मुंबई: PETA इंडिया के हस्तक्षेप के बाद कुत्ते की हत्या के प्रयास को लेकर एफआईआर दर्ज।

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14 August 2025

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मुंबई: एक समुदायिक कुत्ते को मोटे बांस के डंडे से सिर पर बेरहमी से पीटे जाने का भयावह वीडियो मिलने के बाद, पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया ने स्थानीय स्वयंसेविका अर्चि पत्नायक के सहयोग से साकीनाका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके परिणामस्वरूप आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA Act), 1960 की धारा 11(1)(a) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

यह घटना 31 जुलाई को रात लगभग 9:15 बजे, जरी मरी, कुर्ला-अंधेरी रोड स्थित मदीना मस्जिद के पास तार गली के पास हुई थी। वीडियो में आरोपी को मोटे बांस के डंडे से कुत्ते के सिर पर वार करते हुए देखा गया। घायल कुत्ते को इलाज के लिए परेल स्थित बाई साकरबाई दिनशॉ पेटिट एनिमल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पशु चिकित्सा उपचार और ठीक होने के बाद कुत्ते को 6 अगस्त को तार गली में वापस छोड़ दिया गया।

भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 के अनुसार किसी भी जानवर को घायल करना या मारना एक संज्ञेय अपराध है, जिसमें पांच साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। किसी जानवर को मारने, विकृत करने या विष देने का प्रयास धारा 62 और धारा 325 के तहत संज्ञेय अपराध माना गया है। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA Act), 1960 की धारा 11(1)(a) के तहत किसी भी जानवर को पीटना, लात मारना, प्रताड़ित करना या अनावश्यक पीड़ा पहुँचाने वाला व्यवहार करना प्रतिबंधित है।

PETA इंडिया की क्रूरता प्रतिक्रिया समन्वयक श्रीधरा पुरोहित ने कहा, “जो लोग पशुओं के साथ क्रूरता करते हैं, वे अक्सर आगे चलकर इंसानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सभी की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि आमजन ऐसे मामलों में पुलिस को सूचित करें। उन्होंने साकीनाका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री प्रमोद तावड़े की इस मामले में FIR दर्ज करने और यह स्पष्ट संदेश देने के लिए सराहना की कि जानवरों के प्रति क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

PETA इंडिया का सुझाव है कि पशु क्रूरता के आरोपियों की मानसिक स्थिति की जांच की जाए और उन्हें परामर्श दिया जाए, क्योंकि जानवरों के प्रति क्रूरता गहरे मनोवैज्ञानिक असंतुलन को दर्शाती है। शोध से यह भी साबित हुआ है कि जो व्यक्ति जानवरों के साथ क्रूरता करते हैं, वे अक्सर दोहरावदार अपराधी होते हैं और आगे चलकर इंसानों सहित अन्य जानवरों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। Forensic Research & Criminology International Journal में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि जो लोग पशु क्रूरता में संलिप्त होते हैं, उनमें हत्या, बलात्कार, लूट, हमले, उत्पीड़न, धमकी, और नशा संबंधित अपराध करने की संभावना तीन गुना अधिक होती है।

PETA इंडिया – जिसका आदर्श वाक्य है कि “पशु किसी भी तरह से हमारे शोषण के लिए नहीं हैं” – प्रजातिवाद (speciesism), यानी मानव सर्वोच्चता आधारित सोच का विरोध करता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया PETAIndia.com पर जाएं या X (Twitter), Facebook और Instagram पर संगठन को फॉलो करें।

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