहन की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध कराया जाएगा।
यह जागरूकता कार्यशाला PETA इंडिया के कानूनी सलाहकार एवं क्रूरता प्रतिक्रिया निदेशक मीत अशर ने संचालित की, जिनकी सहायता PETA इंडिया की वरिष्ठ क्रूरता प्रतिक्रिया समन्वयक सिंचना सुब्रमण्यम ने की। यह कार्यशाला बेलगावी के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री मोहम्मद रोशन, आईएएस, के संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट के आदेश, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA Act), 1960 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के तहत विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों, आदेश को लागू करने की व्यवस्था तथा आदेश का उल्लंघन होने पर लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
यह महत्वपूर्ण पहल बेलगावी के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री मोहम्मद रोशन, आईएएस, के संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व में संभव हो सकी। उनके निर्देश पर चिंचली मेले के शुरू होने से पहले सरकारी अधिकारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, ताकि सभी विभाग मिलकर इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
PETA इंडिया के कानूनी सलाहकार एवं क्रूरता प्रतिक्रिया निदेशक मीत अशर ने कहा, “पशुओं पर क्रूरता रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेलगावी जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों से चिंचली मेला अधिक सुरक्षित और शुभ तरीके से आयोजित हो सकेगा। PETA इंडिया इस प्रयास में जिला प्रशासन का सहयोग करके प्रसन्न है। पशुओं और पूरे समाज की ओर से हम श्री मोहम्मद रोशन, आईएएस, के नेतृत्व वाले जिला प्रशासन और इस पहल में शामिल सभी विभागों की सराहना करते हैं, जिन्होंने पशु संरक्षण और सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीरता से लिया है।”
जब बैलों, घोड़ों और अन्य पशुओं को कठिन परिस्थितियों में सैकड़ों किलोमीटर दूर मेलों तक जाने के लिए मजबूर किया जाता है, तो उनमें से कई थकावट के कारण गिर पड़ते हैं, घायल हो जाते हैं, उनकी हड्डियां टूट जाती हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है। वहीं, लोगों के लिए भी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर दर्द और थकान के बावजूद पशुओं को चलते रहने के लिए नुकीले हथियारों और बिजली के झटके देने वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
ये पहलें PETA इंडिया के उस निरंतर प्रयास का हिस्सा हैं, जिसके तहत पूरे भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी अधिकारियों को पशु संरक्षण संबंधी कानूनों के बारे में जागरूक किया जाता है, ताकि पशुओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को गंभीरता से लिया जाए और पशु संरक्षण कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
PETA इंडिया ने सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर और सतारा के जिला कलेक्टरों को भी पत्र लिखकर उनसे इसी तरह के आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। इन पत्रों में उनसे बेलगावी के उपायुक्त एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश को लागू कराने में सहयोग करने का भी अनुरोध किया गया है।
PETA इंडिया इस सिद्धांत के तहत काम करता है कि “पशु हमारे मनोरंजन के लिए उपयोग करने की वस्तु नहीं हैं”, प्रजातिवाद (स्पीशीज़िज़्म) का विरोध करता है, जो यह मानता है कि मनुष्य अन्य सभी प्रजातियों से श्रेष्ठ है। अधिक जानकारी के लिए PETAIndia.com पर जाएं या X, Facebook अथवा Instagram पर PETA इंडिया को फॉलो करें।
#